ट्रेंडिंग न्यूज़

Hindi News उत्तर प्रदेशआठवीं में दो बार फेल, फिर धमकी, बृजभूषण शरण सिंह ने बच्चों को सुनाई दबंगई की कहानी

आठवीं में दो बार फेल, फिर धमकी, बृजभूषण शरण सिंह ने बच्चों को सुनाई दबंगई की कहानी

महिला पहलवानों का शोषण करने के आरोपों में फंसे भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह बचपन से ही दबंग हैं। यह खुद उन्होंने गोंडा में मेधावी बच्चों के सम्मान समारोह में बताई है। कांग्रेस ने इसे लेकर निशाना साधा।

आठवीं में दो बार फेल, फिर धमकी, बृजभूषण शरण सिंह ने बच्चों को सुनाई दबंगई की कहानी
Yogesh Yadavलाइव हिन्दुस्तान,गोंडाMon, 20 Nov 2023 04:25 PM
ऐप पर पढ़ें

महिला पहलवानों का शोषण करने के आरोपों में फंसे भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह बचपन से ही दबंग हैं। यह खुद उन्होंने गोंडा में मेधावी बच्चों के सम्मान समारोह में बताई है। बृजभूषण शरण सिंह ने मेधावी बच्चों को जिस तरह से अपनी दबंगई के किस्से सुनाए हर कोई हैरान है। कांग्रेस ने इसे लेकर निशाना भी साधा है। बृजभूषण शरण सिंह का वीडियो भी कांग्रेस ने एक्स पर पोस्ट किया है। इसमें बृजभूषण शरण सिंह बच्चों को संबोधित कर रहे हैं। 

वीडियो में दिख रहा है कि बृजभूषण शरण सिंह प्रतिभा सम्मान समारोह में बच्चों को संबोधित कर रहे हैं।इसमें वह बताते हैं कि किस तरह से उन्होंने आठवीं की परीक्षा पास की थी। इस दौरान बृजभूषण शरण सिंह के पीछे ही एक कतार में स्कूल की टीचर और अन्य महिलाएं भी बैठी दिखाई दे रही हैं। बृजभूषण शरण सिंहने बच्चों को बताय कि मैं आठवीं में दो बार फेल होने के बाद जमकर नकल की तब तीसरी बार में पास हुआ। मैं शुरू से ही दबंग हूं। 

भाजपा सांसद प्रतिभा सम्मान समारोह के दौरान मेधावियों को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान वो बचपन से ही दबंग होने का वाकया सुनाने लगे। मंच से छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि मैं आठवीं में दो बार फेल हुआ। इसके बाद आठवीं के लिए सरकार ने बोर्ड परीक्षा का ऐलान कर दिया। जब फेल हुआ था तो होम एग्जाम होता था।

तीसरे साल बोर्ड परीक्षा में किसी तरीके से सभी सब्जेक्ट में मैंने जोरदार तरीके से नकल की लेकिन अंग्रेजी के दिन मेरे हाथ पांव फूल गए क्योंकि अंग्रेजी देवी मेरी समझ में नहीं आती थी। हमने देखा कि हमारे बगल में एक लड़का तिवारी बहुत अच्छी अंग्रेजी लिख रहा था। उससे कहा कि पहले हमारा लिख दो, वह बड़े जोर से चिल्लाया कि नहीं लिखेंगे। हमने कहा चिल्लाओ मत लिख दो, नहीं तो गेट से बाहर निकलोगे तो हाथ पैर तोड़ देंगे। कोई डर नहीं था, हम शुरू से दबंगबाज थे। सरावां के एक तिवारी जी टीचर थे, वो उन्हीं का लड़का था। लड़का चिल्लाया तो हमारे पड़ोस के एक शिवशंकर तिवारी टीचर थे, वह आए और पूछा कि ठाकुर साहब यह क्या हो रहा है?

हमने कहा गुरुजी हमको पेपर समझ में नहीं आ रहा है इसलिए मैंने इससे कहा कि पहले हमारा लिख दो। शिक्षक नाराज होते हुए बोले कि यह ठीक नहीं है, यह नहीं चलेगा। हमने कहा कि गुरूजी कुर्सी-मेज तक पास होकर 11वीं में पहुंच गए, हम अभी तक यहीं बैठे हैं। इसलिए गुरूजी ऐसा न करो। फिर उस लड़के से पेंसिल से कॉपी लिखवाई और उस पर स्याही चढ़ा दी। जिससे राइटिंग एक जैसी न होने पाए। 

इस दौरान पंचायत हुई तो एक शिवपूजन जो कि कोतवाल थे आए। पंचायत हुई तो बोले कि देखो भाई पढ़ाई के बारे में तो हम नहीं जानते लेकिन यह खेलने में बहुत अच्छा है। सांसद ने कहा कि हम खेलने में बहुत अच्छे थे। वालीबॉल उस समय खेलते थे, लेकिन मारपीट में बेहतरीन थे। खैर हम पास हो गए और 57 प्रतिशत नंबर पाकर पास हुए। सांसद की यह स्वीकारोक्ति सुनकर मेधावियों ने जमकर ठहाके लगाए।

इसे लेकर कांग्रेस ने निशाना साधा है कांग्रेस ने वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा कि यह दास्तां हैं भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह की। और ये कहानी उन्होंने खुद सुनाई। वो भी प्रतिभा सम्मान समारोह में। यानी, प्रतिभावान बच्चों को वो क्या शिक्षा दे रहे थे? गुंडई करने की या नकल...? हालांकि सांसद जी के भाषण से एक बात तो कन्फर्म हो गई कि महिला खिलाड़ियों के इतना कहने बावजूद भी सत्ता के कान पर जल्दी जूं क्यों नहीं रेंगा...क्योंकि सत्ताधीश साहब और सांसद जी दोनों की शिक्षा-दीक्षा लगभग समान ही है।

हिन्दुस्तान का वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें