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28 मई, 2020|7:52|IST

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निजीकरण के विरोध में एक जून को बिजलीकर्मी काला दिवस मनाएंगे

बिजली के निजीकरण के विरोध में बिजली कर्मचारी व अभियंता एक जून को काला दिवस मनाएंगे। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के संयोजक शैलेन्द्र दुबे ने कहा कि इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट ) बिल 2020 के पारित हो जाने के बाद किसानों और गरीब उपभोक्ताओं को बिजली की दरों में मिल रही सब्सिडी समाप्त हो जाएगी।

बिल के प्राविधानों के अनुसार किसी भी उपभोक्ता को लागत से कम मूल्य पर बिजली नहीं दी जाएगी। वर्तमान में बिजली की लागत रुपये 06.78  प्रति यूनिट है। निजीकरण के बाद कंपनी एक्ट के अनुसार निजी कंपनी को न्यूनतम 16 प्रतिशत मुनाफा भी दिया जाए तो  आठ रुपये प्रति यूनिट से कम में बिजली किसी को भी नहीं मिलेगी।

इस प्रकार किसानों को लगभग 6000 रुपये प्रति माह और घरेलू उपभोक्ताओं को 8000 से 10000 रुपये प्रति माह तक बिजली का बिल देना होगा। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक आंदोलनों का दमन करने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा एस्मा लगाया गया है। इसके बावजूद सभी कर्मचारी, जूनियर इंजीनियर व अभियंता एकजुटता होकर प्रदर्शन करेंगे। 

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  • Web Title:Electricity workers will celebrate Black Day on June 1 to protest against privatization