Do not become book worm students should do yoga says Governor - किताबी कीड़ा न बनें, योग भी करें छात्र: राज्यपाल DA Image
11 दिसंबर, 2019|7:56|IST

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किताबी कीड़ा न बनें, योग भी करें छात्र: राज्यपाल

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उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक ने सोमवार को शंभूनाथ विधि संस्थान के भवन का उद्घाटन किया। इस मौके पर आयोजित समारोह में उन्होंने छात्रों को सलाह दी कि वे पढ़ें लेकिन किताबी कीड़ा कत्तई न बनें। अपने जीवन संघर्ष की संक्षिप्त कहानी सुनाकर उन्होंने छात्रों को सफलता के चार मंत्र भी दिए। पहला मंत्र था हमेशा मुस्कुराते (प्रसंन्न) रहो, दूसरा था दूसरों की प्रशंसा करो, तीसरा किसी को छोटा मत समझो और चौथा जो भी काम हो उसे उत्कृष्टता से करो। राज्यपाल ने कहा कि 65 साल पहले बीकॉम की पढ़ाई पूरी होने के बाद उनके गुरु ने उन्हें यह मंत्र दिया था। इसी मंत्र का पालन करते हुए वह केंद्र में मंत्री बने और आज देश के सबसे बड़े राज्य के राज्यपाल हैं। राज्यपाल ने विधि छात्रों को बारीक नजर रखते हुए कामा और फुल स्टॉफ तक का गंभीरता से ख्याल रखने की सलाह दी। और बताया कि किस तरह उनके हस्तक्षेप के बाद एक मुस्लिम सांसद को लोकसभा में अपनी शपथ दुबारा लेनी पड़ी थी।

राजभवन में तीस हजार लोगों से मिले 

राज्यपाल ने बताया कि अगले महीने उनके कार्यकाल के पांच साल पूरे हो जाएंगे। इन पांच वर्षों में उन्होंने तीस हजार लोगों से मुलाकात की। और औसतन हर रोज किसी न किसी एक कार्यक्रम में शामिल हुए। इस मौके पर शंभूनाथ ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन (एसजीआई) एवं उत्थान के अध्यक्ष डॉ. डीएन तिवारी ने बताया कि शंभूनाथ इंस्टीट्यूट की स्थापना के वक्त प्रो. राजेंद्र सिंह रज्जू भय्या ने उन्हें सलाह दी थी कि वह इंजीनियरिंग, प्रबंधन और फार्मेसी के साथ ही विधि की पढ़ाई भी शुरू करें। उन्होंने कहा कि बेहतरीन संयोग है कि यह विधि संस्थान प्रो. राजेंद्र सिंह रज्जू भय्या विश्वविद्यालय से संबद्ध है। प्रो. राजेंद्र सिंह रज्जू भय्या विवि के कुलपति प्रो. राजेंद्र प्रसाद ने संस्थान की प्रशंसा की। शंभूनाथ विधि संस्थान के निदेशक प्रो. बीपी सिंह ने अतिथियों का स्वागत करते हुए बताया कि संस्थान शुरू से ही गुणवत्तायुक्त विधि शिक्षा दे रहा है। स्थापना के बाद से अब तक दो वर्षों में प्रो. राजेंद्र सिंह रज्जू भय्या विवि के टॉपर इसी संस्थान के विद्यार्थी रहे हैं।

2017 में स्थापित हुआ था कॉलेज

एसजीआई के सचिव डॉ. कौशल कुमार तिवारी ने बताया कि विधि संस्थान की स्थापना 2017 में की गई थी। यहां पांच वर्षीय विधि पाठ्यक्रम (बीएएलएलबी) संचालित किया जाता है। तय किया गया था कि भवन का उद्घाटन जब भी होगा राज्यपाल राम नाईक ही करेंगे। संस्थान के सचिव एवं मुख्य प्रशासनिक अधिकारी प्रो. आरके सिंह ने अंग वस्त्रम और स्मृति चिह्न देकर अतिथियों का अभिनंदन किया। संचालन डॉ. अविनाश श्रीवास्तव ने किया जबकि धन्यवाद विधि संस्थान की प्राचार्य डॉ. रजनी त्रिपाठी ने दिया।

मेधावी विद्यार्थियों का हुआ सम्मान

राज्यपाल ने शंभूनाथ विधि संस्थान के टॉपर विद्यार्थियों बीएएलएलबी प्रथम वर्ष की वैशाली यादव, जोशिका मुखर्जी, मधु सिंह और द्वितीय वर्ष की अंकिता तिवारी, शिवानी शुक्ला तथा सारिका मिश्रा को सम्मानित किया। आईसीएससीई और सीबीएसई बोर्ड में जिले के टॉपर रहे सेंट जोसेफ स्कूल के वरूल श्रीवास्तव, सेंट मेरीज स्कूल की स्मृति त्रिपाठी, श्रुति त्रिपाठी, महर्षि पतंजलि स्कूल के श्रेयांश कुमार सिंह और टैगोर पब्लिक स्कूल के फराज अहमद सिद्दीकी को भी सम्मानित किया गया।

रैंकिंग फिर से शुरू करने की मांग

एसजीआई के सचिव डॉ. कौशल कुमार तिवारी ने राज्यपाल से राज्य के तकनीकी, फार्मेसी एवं अन्य उच्च शिक्षा संस्थानों की रैंकिंग की व्यवस्था फिर से शुरू करने की मांग की। उन्होंने कहा कि इससे कॉलेजों में आपसी प्रतिस्पर्धा बढ़ती है और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होता है। उन्होंने बताया कि रैंकिंग में एसजीआई के तकनीकी और फार्मेसी संस्थान का प्रदर्शन हमेशा बेहतर रहता था।

इस पर तो तालियां बजनी चाहिए...

निदेशक प्रो. बीपी सिंह विधि संस्थान की उपलब्धियों के बारे में बता रहे थे तो अचानक राज्यपाल बोल उठे क्यों भाई, इस पर तो ताली बजनी चाहिए...। राज्यपाल शंभूनाथ इंस्टीट्यूट की हरियाली से बहुत प्रभावित हुए और कहा कि यहां आकर मन प्रसंन्न हो गया। उन्होंने परिसर में पौधरोपण भी किया। उन्होंने संस्थान को अपने जीवन संघर्ष पर लिखी किताब चरैवेति, चरैवेति का हिन्दी और अंग्रेजी संस्करण भेंट किया। बताया कि इस किताब का अब तक दस भाषाओं में अनुवाद हो चुका है।

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