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विस्फोट से दहला मेरठ का गंगानगर इलाका, कबाड़ी की मौत, दो अन्य घायल

मेरठ में गंगानगर में अमहेडा रोड पर बुधवार सुबह 9.45 बजे कबाड़ी की दुकान में तेज विस्फोट हुआ। इस दौरान कबाड़ी की मौत हो गई, जबकि दो अन्य लोग भी घायल हुए। सभी को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

विस्फोट से दहला मेरठ का गंगानगर इलाका, कबाड़ी की मौत, दो अन्य घायल
Yogesh Yadavलाइव हिन्दुस्तान,मेरठWed, 29 Nov 2023 08:20 PM
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मेरठ के गंगानगर में अमहैड़ा रोड पर बुधवार सुबह 9.45 बजे के आसपास कबाड़ी की दुकान में तेज विस्फोट हुआ। बताया गया कि सेना के किसी विस्फोटक उपकरण में विस्फोट हुआ। इससे पूरा इलाका दहल गया। धमाके में कबाड़ी के शरीर के चीथड़े उड़ गए। उसकी मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य लोग घायल हो गए। सूचना पर आर्मी इंटेलीजेंस, एलआईयू, बम निरोधक दस्ता, फोरेंसिक टीम और कई थानों की फोर्स मौके पर पहुंची। पुलिस की ओर से मृत कबाड़ी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। 
मुजफ्फरनगर के मीरापुर निवासी तौसीफ (65) पुत्र अजीज कबाड़ी थे और वर्तमान में इंचौली में ईदगाह के पास किराये के मकान में रहते थे। इनकी गंगानगर में अमहैड़ा रोड पर कबाड़ की दुकान है।

बुधवार सुबह करीब 9.45 बजे तौफीक दुकान में ही एक गोले को तोड़ रहे थे। इसी दौरान तेज विस्फोट हो गया। विस्फोट से आसपास का पूरा इलाका दहल गया और कई मकानों की खिड़कियों के शीशे टूट गए। तौफीक का शरीर चीथड़ों में बिखर गया और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, सामने की दुकान पर बैठे कारपेंटर फहीमुद्दीन और तौफीक की दुकान के बाहर बैठे रामेंद्र कुमार भी गंभीर घायल हो गए। दोनों घायलों की हालत खतरे से बाहर बताई गई है। 

84-एमएम-आरएल ट्रेनिंग शैल निकला विस्फोटक
विस्फोट की सूचना पर एसपी देहात कमलेश बहादुर तीन थानों की फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और घायलों को अस्पताल पहुंचाया। इसके बाद आर्मी इंटेलीजेंस, एलआईयू, आईबी, बम निरोधक दस्ता और फोरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। जांच के बाद बताया गया कि कबाड़ी की दुकान में 84-एमएम-आरएल ट्रेनिंग शेल में विस्फोट हुआ है। ये सेना के विस्फोटक उपकरण में आता है। यह गोला यहां कैसे आया इसकी जांच की जा रही है। 

एसएसपी रोहित सिंह सजवाण ने कहा कि आर्मी के किसी विस्फोटक उपकरण में विस्फोट हुआ था। कबाड़ी की मौत हो गई और दो अन्य लोग घायल हैं। पुलिस, फोरेंसिक टीम, बम निरोधक दस्ता  और बाकी एजेंसियां जांच कर रही हैं।

पांच किलोमीटर की दूरी से लगा सकते हैं सटीक निशाना
गंगानगर में हुए विस्फोट के बाद आर्मी इंटेलीजेंस, फोरेंसिक टीम और बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वायड टीम ने मौके पर डेरा डाल दिया। कबाड़ी की दुकान की जांच की गई और वहां से 84एमएम-आरएल ट्रेनिंग शेल के गोले बरामद किए गए। इनमें से एक गोला सक्रिय बताया गया है। छानबीन के बाद बताया गया है कि यह हाई एक्सप्लोसिव एंटी टैंक है, जो टैंक और बंकर उड़ाने में काम आता है। किसी मकान को ध्वस्त करना हो, तो भी इसका इस्तेमाल किया जाता है। इस शेल यानी गोले का इस्तेमाल यूपी की किसी भी ट्रेनिंग रेंज में नहीं किया जाता है। छानबीन की जा रही है कि आखिर यह गोला मेरठ में कहां से आया।

जांच टीम के सूत्रों की मानें तो तौफीक की दुकान से 84एमएम-आरएल ट्रेनिंग शेल के गोले मिले हैं। इन गोलों को एचईएटी यानी हाई एक्सप्लोसिव एंटी टैंक भी कहा जाता है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि 84एमएम-आरएल ट्रेनिंग शेल को लांचर की मदद से करीब पांच किलोमीटर दूर से भी मार किया जा सकता है। इसकी क्षमता करीब 20 मीटर के दायरे में होती है। यानी जहां पर यह शेल या गोला गिरता है, उसके आसपास का 20 मीटर का दायर प्रभावित होता है। यहां कबाड़ी तौफीक की दुकान से जो राउंड या गोले या शेल बरामद हुए, वह आधे बताए गए हैं। इनके ऊपर का हिस्सा नहीं है। 

सामान को कब्जे में लेकर गई बम निरोधक टीम 
तौफीक की दुकान से बरामद गोले और बाकी कुछ सामान को बीडीडीएस टीम ने कब्जे में लिया है। उनके साथ आर्मी की टीम भी मौजूद थी। इस सामान को जांच के लिए लेकर गए हैं। सूत्रों की मानें तो इन बरामद शेल में से कुछ जिंदा और सक्रिय हैं। जांच के बाद रिपोर्ट मेरठ पुलिस के अधिकारियों और आर्मी अधिकारियों को दी जाएगी। 

यूपी में नहीं है प्रैक्टिस रेंज 
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यूपी में किसी भी रेंज में इस तरह के शेल को चलाने की ट्रेनिंग देने की व्यवस्था नहीं है। उत्तर भारत में केवल उत्तराखंड, पंजाब, राजस्थान और कश्मीर में ही इन्हें चलाने की ट्रेनिंग देने की रेंज बनाई हुई हैं। यानी यह शेल कहीं बाहर राज्य से कबाड़ में यहां मेरठ आया होगा। हालांकि अभी तक कोई ठोस जानकारी नहीं हो सकी है। विभिन्न जांच एजेंसियां विस्तृत जांच कर रही हैं।

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