सभी के प्रयास से होगा पर्यावरण संरक्षण : प्रो. ओंकार सिंह
Lucknow News - मदन मोहन मालवीय प्राविधिक विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. ओंकार सिंह ने कहा कि हमारा भविष्य अतीत की नींव पर खड़ा है। मानव व प्रकृति में अपूर्व सामंजस्य था। प्रकृति हमें सहेजती थी। अपने अस्तित्व को...

मदन मोहन मालवीय प्राविधिक विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. ओंकार सिंह ने कहा कि हमारा भविष्य अतीत की नींव पर खड़ा है। मानव व प्रकृति में अपूर्व सामंजस्य था। प्रकृति हमें सहेजती थी। अपने अस्तित्व को बचाने के लिए अब हमें प्रकृति को सहेजना होगा। इसके लिए सभी को छोटे-छोटे कदम उठाने की आवश्यकता है।
यह बात उन्होंने स्कूल आफ मैनेजमेंट साइंसेज (एसएमएस) में डा. एपीजेअब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय व इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स के सहयोग से शनिवार को ‘धरती के ऊर्जा स्रोत, पर्यावरण तथा आपदा विज्ञान, ग्लेशियर का पिघलना विषयक दो दिवसीय अन्तरराष्ट्रीय संगोष्ठी के शुभारम्भ अवसर पर कही। उन्होंने कहा कि आवश्यकता न होने पर कमरे के बल्ब बुझाने व कार पूलिंग आदि से वाहन जनित प्रदूषण को कम किया जा सकता है। पर्यावरण में आ रहे बदलावों के लिये हम सभी जिम्मेदार हैं। कार्यक्रम का उद्घाटन इकोमैन इण्डस्ट्रीज के चेयरमैन बीएन भार्गव ने किया।
इस मौके पर इसरों के वरिष्ठ वैज्ञानिक सच्चिदानन्द साहू ने कहा कि इसरो व नासा मिलकर रिमोट सेन्सिंग सेटिलाइट की दिशा में काम कर रहे हैं। इससे मानवजनित पर्यावरण की क्षति को रोका जा सकता है। फिलहाल यही स्थिति बनी रही तो 21वीं सदी के अन्त तक वार्षिक वर्षा में 15 से 31 प्रतिशत तक बढ़ोतरी व तापमान में हर वर्ष 3 से 6 डिग्री सेन्टीग्रेड की बढ़ोतरी संभव है। इस मौके पर इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स के पूर्व अध्यक्ष वीबी सिंह, एसएमएस के महानिदेशक प्रो. भरत राज सिंह, सीईओ शरद सिंह सहित अन्य वैज्ञानिकों ने पर्यावरण संरक्षण पर जानकारी दी।


