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उत्तर प्रदेशबजरंगी और मेराज से पहले भी बनारस में दो बदमाशों अन्नू त्रिपाठी और बंशी यादव की हुई थी जेल में हत्या

वाराणसी। कार्यालय संवाददाताPublished By: Yogesh Yadav
Fri, 14 May 2021 08:03 PM
बजरंगी और मेराज से पहले भी बनारस में दो बदमाशों अन्नू त्रिपाठी और बंशी यादव की हुई थी जेल में हत्या

बाहुबली मुख्तार अंसारी के करीबी मुन्ना बजरंगी और मेराज की जेल में हत्या से पहले भी बनारस की जेलों में हत्याएं हो चुकी हैं। कोतवाली क्षेत्र के चर्चित अपराधी अनुराग उर्फ अन्नू त्रिपाठी और बंशी यादव की भी जेल में ही हत्या हो चुकी है। पूर्वांचल में सबसे पहले वाराणसी की जेलों में बंदूकें गरजी थीं। बंशी यादव को जिला जेल के मुख्य गेट पर अन्नू त्रिपाठी ने गोली मार दी थी। हत्या के करीब एक साल बाद ही अन्नू त्रिपाठी को केंद्रीय कारागार की बैरक में मार दिया गया था। 

मुन्‍ना बजरंगी के लिए रंगदारी वसूलने वाले शूटर अन्‍नू त्रिपाठी और बाबू यादव ने 13 मार्च 2004 को जिला जेल में पानदरीबा से पार्षद रहे बंशी यादव को गोली मार दी थी। वर्तमान में जिला कारागार में जो लकड़ी का बड़ा गेट है, उस समय लोहे के ग्रिल वाला गेट हुआ करता था।

अन्नू व बाबू ने बाहर से ग्रिल में हाथ डालकर बंशी यादव की गोली मारकर हत्या कर दी थी। पार्षद की हत्‍या के एक साल बाद दो मार्च 2005 को वाराणसी के सेंट्रल जेल में अन्‍नू त्रिपाठी की गोली मारकर हत्‍या कर दी गई थी। इस हत्‍याकांड में बनारस के शातिर अपराधी संतोष गुप्ता किट्टू का नाम आया था। बाद में किट्टू को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया था।

किट्टू ने अपराध का ककहरा अन्नू से सीखा था। जेल में साथ रहने के दौरान अन्नू त्रिपाठी का पैर दबाने वाले किट्टू ने शह पाकर उसी की हत्या कर दी थी। इसके बाद जुलाई 2018 में बागपत जेल में कुख्यात मुन्ना बजरंगी की गोली मारकर हत्या कर दी गई। 

जिला और सेंट्रल जेल में बढ़ाई गई सुरक्षा
चित्रकूट जेल में मेराज समेत दो बदमाशों की हत्या के बाद वाराणसी के जिला व केंद्रीय कारागार की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। दोनों जेल में हाई अलर्ट के साथ ही कारागार अधिकारियों ने औचक चेकिंग भी की। किसी भी तरह की गतिविधियों में संलिप्तता पर कार्रवाई की चेतावनी दी। खासतौर से मुख्तार गैंग से जुड़े बदमाशों की सुरक्षा को लेकर खास निगाह रखी जाने लगी है। 

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