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Hindi News उत्तर प्रदेशहर वयस्क को अपनी पसंद की शादी करने का अधिकार, साथ रहने से कोई रोक नहीं सकता, अनुच्छेद-21 पर हाईकोर्ट की टिप्पणी

हर वयस्क को अपनी पसंद की शादी करने का अधिकार, साथ रहने से कोई रोक नहीं सकता, अनुच्छेद-21 पर हाईकोर्ट की टिप्पणी

अनुच्छेद-21 पर टिप्पणी करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि कोई भी व्यक्ति किसी वयस्क व्यक्ति को अपनी पसंद के किसी भी स्थान पर जाने और अपनी पसंद के व्यक्ति के साथ रहने का अधिकार है।

हर वयस्क को अपनी पसंद की शादी करने का अधिकार, साथ रहने से कोई रोक नहीं सकता, अनुच्छेद-21 पर हाईकोर्ट की टिप्पणी
wedding symbolic image
Dinesh Rathourविधि संवाददाता,प्रयागराजMon, 10 Jun 2024 09:23 PM
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ऑनर किलिंग की आशंका जताने वाले जोड़े को राहत देते हुए उसे पूरी सुरक्षा देने का पुलिस को निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा कि कोई भी वयस्क व्यक्ति अपनी पसंद की जगह जाने, अपनी पसंद के व्यक्ति के साथ रहने या अपनी इच्छा के अनुसार विवाह करने के लिए स्वतंत्र है। यह अधिकार संविधान के अनुच्छेद 21 में मिले मौलिक अधिकारों में शामिल है। कोर्ट ने इसके साथ ही युवक पर दर्ज  मुकदमे को भी रद्द कर दिया। यह आदेश न्यायमूर्ति जेजे मुनीर व न्यायमूर्ति अरुण कुमार सिंह देशवाल की कोर्ट ने नाजिया व अन्य की याचिका पर दिया।

सिद्धार्थनगर, थाना बांसी की नाजिया ने अपनी पसंद के व्यक्ति से शादी की। उससे नाराज़ उसके चाचा ने नाजिया के पति पर अपहरण और अन्य धाराओं में मुक़दमा दर्ज करा दिया। न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष महिला ने बयान दर्ज कराया। जिसमें उसने चाचा और पिता के घर भेजे जाने पर ऑनर किलिंग की आशंका जताई। उसने सुरक्षा की मांग की। इसके बावजूद मजिस्ट्रेट ने उसे उसके चाचा के घर भेजने का आदेश दे दिया। इसके खिलाफ  हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई।

कोर्ट ने ने कहा कि दोनों याचिकाकर्ता बालिग हैं। उन्हें साथ रहने और विवाह करने का अधिकार है। इसलिए महिला के चाचा को एफआईआर दर्ज कराने का कोई अधिकार नहीं है। कोर्ट ने महिला को उसके चाचा के घर भेजने के मजिस्ट्रेट के आदेश को सही नहीं माना। कोर्ट ने कहा कि वयस्क को दूसरे के हिरासत में नहीं भेजा जा सकता। कोर्ट ने एफआईआर रद्द करते हुए एसपी सिद्धार्थनगर व थाना प्रभारी बांसी को महिला की सुरक्षा प्रदान करने का आदेश दिया। कहा कि महिला जहां चाहे वहां जाए, जिसके साथ चाहे उसके साथ रहे। उसके चाचा या परिवार के अन्य सदस्य की ओर से कोई बाधा नहीं उत्पन्न की जानी चाहिए।