ट्रेंडिंग न्यूज़

Hindi News उत्तर प्रदेशडॉ. कफील की फिर बढ़ी मुश्किलें, गोरखपुर, बहराइच और अलीगढ़ के बाद अब लखनऊ में एफआईआर

डॉ. कफील की फिर बढ़ी मुश्किलें, गोरखपुर, बहराइच और अलीगढ़ के बाद अब लखनऊ में एफआईआर

लखनऊ के कृष्णानगर थाने में डॉ. कफील समेत पांच अज्ञात लोगों के खिलाफ एक किताब के प्रकाशन को लेकर मामला दर्ज करवाया गया है। दर्ज कराई गई रिपोर्ट में कहा गया है कि डॉक्टर द्वारा जिस किताब का...

डॉ. कफील की फिर बढ़ी मुश्किलें, गोरखपुर, बहराइच और अलीगढ़ के बाद अब लखनऊ में एफआईआर
Dinesh Rathourवरिष्ठ संवाददाता,गोरखपुरSun, 03 Dec 2023 10:21 PM
ऐप पर पढ़ें

बीआरडी मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन कांड के बाद चर्चा में आए डॉ. कफील की मुश्किलें कम नहीं हो रही है। लखनऊ के कृष्णानगर थाने में डॉ. कफील समेत पांच अज्ञात लोगों के खिलाफ एक किताब के प्रकाशन को लेकर मामला दर्ज करवाया गया है। दर्ज कराई गई रिपोर्ट में कहा गया है कि डॉक्टर द्वारा जिस किताब का प्रकाशन हुआ है उसमें कुछ पाठ कथित तौर पर यूपी सरकार के खिलाफ हैं। कृष्णनगर थाने के एसएचओ जितेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि धारा 153 बी, 465, 295 के तहत डॉ. कफील समेत पांच लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। व्यवसायी मनीष शुक्ला की शिकायत पर जानबूझकर धार्मिक भावना को आहत करने के इरादे और पुस्तक पंजीकरण अधिनियम के उल्लंधन का आरोप लगाया गया है। 

एक बार फिर सुर्खियों में आए डॉ. कफील 

डॉ. कफील बीआरडी मेडिकल कालेज में आक्सीजन कांड में सुर्खियों में रहे। उन पर गोरखपुर सहित कई जिलों में आधा दर्जन मुकदमे दर्ज हैं। गोरखपुर के राजघाट थाने में डा. कफील की हिस्ट्रीशीट तक खुल चुकी है। राजघाट के बसंतपुर इलाके के रहने वाले डॉ. कफील के गोरखपुर में रहने पर पुलिस उनकी निगरानी रखती है। बीआरडी मेडिकल कालेज गोरखपुर में अगस्त 2017 में ऑक्सीजन की कमी के बीच बच्चों की मौत का मामला सामने आया था। इसमें अन्य डॉक्टरों के साथ डॉ. कफील खान को भी अभियुक्त बनाया गया था। इस मामले में डॉक्टर कफील खान सुर्खियों में आए थे। जेल से जमानत पर छूटने के बाद बहराइच में भी डॉ. कफील पर केस हुआ था। बहराइच जिला अस्पताल पहुंचकर वहां बच्चों की मौत पर सवाल उठाते हुए डॉक्टरों को इलाज के बारे में बताने लगे। जब कुछ डॉक्टरों ने विरोध किया तो डॉ. कफील के साथ आए लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। पुलिस ने डॉ. कफील को हिरासत में ले लिया था। वहां उनके खिलाफ शांतिभंग में कार्रवाई की गई, जिसमें जमानत मिल गई। बाद में सरकारी कार्य में बाधा सहित अन्य धाराओं में केस हुआ। 

जिलों में डॉक्टर के खिलाफ दर्ज हो चुके हैं मुकदमा

बहराइच पुलिस जब गिरफ्तार करने गोरखपुर आई तो पता चला कि कैंट पुलिस ने 23 सितम्बर 2018 को डॉक्टर कफील को जालसाजी के पुराने केस में गिरफ्तार किया है। इसमें डा. कफील के भाई अदील पर जालसाजी का मुकदमा दर्ज हुआ था और विवेचना में साजिशकर्ता के रूप में डॉ. कफील का भी नाम सामने आया था। यहां से जमानत पर छूटने के बाद अलीगढ़ वाला मुकदमा दर्ज हुआ था। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में 12 दिसंबर 2019 को सीएए के विरोध में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान डॉक्टर कफील खान पर भड़काऊ भाषण का आरोप था। उसमें गिरफ्तारी के बाद एनएसए की भी कार्रवाई हुई थी। हालांकि, बाद में कोर्ट के आदेश पर एनएसए निरस्त करते हुए रिहा कर दिया गया था। उसके बाद डॉक्टर कफील की ज्यादातर केरल में मौजूदगी दिखी। अब लखनऊ में केस दर्ज होने के बाद डॉक्टर कफील एक बार फिर चर्चा में आ गए हैं।


 

हिन्दुस्तान का वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें