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Hindi News उत्तर प्रदेशअखिलेश की इस पूजा से तो बीजेपी भी दंग, इस्तीफा देने के बाद जमकर बरसे स्वामी प्रसाद मौर्य 

अखिलेश की इस पूजा से तो बीजेपी भी दंग, इस्तीफा देने के बाद जमकर बरसे स्वामी प्रसाद मौर्य 

सपा छोड़ते ही स्वामी प्रसाद मौर्य ने अखिलेश यादव पर जमकर हमले किए। कहा कि अखिलेश यादव ने खुद ही पीडीए की हवा निकाल दी है। यहां तक कहा कि उनकी सपा दफ्तर में पूजा देखकर बीजेपी भी हैरान है।

अखिलेश की इस पूजा से तो बीजेपी भी दंग, इस्तीफा देने के बाद जमकर बरसे स्वामी प्रसाद मौर्य 
Yogesh Yadavलाइव हिन्दुस्तान,लखनऊTue, 20 Feb 2024 04:28 PM
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पिछले विधानसभा चुनाव से ठीक पहले भाजपा से सपा में आने वाले स्वामी प्रसाद मौर्य ने अब लोकसभा चुनवा से ठीक पहले नया रास्ता अपनाने का फैसला कर लिया है। पिछले हफ्ते सपा के राष्ट्रीय महासचिव पद से इस्तीफा देने के बाद स्वामी ने अब एमएलसी पद और समाजवादी पार्टी भी छोड़ दी है। सपा छोड़ते ही उन्होंने अखिलेश यादव पर जमकर हमले किए। कहा कि अखिलेश यादव ने खुद ही पीडीए की हवा निकाल दी है। स्वामी प्रसाद ने कहा कि अखिलेश यादव की सपा दफ्तर में पूजा को देखकर तो बीजेपी भी दंग है। सपा प्रमुख पर पलटवार करते हुए यह भी कहा कि जो खुद अंधेरे में है वह दूसरों को क्या रास्ता दिखा सकता है। 

स्वामी प्रसाद ने कहा कि मुलायम सिंह यादव ने कभी विचारधारा के खिलाफ काम नहीं किया। वह पूजा-पाठ जरूर करते थे लेकिन कभी मंदिर नहीं गए। अखिलेश ने तो दफ्तर में ही पूजा करा दी। उन्हें इस तरह पूजा करते देख तो बीजेपी भी दंग है। अखिलेश यादव की धर्मनिरपेक्षता अब सामने आ गई है। स्वामी ने कहा कि समाजवादी पार्टी के लोग समाजवाद से दूर चले गए हैं। यह लोग ऐसे धर्मनिरपेक्ष हैं जिन लोगों ने समाजावादी पार्टी के कार्यालय में में पूजा करा दी। भाजपा भी ऐसे नहीं करती होगी। 

स्वामी ने कहा कि कोई भी सम्मान और स्वाभिमान की लड़ाई लड़ने वाला नेता या संगठन अखिलेश के साथ नहीं चल सकता है। पल्लवी पटेल को लेकर शिवपाल की तारीफ की तो रामगोपाल यादव पर हमला किया। स्वामी ने कहा कि जब पल्लवी ने पीडीए की बात उठाई तो उनके भी खिलाफ बयानबाजी होने लगी। इन लोगों को शिवपाल से सीखना चाहिए। उन्होंने इसे पार्टी का आंतरिक मामला कहा। लेकिन रामगोपाल का बयान कुछ और ही था। स्वामी ने यहां तक कहा कि जब तक रामगोपाल समाजवादी पार्टी में रहेंगे यहां अंधेरा छाया रहेगा।

स्वामी प्रसाद ने कहा कि मैं पद के लिए ना कभी आया हूं और ना गया हूं। मैंने उनका लाभ का पद भी वापिस कर दिया। पद आता जाता है लेकिन विचारधारा टिकाऊ होती है इसलिए विचारधारा से कोई समझौता नहीं।

स्वामी ने कहा कि 22 फ़रवरी को आगे की दिशा तय होगी और नई पार्टी का गठन होगा। पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक समाज की लड़ाई को आगे बढ़ाने के लिए मैं क़दम आगे बढ़ा रहा हूं। जिस तरह से वर्तमान सरकार आरक्षण खत्म कर रही है, जाति जनगणना का विरोध कर रही, किसानों के रास्ते में कांटे बिछा रही है और भारतीय संविधान की भावनाओं से खेल कर रही। उसके लिए मैं लोकतंत्र और देश को बचाने के लिए समान विचारधारा के लोगों के साथ काम करूंगा। मेरी कोशिश रहेगी कि मैं इंडिया एलायंस में शामिल होकर या बाहर से उसका समर्थन करूंगा।

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