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UP: कानपुर में पूर्व विधायक अजय कपूर पर ईडी की जांच

Ajay Kapoor, former legislative, Kanpur

पूर्व विधायक अजय कपूर और उनके भाई उद्यमी विजय कपूर के आवास और फैक्ट्री प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के निशाने पर आ गए हैं। ईडी के अफसरों ने कपूर बंधुओं के कारोबारी दस्तावेजों की घंटों जांच की। शाम को टीमें वापस लौट गईं।

चेन्नई की एक कंपनी की शिकायत पर चेन्नई से ईडी अधिकारियों की टीम शुक्रवार को विधायक अजय कपूर के लाल क्वार्टर आवास और विजय कपूर की दादानगर स्थित साइकिल पार्ट्स बनाने वाली फैक्ट्री मलिक साइकिल कंपनी पहुंची। लखनऊ की सरकारी गाड़ी से आईं अलग-अलग दो टीमों ने फैक्ट्री और आवास पर करीब आठ घंटे तक दस्तावेजों की जांच-पड़ताल और परिजनों से पूछताछ की।

सुबह साढ़े आठ बजे शुरू हुई कार्रवाई में चेन्नई के अलावा दिल्ली और लखनऊ के प्रवर्तन अधिकारी भी थे। दोनों जगह टीम ने करीब चार बजे तक दस्तावेज खंगाले। इस बीच आवास पर आई टीम के कुछ सदस्य दोपहर में दादानगर स्थित 51-बी फैक्ट्री भी गए लेकिन वहां ताला लटका मिला। इस दौरान विजय कपूर, उनके भाई संजय कपूर सहित परिवार के सभी सदस्यों से पूछताछ की गई। कार्रवाई के दौरान पूर्व विधायक अजय कपूर दिल्ली में थे।

ईडी के एक सूत्र के मुताबिक मुख्य रूप से मामला चेन्नई की एक कंपनी का था। उसी की जांच के सिलसिले में टीम आई थी। यही वजह थी कि जांच को उनके आवास और फैक्ट्री तक ही सीमित रखा गया। कोपे इस्टेट के कुछ मामलों के संबंध में भी पूछताछ की गई। हालांकि अधिकारियों ने उनके स्कूल के संबंध में भी पड़ताल की और उसके दस्तावेजों की गहन जांच की। स्कूल का संचालन संजय कपूर के हाथ में है।

स्थानीय पुलिस को भी नहीं दी सूचना
पूर्व विधायक के आवास और भाई की फैक्ट्री में जांच की भनक शहर के किसी भी अधिकारी या फिर स्थानीय पुलिस को भी नहीं दी गई। सूत्रों के मुताबिक ईडी टीम कई जगह पता पूछने के बाद लाल क्वार्टर और दादानगर स्थित फैक्ट्री पहुंच पाई थी। आवास पर जांच के दौरान परिजनों के अलावा सुरक्षाकर्मियों से लेकर नौकरों तक को बाहर कर दिया गया था। कार्रवाई के दौरान गोविंदनगर थाने का एक दरोगा अपने हमराही के साथ पूर्व विधायक आवास पहुंचा लेकिन अंदर नहीं गया।

हूटर बजने से मचा हड़कंप
ईडी जांच के दौरान अजय कपूर के आवास पर खड़ी एक कार का हूटर बजने लगा। कारवाई के दौरान काफी देर तक हूटर बजने से आसपास के लोग अपने-अपने घरों से बाहर निकल आए। करीब तीन मिनट तक बजे कार के हूटर को दौड़कर एक ड्राइवर ने बंद किया।

ईडी की टीम घर और ऑफिस आई थी। फैक्ट्रियों व स्कूल के पेपर जांचे और अधिकारी लौट गए। मुझे तो ये भी नहीं मालूम कि यहां मुख्य रूप से किस मामले की जांच करने आए थे। इतना जानते हैं कि हम लोग विपक्ष की राजनीति करते हैं और व्यापारी हैं। इससे ज्यादा और क्या कहूं। -विजय कपूर, चेयरमैन, कोपे इस्टेट

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