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दुधवा के बाहर तैयार होगा इको टूरिज्म सर्किट, अब पूरे साल मजा सकेंगे पर्यटक

अब दुधवा टाइगर रिजर्व के बाहर भी इको टूरिज्म का नया सर्किट तैयार होगा। इस नए सर्किट में 12 महीने पर्यटकों को जंगल का आनंद लेने का अवसर मिल सकेगा।

दुधवा के बाहर तैयार होगा इको टूरिज्म सर्किट, अब पूरे साल मजा सकेंगे पर्यटक
Deep Pandeyहिन्दुस्तान,लखीमपुर खीरीSun, 10 Dec 2023 10:47 AM
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अब दुधवा टाइगर रिजर्व के बाहर भी इको टूरिज्म का नया सर्किट तैयार किया जाएगा। इस सर्किट में सैलानियों को दुधवा का जैसा ही माहौल मिलेगा। खास बात यह है कि इस नए सर्किट में 12 महीने पर्यटकों को जंगल का आनंद लेने का अवसर मिल सकेगा।
अब तक सैलानी इको टूरिज्म के लिए दुधवा की राह पकड़ते हैं। दुधवा, किशनपुर और कतर्निया घाट में उनको कुदरत की खूबसूरती के दीदार होते हैं लेकिन अब दुधवा के बाहर भी एक नया सर्किट तैयार हो रहा है। यह सर्किट दुधवा से अलग दक्षिण खीरी में बनाया जा रहा है। इसके लिए गोला और मोहम्मदी वन रेंज को चयनित किया गया है। यहां पहले से मौजूद जंगल और वेटलैंडों को और विकसित किया जाएगा। इसके लिए 65 लाख का बजट मांगा गया है।

दक्षिण खीरी के डीएफओ संजय विश्वाल का कहना है कि गोला वन रेंज में भी इको टूरिज्म की पर्याप्त सुविधाएं हैं। यहां वन विभाग ने वन चेतना केंद्र को विकसित किया है। बजट की कमी के कारण करीब तीन किलोमीटर के जंगल में सैलानियों के लिए सुविधाएं दी गई हैं। दस लाख का बजट और मांगा गया है, जिससे इसे और बेहतर किया जा सके। यहां सैलानियों को कैंटीन की सुविधा भी मिलेगी। इसके अलावा सेमरई वेटलैंड में बोटिंग आदि के इंतजाम भी किए जा रहे हैं। वेटलैंड में विदेशी परिंदे भी आते हैं, उनका भी दीदार पर्यटक कर सकेंगे। यही नहीं, मोहम्मदी रेंज के देवीपुर में भी कैंटीन, सैलानी पथ आदि तैयार किया जा रहा है। इस काम के लिए बजट भी आ चुका है।

सात महीने से आगे बढ़ेगा सत्र : दुधवा टाइगर रिजर्व में इको टूरिज्म नवंबर से जून तक चलता है। मानसून के मौसम में पार्क बंद कर दिया जाता है। वहीं, दक्षिण खीरी के इको टूरिज्म में 12 महीने तक पर्यटन होगा। बारिश के मौसम में भी जंगल के कुछ क्षेत्रों का सैलानी भ्रमण कर सकेंगे। दक्षिण खीरी के डीएफओ संजय विश्वाल बताते हैं कि वन चेतना केंद्र में मौसम के हिसाब से समय बदलाव किया जाता है लेकिन पर्यटन जारी रहता है।

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