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Hindi News उत्तर प्रदेशHindustan Special: यूपी के इस वन्यजीव प्रभाग में सांपों की सुरक्षा के लिए होती है डुग्गी-मुनादी 

Hindustan Special: यूपी के इस वन्यजीव प्रभाग में सांपों की सुरक्षा के लिए होती है डुग्गी-मुनादी 

यूपी के महराजगंज जिले के सोहगीबरवा वन्यजीव प्रभाग में सांपों की सुरक्षा के लिए हर साल खासकर मानसून से पहले सीमावर्ती गांवों में डुग्गी-मुनादी कराई जाती है। सांपों के बारे में जानकारी दी जाती है।

Hindustan Special: यूपी के इस वन्यजीव प्रभाग में सांपों की सुरक्षा के लिए होती है डुग्गी-मुनादी 
Dinesh Rathourनवीन विषेन ,महराजगंजSun, 22 Oct 2023 10:13 PM
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यूपी के महराजगंज जिले के सोहगीबरवा वन्यजीव प्रभाग में सांपों की सुरक्षा के लिए हर साल खासकर मानसून से पहले सीमावर्ती गांवों में डुग्गी-मुनादी कराई जाती है। सांपों के बारे में जानकारी दी जाती है। बताया जाता है कि सभी सांप जहरीले नहीं होते और छेड़ने पर ही नुकसान पहुंचाने की अधिक आशंका रहती है। जीवन चक्र के लिए सांपों की जरूरत बताई जाती है, ताकि सोहगीबरवा जंगल में सांपों की दुनिया बनी रहे। 

सोहगीबरवा वन्य जीव प्रभाग में वन्य जीवों व जलचरों की सुरक्षा के लिए नए-नए उपाय विभाग की ओर से किए जाते हैं। लेकिन खासकर केरल में मानसून की दस्तक के साथ ही वन्य जीवों के संरक्षण के लिए सोहगीबरवा वन्य जीवन प्रभाग व वाल्मीकि टाइगर रिजर्व विगत एक दशक से खास पहल करता चला आ रहा है। वन्य जीवों विशेषकर सर्पों के संरक्षण को लेकर आस-पास के गांवों में विभाग की ओर से मुनादी शुरू करा दी जाती है। सोहगीबरवा के शिवपुर रेंज और बाल्मीकि टाइगर रिजर्व में वन विभाग की ओर से वन्य जीवों के संरक्षण की कोशिश शुरू हो जाती है। कभी गांवों में मुनादी तो कभी ग्रामीणों के बीच जागरूकता कार्यक्रम कराया जाता है। 

सीमाई इलाकों में बाघ चालीसा बंटवा चुका है वन विभाग 

बाघों के संरक्षण के लिए सोहगीबरवा वन्य जीव प्रभाग व बाल्मीकि टाइगर रिजर्व की ओर से अनूठा प्रयास किया जा चुका है। पूर्व में प्रभाग की ओर से बाघों के संरक्षण के लिए बाघ चालीसा बनाकर सीमावर्ती इलाकों में बांटा जाता था। 

जंगल में पानी जमा होते ही बाहर की ओर भागते हैं जानवर 

मानसून की दस्तक के साथ ही जंगल में रहने वाले बाघ, गैंडा जैसे जंगली जानवर किनारे की तरफ भागते हैं। जंगल में पास के ही गंडक का जलस्तर भी बढ़ने लगता है, जिसके चलते दरियाई घोड़े भी गांवों का रुख कर लेते हैं। जंगल के सीमावर्ती गांवों में सांप, बिच्छू के निकलने का सिलसिला जारी हो जाता है। विषैले सर्प भी गांवों में पहुंच जाते हैं। ऐसे में वन विभाग के आला अधिकारियों के दिशा निर्देश पर वनरक्षक जंगल के समीप गांवों में जागरूकता अभियान चलाते हैं। साथ ही सोहगीबरवा व बाल्मीकिनगर टाइगर रिजर्व में स्नेक कैचर टीम हर प्रजाति के सांपों का रेस्क्यू भी करती है।