Decision on the appeal of Talwar couple in Aarushi murder case today in allahabad high court - आरुषि हेमराज हत्याकांडः मम्मी-पापा ने आरुषि को नहीं मारा, इलाहाबाद हाई कोर्ट ने किया बरी DA Image

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आरुषि हेमराज हत्याकांडः मम्मी-पापा ने आरुषि को नहीं मारा, इलाहाबाद हाई कोर्ट ने किया बरी

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नोएडा के बहुचर्चित आरुषि हत्याकांड में उम्रकैद की सजा काट रहे तलवार दंपती की अपील स्वीकार कर ली है और सीबीआई कोर्ट की सजा को खारिज कर दिया है। यह फैसला जस्टिस बीके नारायण व जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्र की खंडपीठ ने सुनाया। कोर्ट ने कहा कि इस मामले में सीबीआई ठोस साक्ष्य नहीं जुटा पाई।

न्यायमूर्ति बीके नारायण एवं न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्र की खंडपीठ ने डॉ. नूपुर तलवार एवं डॉ. राजेश तलवार की अपील पर कई दिनों तक दोबारा सुनवाई के बाद गत सात सितंबर को अपना निर्णय सुरक्षित कर लिया था। वर्ष 2008 में नोएडा में आरुषि एवं हेमराज की हत्या में गाजियाबाद की विशेष सीबीआई कोर्ट ने तलवार दंपती को दोषसिद्ध पाते हुए 26 नवंबर 2013 को उम्रकैद की सजा सुनाई थी।

तलवार दंपती ने इसी फैसले को अपील में चुनौती दी है। अपील पर एक बार सुनवाई पूरी हो चुकी थी। बाद में खंडपीठ ने दोबारा सुनवाई की और उसके बाद फैसला सुरक्षित कर लिया।

मई, 2008 में नोएडा के जलवायु विहार इलाके में 14 साल की आरुषि का शव उसके मकान में बरामद हुआ  था। शुरुआत में शक की सुई हेमराज की ओर गई, लेकिन दो दिन बाद मकान की छत से उसका भी शव बरामद किया गया। उत्तर प्रदेश की तत्काल मुख्यमंत्री मायावती ने मामले की जांच सीबीआई को सौंपी थी।

कत्ल की रात को क्या हुआ था

वो 16 मई 2008 की ही रात थी जब नोएडा के पॉश इलाकों में से एक जलवायु विहार में सनसनीखेज हत्या का केस सामने आया। शहर के मशहूर डेंटिस्ट राजेश तलवार औप नुपुर तलवार की बेटी आरुषि का गला कटा शव उनके घर में मिला। इस मामले में सबसे पहले 45 साल के घरेलू नौकर हेमराज पर गया। लेकिन 17 मई को हेमराज का शव तलवार के अपार्टमेंट से बरामद हुआ।

अगली सुबह 17 मई को हेमराज की लाश डॉ. तलवार के घर की छत पर मिली। दोहरे हत्याकांड के बाद शक की सुई पूरी तरह डॉ. राजेश तलवार की तरफ घूमने लगी। तलवार दंपती के घर में रहते हुए दो हत्याएं हुईं और उन्हें पता न चला, इस पर सवाल उठ रहे थे। सीबीआई की अदालत ने तलवार दंपति को 26 नवंबर 2013 को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। 

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