Exclusive Know where the murderers took refuge after murder of Hindu leader Kamlesh tiwari where they got treatment - Exclusive: जानें हिन्दू नेता कमलेश की हत्या के बाद कातिलों ने कहां ली थी शरण, कहां कराए इलाज DA Image
20 नबम्बर, 2019|11:35|IST

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Exclusive: जानें हिन्दू नेता कमलेश की हत्या के बाद कातिलों ने कहां ली थी शरण, कहां कराए इलाज

देशभर में होने वाली आतंकी घटनाओं को लेकर सुर्खियों में रहने वाला बरेली हिंदूवादी नेता कमलेश तिवारी की हत्या के मामले में भी चर्चा में आ गया है। कमलेश तिवारी की हत्या करने के बाद उनके शूटर बरेली आये। शहर के एक अस्पताल में एक हत्यारोपी ने मरहम पट्टी करवाई है। इसके बाद वह यहां से फरार हो गये। एसटीएफ, एटीएस के अलावा एसआईटी शूटरों का पीछा कर रही है।

शुक्रवार को हिंदू समाज पार्टी के नेता कमलेश तिवारी की लखनऊ में दिनदहाड़े चाकुओं से गोदकर और गोली मारकर हत्या की गई थी। हत्या के दौरान हाथापाई में एक आरोपी के हाथ में चाकू लग गया था, जिसकी वजह से वह घायल हो गया। घटना के बाद दोनों हत्यारोपी ट्रेन से भागे। एसटीएफ मोबाइल नंबर के आधार पर उनकी लोकेशन ट्रेस कर रही थी। घटना के कुछ घंटों बाद दोनों शूटर की लोकेशन बरेली में मिली। शहर के एक अस्पताल में एक शूटर ने मरहम पट्टी कराई। लोकेशन ट्रेस करते हुये एसटीएफ की टीम वहां पहुंच गई। इससे पहले हत्यारोपी वहां से जा चुके थे।

अस्पताल के सीसीटीवी खंगाले गये, जिसमें पता लगा कि एक हत्यारोपी के हाथ में पट्टी बंधी थी। इसके बाद आरोपी बरेली से फरार हो गये। पुलिस टीमों ने डॉक्टर से भी पूछताछ की है। हत्यारोपियों के बरेली से जाने के बाद उनकी लोकेशन अभी तक ट्रेस नहीं हुई है। बरेली में छिपे होने की आशंका पर एसपी सिटी के नेतृत्व में शहर भर के सीओ, इंस्पेक्टर ने होटलों, सराय, धर्मशाला, जंक्शन, बसअड्डे पर छापेमारी की लेकिन पुलिस के हाथ फिलहाल कुछ नहीं लगा। आशंका है कि कमलेश तिवारी के हत्यारे बरेली के रास्ते नेपाल न निकल गये हों।

बरेली में रहे हैं आतंकियों के स्लीपर सेल

बरेली आतंकियों की पनाहगाह रहा है। गुजरात के अक्षरधाम मंदिर से लेकर बंगलुरू में विज्ञान भवन में विस्फोट, सीआरपीएफ रामपुर में आतंकी हमले के तार बरेली से जुड़े रहे। पाकिस्तानी आईएसआई जासूस एजाज भी कोतवाली के पीछे आजमनगर में लंबे समय तक छिपा रहा। बरेली आतंकियों के छिपने की सबसे आसान जगह है। नेपाल, उत्तराखंड की खुली सीमाएं होने की वजह से आवाजाही में भी कोई दिक्कत नहीं होती है। 

टेरर फंडिंग को लेकर है चर्चा में

बरेली और लखीमपुर खीरी इन दिनों टेरर फंडिंग को लेकर भी चर्चा में है। इसमें ऐसे लोगों के चेहरे सामने आए हैं जो व्यापारी बनकर अपना धंधा कर रहे थे। एटीएस इन दिनों यहां इनकी धर-पकड़ में लगी हुई है कि कमलेश तिवारी के हत्यारों की लोकेशन भी यहां मिली है। इससे यह भी अंदेशा जताया जा रहा है कि आतंकियों के स्लीपर सेल यहां मौजूद हैं। 

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