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1 जनवरी, 2021|8:50|IST

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ईवे बिल: GST की नई व्यवस्था से ट्रांसपोर्टरों में गुस्सा, 4 जनवरी से चक्काजाम का ऐलान

ईवे बिल को लेकर बनाए गए नए नियम में तय की गई समय की बाध्यता ट्रांसपोर्टरों को रास नहीं आ रही है। इसके खिलाफ सभी लामबंद हो गए हैं। उनका कहना है कि ट्रक के लिए एक दिन में 200 किमी की दूरी तय कर पाना काफी मुश्किल होगा। ऐसी स्थिति में यह सब हमसे नहीं हो पाएगा। आक्रोशित ट्रांसपोर्टरों ने 4 जनवरी को चक्काजाम का ऐलान किया है। उनके आंदोलन में व्यापारी भी साथ देने का मन बना रहे हैं। यूपी मोटर्स ट्रांसपोर्ट एसोससिएशन के पदाधिकारी जल्द ही प्रदेश स्तर पर चक्का जाम की तैयारी में हैं। कई व्यापार मंडलों ने उनका समर्थन किया है। 

जीएसटी की नई व्यवस्था के तहत माल लेकर निकले ट्रक को 24 घंटे के भीतर 200 किमी की दूरी तय करनी जरूरी होगी। ईवे बिल के नए नियम में इस समय बाध्यता पर ट्रांसपोर्टर गुस्से में हैं। उनका कहना है कि एक दिन में 200 किमी की दूरी का नियम आफत खड़ी कर देगा।

इससे पूर्व 24 घंटे में 100 किमी की दूरी तय करनी होती थी। नियम में फेरबदल से खफा ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि पहले ही समय सीमा को लेकर उत्पीड़न हो रहा था, अब ज्यादा परेशानी हो जाएगी। इस व्यवस्था को वापस कराने के लिए संघर्ष की जरूरत पड़ी तो पीछे नहीं हटेंगे। वहीं, व्यापारियों का कहना है कि समय सीमा बढ़ने से खड़ी समस्या हो जाएगी। यह पूरा नहीं हो पाएगा तो ट्रक खींच लिए जाएंगे और कारोबार ठप हो जाएगा। एक तो पेनाल्टी का भार पड़ेगा, वहीं माल समय से आ-जा नहीं पाएगा। ट्रांसपोर्टर्स का हर तरह से साथ दिया जाएगा। 

24 घंटे में 100 किमी की दूरी करने में तो जाम में फंसकर ट्रकों पर पेनाल्टी हो रही थी। महानगर में 1100 से ज्यादा ट्रांसपोर्टरों पर पिछले एक साल में इस नियम के चलते लगभग 12 करोड़ का बोझ पड़ा है। 200 किमी की दूरी तय करने के नियम से तो ट्रक रोज ही खींचे जाएंगे। इससे शोषण बढ़ जाएगा।
-सतीश गांधी, अध्यक्ष यूपी मोटर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन

नया नियम परेशानी बढ़ाएगा। बहुत सी चीजें दिल्ली या आसपास के जिलों से आकर ट्रांसपोर्ट में उतरती हैं। फिर आगे पूर्वांचल व अन्य जिलों में जाता है। एक दिन में 200 किमी की दूरी से तो समस्या खड़ी हो जाएगी। इसका असर व्यापारियों पर भी पड़ेगा। 
-अवधेश वाजपेयी, अध्यक्ष, यूपी किराना मर्चेंट्स एसोसिएशन

दूरी की सीमा बढ़ाने से समस्या बढ़ेगी। कभी-कभी जाम में फंसकर ट्रक 100 किमी की दूरी नहीं तय कर पाते हैं। ऐसे में ट्रक माल समेत ले जाया जाता है। कई-कई दिन तक ट्रक विभागीय कार्यालयों में खड़ा रह जाता है। इससे दिक्कत बढ़ेगी।
-चंद्राकर दीक्षित, अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल

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  • Web Title:Evey bill: Transporters angry with new GST system announcement of Chakkajam from January 4