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Hindi News उत्तर प्रदेशमुरादाबाद और बरेली के गांवों की चमकेगी किस्मत, योगी सरकार ने शहरों का दायरा बढ़ाने की दी मंजूरी

मुरादाबाद और बरेली के गांवों की चमकेगी किस्मत, योगी सरकार ने शहरों का दायरा बढ़ाने की दी मंजूरी

योगी सरकार ने पश्चिमी यूपी के 2 विकास प्राधिकरणों बरेली और मुरादाबाद का दायरा बढ़ाने का फैसला लिया है। बरेली के 35 और मुरादाबाद के 71 गांवों को शामिल किया जाएगा।

मुरादाबाद और बरेली के गांवों की चमकेगी किस्मत, योगी सरकार ने शहरों का दायरा बढ़ाने की दी मंजूरी
Pawan Kumar Sharmaहिन्दुस्तान,मुरादाबादTue, 25 Jun 2024 08:42 PM
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राज्य सरकार ने पश्चिम यूपी के दो विकास प्राधिकरणों बरेली और मुरादाबाद का दायरा बढ़ाने का फैसला किया है। बरेली में 35 और मुरादाबाद में 71 गांवों को शामिल किया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में यह फैसला हुआ।

बरेली विकास प्राधिकरण का गठन अप्रैल 1977 हुआ था, उस समय इसमें 198 गांवों को शामिल किया गया था। साल 2008 में बरेली विकास प्राधिकरण की सीमा में जरूरत के आधार पर 66 गांवों को शामिल किया गया। इनमें से 49 गांव नगर निगम बरेली, एक नगर पंचायत रिठौरा, एक नगर पंचायत ठिरिया निजावत खां, एक नगर पंचायत भिटौरा नौगवा उर्फ फतेहगंज पश्चिमी में शामिल हो जाने से बरेली विकास क्षेत्र में 212 गांव ही बचे।

बरेली विकास प्राधिकरण के विकास क्षेत्र सीमा विस्तार की जरूरत होने से तहसील सदर के 5, आंवला के 14 और फरीदपुर के 16 गांवों यानी कुल 35 गांवों को बरेली विकास प्राधिकरण की सीमा में शामिल करने का फैसला किया गया है। मुरादाबाद विकास प्राधिकरण का गठन जून 1982 में किया गया था। नगर पालिका सीमा में आने वाले और विनयिमित क्षेत्र के 62 गांवों के अलावा आसपास के 118 गांवों को शामिल करते हुए 180 गांवों के साथ मुरादाबाद विकास प्राधिकरण क्षेत्र घोषित किया गया था। मौजूदा जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विकास प्राधिकरण सीमा क्षेत्र में विस्तार का फैसला किया गया है। इसमें तहसील कांठ के 18 गांव, मुरादाबाद के 34, संभल के तीन, अमरोहा के 16 गांवों को विकास प्राधिकरण सीमा में शामिल करने का फैसला किया गया है।

बरेली व मुरादाबाद शहर के आसपास के क्षेत्रों में जनसंख्या वृद्धि और प्रमुख मार्गों पर तीव्र औद्योगिक व व्यवसायिक गतिविधियां हैं। इसके कारण शहर और आसपास के क्षेत्रों में होने वाले विकास व निर्माण कार्य को सुनियोजित विकास का स्वरूप देने के लिए सीमा विस्तार का फैसला किया गया है।

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