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राम मंदिर किसी पूंजीपति का नहीं, सभी रामभक्तों का है : केशव मौर्य

प्रयागराज। संवाददाताPublished By: Dinesh Rathour
Sun, 12 Sep 2021 09:41 PM
राम मंदिर किसी पूंजीपति का नहीं, सभी रामभक्तों का है : केशव मौर्य

उप-मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि अयोध्या में बन रहा राम मंदिर किसी पूंजीपति का नहीं है, बल्कि इसमें सभी रामभक्तों की भागीदारी  है। कोरोनाकाल में रामलीला के आयोजन को लेकर अभी दिशा-निर्देश नहीं हुए है। इस बारे में लखनऊ जाकर चर्चा करूंगा। लेकिन अभी कोरोना समाप्त नहीं हुआ है। इसका हमें ध्यान रखना होगा। कई प्रदेशों में हजारों लोग रोज संक्रमित मिल रहे हैं। जीवन में संस्कार रामलीला के माध्यम से मिलता है।

रामायण के सभी पात्र आदर्श भावना की सीख देते हैं। रामलीला से समाज में वैमनस्यता समाप्त हो जाती है। रामलीला से ही हिन्दू संस्कृति अन्नत काल तक अक्षुण रहेगी। वह रविवार को बैकुंठ धाम दारागंज में आयोजित रामलीला महासंघ के प्रथम अधिवेशन के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि श्रृंगवेरपुर में रामायण मेला का जो बीज बोया गया था वह वट वृक्ष बन गया है। राम वनगमन मार्ग का निर्माण तेजी से चल रहा है। 2025 में कुंभ से पहले रिंग रोड भी बनकर तैयार हो जाएगा। 

अध्यक्षीय संबोधन में स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती ने कहा द्वापर में कृष्ण भगवान ने भी रामलीला करवाई थी। डॉ. बालकृष्ण पांडेय ने कहा कि दुनिया के 65 देशों में रामलीला का मंचन होता है। महासंघ के जरिए प्रयाग की रामलीला को वैश्विक पहचान मिलेगी। डॉ. राम नरेश त्रिपाठी पिंडीवासा, डॉ.शंभू नाथ त्रिपाठी अंशुल ने विचार विमर्श किए। संचालन महासंघ के अध्यक्ष फूलचंद दुबे ने किया। रामानुजाचार्य, श्री सारंग धराचार्य, पूर्व विधायक दीपक पटेल, महानगर अध्यक्ष गणेश  केसरवानी, पूर्व महानगर अध्यक्ष अवधेश गुप्ता, मधु चकहा, कुल्लू यादव, सुधीर द्विवेदी, राजेन्द्र पालीवाल, जितेंद्र गौड़, नयन कुशवाहा, डॉ. अर्चना शुक्ला, प्रेमलता गुप्ता, पार्षद कमलेश सिंह, सतीश गुप्ता, तीर्थराज पांडेय, दुकान जी, प्रमोद बाबू झा मौजूद रहे।

दस किलोमीटर की परिधि में न बिके मांस 

महासंघ के अध्यक्ष फूलचंद दुबे ने सम्मेलन में डिप्टी सीएम के समक्ष कई मांग रखी। इसमें रामवनगमन मार्ग है उसे लिंक मार्ग से जोड़ा जाए। संगम को विश्व धरोहर का दर्जा दिया जाए, इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। संगम के दस किलोमीटर की परिधि में मथुरा वृंदावन की तरह मांस-मदिरा की बिक्री प्रतिबंधित की जाए। गांवों में रामलीला कमेटियां गठित की जाएं और सरकार से मदद मिले। 

पश्चिम बंगाल की तरह सरकार करें कमेटियों की मदद 

स्वामी हरि चैतन्य ब्रह्मचारी ने कहा कि पश्चिम बंगाल में जिस तरह सभी पूजा कमेटियों को सरकार से आर्थिक मदद मिलती हैं। उसी तरह उत्तर प्रदेश सरकार को भी रामलीला और दुर्गा पूजा कमेटियों को आर्थिक सहायता देनी चाहिए।

 

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