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पुलवामा हमला की आंखों देखी: 'आत्मघाती हमलावर जवानों की और गाड़ियों को चपेट में लेना चाहता था'

pulwama attack

जिस पुलवामा हमले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है, आतंकी मंजर को अलीगढ़ की कस्बा पिसावा के दो जवानों ने अपनी आंखों से देखा है। इसमें आतंकी हमलावर की मंशा जवानों की अन्य गाड़ियों को चपेट में लेने की मंशा थी। इसका उसने प्रयास भी किया। हमले को आंखों से देखने वालों में एक जवान तो विस्फोटक लदी गाड़ी के टकराने के दौरान बाल-बाल बच गया, जबकि दूसरा जवान राहत और बचाव कार्य में जुट गया। आतंकी हमले का आंखों देखा हाल जवान ने फोन पर हिन्दुस्तान को बताया।

गांव बसेरा के पंकज कुमार बाल्यान सीआरपीएफ की 72 बटालियन में हेडकॉन्सटेबल के पद पर तैनात हैं। पंकज के मुताबिक उनकी गाड़ी भी उन 78 गाड़ियों की कानवाई में शामिल थी, इनकी गाड़ी विस्फोट की चपेट में आई गाड़ी से ठीक आगे थी। पहले हमलावर ने इन्ही गाड़ी को इस तरह चपेट में लेने का प्रयास किया कि एक के बाद एक सीआरपीएफ के वाहन इसकी चपेट में आ जाएं। लेकिन आतंकी की गाड़ी इससे टकराती उससे पहले ड्राइवर ने बचाते हुए अपनी गाड़ी को निकाल लिया।

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इसके पीछे आ रही जवानों की गाड़ी आतंकी की विस्फोटक से भरी कार की चपेट में आ गई और विस्फोट हो गया। विस्फोट इतना तेज था कि आगे निकल चुकी पंकज बाल्यान की गाड़ी के शीशे भी टूट गए जिससे वह जख्मी हो गया और उसके हाथ में चोटें आ गईं। सीआरपीएफ के जवान मौके पर मदद के लिए पहुंचे।।बचाव कार्य में गांव बसेरा का राम सिंह पहुंचा। जवान पंकज ने बताया कि धमाके बाद मौके पर ही ज्यादातर जवानों ने दम तोड़ दिया था।

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  • Web Title:eye witness soldier of pulwama attack said terrorist also attack some other soldiers vehicles