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हिंदी न्यूज़ उत्तर प्रदेशदोस्ती की ऐसी मिसाल: जीते जी तो साथ रहे, मरने पर भी नहीं छोड़ा दोस्त का साथ

दोस्ती की ऐसी मिसाल: जीते जी तो साथ रहे, मरने पर भी नहीं छोड़ा दोस्त का साथ

लखीमपुर खीरी इलाके में दुर्घना में जान गंवाने वाले शिक्षक दोस्त उमेश गंगवार और हरनाम चंद्र ने साथ में ही नौकरी शुरू थी। दोनों साथ में एक ही स्कूल में पढ़ाते थे और दोनों एक साथ दुनिया छोड़ गए।

दोस्ती की ऐसी मिसाल: जीते जी तो साथ रहे, मरने पर भी नहीं छोड़ा दोस्त का साथ
Atul Guptaसंवाददाता,लखीमपुर खीरीTue, 22 Nov 2022 11:58 PM

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उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में दुर्घटना में अपनी जान गवाने वाले शिक्षक उमेश गंगवार और हरनाम चंद्र वर्ष 2018 में विभाग में चयनित किए गए थे। 2018 में चयन होने के बाद उन्हें पलिया तहसील क्षेत्र में तैनात किया गया था। दोनों ही शिक्षक पिछले साल सालों से अलग-अलग विद्यालयों में अपनी ड्यूटी कर रहे थे। विभागीय साथियों की माने तो शिक्षकों ने अपने जनपद में स्थानांतरण को लेकर अर्जी लगाई थी। इलाहाबाबाद हाईकोर्ट में प्रत्यावेदन देकर दोनों सोमवार को लौटे थे। फिर अपने घर चले गए। वहां से ये लोग पलिया लौट रहे थे।

शाहजहांपुर से कार में सवार होकर पलिया पहुंच रहे रामपुर निवासी प्राथमिक के शिक्षक उमेश गंगवार फरसहिया टांडा विद्यालय में कार्यरत थे। 2018 भर्ती बैच में उन्हें उनका चयन शिक्षा विभाग में हुआ था जिसके बाद सेवा पलिया क्षेत्र में ही अपनी ड्यूटी को अंजाम दे रहे थे। वहीं शिक्षक हरनाम चंद्र थारू क्षेत्र के हिम्मतनगर प्राथमिक विद्यालय में अपनी नौकरी का निर्वहन करते थे। दोनों ही शिक्षकों के बीच गहरी दोस्ती थी। इसीलिए वह बीआरसी कार्यालय के पास किराए के मकान में रहकर अपनी नौकरी कर रहे थे। 

प्राथमिक शिक्षक संघ के मीडिया प्रभारी राहुल वाजपेयी ने बताया कि दोनों शिक्षकों ने अपने जिले में तबादले के लिए प्रत्यावेदन किया था। यह प्रकरण हाईकोर्ट के आधीन है। इसलिए रामपुर के निवासी होने के कारण दोनों शिक्षक हाईकोर्ट की इलाहाबाद बेंच के सामने प्रत्यावेदन देने गए थे। जहां से वापस आकर वे अपने घर चले गए और मंगलवार की सुबह उनको स्कूल ज्वाइन करना था। चार साल पहले शिक्षा विभाग में आए दोनों शिक्षकों को क्या पता था कि उनका रिटायरमेंट और घर वापसी नहीं हो पाएगी।

दुर्घटना में हुई शिक्षकों के मौत की सूचना से परिजनों में कोहराम की स्थिति मची हुई है। वहीं विभाग के शिक्षकों में भी गमगीन माहौल है। बीएसए डॉ. लक्ष्मीकांत पांडे ने बताया कि वाहन में चार शिक्षक सवार थे। दो शिक्षक सुरक्षित हैं। विभाग ने दो शिक्षकों को खो दिया है। इस दुख की घड़ी में विभाग उनके परिवार के साथ है।