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रोजगार मेले लगे, नियुक्ति पत्र भी बांटे, बेरोजगारों को ठग कर चली गईं 11 कंपनियां, अधिकारियों के उड़े होश 

यूपी के बहराइच जिले में बेरोजगारों को ठग कर 11 कंपनियां चली गईं। मामला सेवायोजन कार्यालय पहुंचा तो अधिकारियों के होश उड़ गए।

रोजगार मेले लगे, नियुक्ति पत्र भी बांटे, बेरोजगारों को ठग कर चली गईं 11 कंपनियां, अधिकारियों के उड़े होश 
Deep Pandeyप्रदीप तिवारी,बहराइचThu, 07 Dec 2023 10:37 AM
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बेरोजगारी की चुनौती से निपटने के लिए सरकार ने निजी क्षेत्र की कंपनियों से करार किया।  यूपी के बहराइच जिले में हर माह कंपनियों की ओर से रोजगार मेले लगाए गए, अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र भी बांटे गए। अभ्यर्थियों को नौकरी तो नहीं मिली बल्कि सैकड़ों लोगों से ठगी कर कंपनियां फरार हो गईं। मामला सेवायोजन कार्यालय पहुंचा तो अधिकारियों के होश उड़ गए। 11 कंपनियों को काली सूची में डाला गया है। 

जिले स्तर पर लगातार रोजगार मेले का आयोजन किया जा रहा है। विभिन्न कंपनियों की ओर से साक्षात्कार के माध्यम से शिक्षित बेरोजगारों का चयन तो किया जा रहा है, लेकिन युवाओं को नौकरी देने के बजाय उनसे बड़े पैमाने पर ठगी की जा रही है। सैकड़ों बेरोजगारों ने रोजगार मेले में आने वाली कंपनियों के खिलाफ प्रशिक्षण व अभिलेखीकरण प्रक्रिया के नाम पर अवैध वसूली व नौकरी न देने की शिकायत दर्ज कराई है। सेवायोजन कार्यालय की ओर से पूरे प्रकरण की रिपोर्ट निदेशालय को भेजी गई। शुरुआती जांच में ही बेरोजगारों को सब्जबाग दिखाकर नौकरी देने से कन्नी काटने व वसूली किए जाने की पुष्टि हुई है। 
मामले को गंभीरता से लेते हुए निदेशालय स्तर से जिले में आयोजित मेले में शामिल होने वाली 11 कंपनियों को काली सूची में डाला गया है। कंपनियों के रवैए से युवाओं को रोजगार देने के सरकार की मंशा को तो करारा धक्का लगा ही है, नौकरी पाने का सपना देखने वाले सैकड़ों युवा भी ठगे महसूस कर रहे हैं। 

चयन के बाद कई को फर्जी नियुक्ति पत्र भी थमाए
सरकार के नियमों व शर्तों में भी कंपनियों ने सेंधमारी की है। सुनियोजित तरीके से रोजगार मेले में चयनित अभ्यर्थियों को फर्जी नियुक्ति पत्र देने का भी मामला सामने आया है। ठगी का शिकार हुए युवाओं का आरोप है कि छानबीन करने पर कंपनियों की हकीकत सामने आई है।   

कई शर्तों के बाद मेले में शामिल होती हैं कंपनियां
रोजगार मेलों में कोई कंपनी सीधे हिस्सा नहीं ले सकती। अधिकारियों के मुताबिक सेवायोजन पोर्टल में शामिल होने के लिए कंपनियों को कई तरह की नियम-शर्तों को पूरा करना होता है। पोर्टल पर आने से पहले कंपनी का सत्यापन किया जाता है। सत्यापन के आधार पर रोजगार मेले में शामिल होने की अनुमति मिलती है। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि ऐसी कंपनियां मेले में कैसे शामिल हो गईं।
 
कंपनियों को जारी हुई नोटिस, कानूनी कार्रवाई की तैयारी
युवाओं से ठगी व नौकरी के नाम पर फर्जीवाड़ा करने वाली 11 कंपनियों को नोटिस जारी की गई है। जवाब न देने पर उन्हें काली सूची में डाला गया है। अब अंतिम नोटिस का भी जवाब न देने पर युवाओं के बयानों व साक्ष्यों के आधार पर कानूनी कार्रवाई की तैयारी हो रही है। 

इन कंपनियों ने युवाओं से की ठगी
सेवायोजन विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स, एक्यूप्रेशर हेल्थकेयर, कासमो इंटरप्राइजेज, टेक्नीका इंटर प्राइजेज, सोनम एक्वा हेल्थकेयर,मेक आर्गेनिक इंडिया, हिमालय मैन पॉवर सर्विसेस, हुंडई मैन पॉवर सर्विसेज, अयूर हर्बल्स मैन पॉवर सर्विसेज, जेंट एक्वा प्राइवेट लिमिटेड कंपनियों को काली सूची में डाला गया है। 

जिला सेवायोजन अधिकारी संजय कुमार ने बताया कि नियुक्ति पत्र देने व अभिलेखीकरण के नाम पर वसूली की शिकायत पर जांच हुई है। निदेशालय स्तर पर 11 कंपनियों को ब्लैक लिस्ट किया गया है। इनके मेले में शामिल होने पर रोक भी लगा दी गई है। पूरा प्रकरण निदेशालय के संज्ञान में है। 
 

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