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हिंदी न्यूज़ उत्तर प्रदेशडीडीयू में 40 मिनट तक तड़पती रही छात्रा, नगर विधायक ने अपनी कार से पहुंचवाया अस्‍पताल

डीडीयू में 40 मिनट तक तड़पती रही छात्रा, नगर विधायक ने अपनी कार से पहुंचवाया अस्‍पताल

हिन्‍दुस्‍तान टीम ,गोरखपुर Ajay Singh
Sat, 27 Nov 2021 02:54 PM
डीडीयू में 40 मिनट तक तड़पती रही छात्रा, नगर विधायक ने अपनी कार से पहुंचवाया अस्‍पताल

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डीडीयू स्नातक तृतीय वर्ष की छात्रा क्रीड़ांगन में 40 मिनट तक बेहोशी की हालत में तड़पती रही। फोन पर फोन मिलाने के बावजूद कोई जिम्मेदार नहीं पहुंचा। उसकी दो सहेलियों ने शोर मचाया, जिसके बाद छात्र जुटे। नगर विधायक की कार से छात्रा को जिला अस्पताल पहुंचाया गया। फिलहाल छात्रा खतरे के बाहर है। हालांकि अस्पताल में भी विवि से कोई जिम्मेदार छात्रा की खैरियत जानने नहीं पहुंचा।

डीडीयू में बीए तृतीय वर्ष की छात्रा की क्लास सुबह 9 से 12 बजे और अपराह्न 3 से 4 बजे तक थी। दोपहर में करीब ढाई बजे आर्ट फैकल्टी के सामने क्रीड़ांगन से सभी छात्राएं अपने क्लास में जा रही थीं तभी एक छात्रा की तबीयत बिगड़ने लगी। वह वापस क्रीड़ांगन में जाकर बैठ गई। इसी दौरान उसे माइग्रेन अटैक आ गया। वह फील्ड में ही बेहोश होकर छटपटाने लगी। उसकी सहपाठियों मुस्कान व उत्कंठा ने कुछ देर बाद कक्षा शुरू होने से पूर्व उसका नंबर लगाया लेकिन नंबर नहीं उठ रहा था। इस बीच एक बार नंबर उठा लेकिन वह कुछ बोल नहीं पा रही थी।

दोनों सहेलियां क्लास छोड़कर भागीं और फील्ड में पहुंचीं। इस दौरान फील्ड में कुछ लड़के भी जुटने लगे थे। वह बेहोशी की हालत में थी। उसका शरीर कांप रहा था। सांस भी मुश्किल से ले पा रही थी। छात्राओं के शोर मचाने पर छात्र जुटने लगे। छात्रों ने विवि के मुख्य नियंता समेत कई जिम्मेदारों को फोन किया लेकिन किसी का फोन नहीं उठा तो किसी ने यह कहकर टाल दिया कि दिखवा रहे हैं। इसके बाद छात्र कला संकाय भवन के पास स्थित गेट पर छात्रा को टांगकर ले आए। वहां कुछ शिक्षक व कर्मचारी भी पहुंच गए। छात्र उनसे मदद की गुहार लगाते रहे लेकिन कोई आगे नहीं आया।

नगर विधायक की कार से पहुंचाया जिला अस्पताल

नगर विधायक डॉ. आरएमडी अग्रवाल के यहां मांगलिक कार्यक्रम पड़ा है। इसी सिलसिले में वह विश्वविद्यालय परिसर में गए थे। छात्रों ने करीब 3:20 बजे उनकी कार रोकी। नगर विधायक ने तत्परता दिखाते हुए अपनी कार छात्रा को अस्पताल ले जाने के लिए दे दी। दोनों सहेलियां छात्रा को लेकर जिला अस्पताल पहुंचीं और उसका इलाज शुरू कराया गया।

दर्जनों छात्र भी पहुंचे अस्पताल

विश्वविद्यालय परिसर में छात्र नेता अनुराग मिश्र, प्रभात राय, नारायण दत्त पाठक, शिवम मिश्र आदि ने छात्रा की मदद की तो जिला अस्पताल में भी प्रिंस गुप्ता, अनूप यादव, प्रभात रंजन, आकाश पासवान, विनय यादव, उज्जवल पटेल, आकाश पासवान, हर्षित शाही व सतीश चन्द्र आदि छात्र पहुंचे। शाम साढ़े चार बजे परिवारीजनों के पहुंचने और वहां से डिस्चार्ज होने तक सभी छात्र-छात्राएं अस्पताल में डटे रहे। छात्रा करीब एक घंटे तक जिला अस्पताल की इमरजेंसी में रही। वहां भी विश्वविद्यालय प्रशासन का कोई जिम्मेदार हालचाल तक पूछने नहीं पहुंचा।

आखिर किस काम की सुविधाएं?

डीडीयू परिसर में पहुचंने के बाद विद्यार्थी की पूरी जिम्मेदारी विवि प्रशासन की हो जाती है। विश्वविद्यालय में छात्रों के लिए चिकित्सा केन्द्र मौजूद है। विवि प्रशासन के पास चिकित्सा वैन भी है। चिकित्सा के नाम पर विवि हर साल रकम भी खर्च होती है। सवाल यह उठता है कि जब ऐन वक्त पर उसका उपयोग न हो पाए तो यह सुविधाएं किस काम की हैं?

छात्रा की तबीयत खराब होने की सूचना मुझे मिली, लेकिन उस समय मैं जरूरी मीटिंग में था। शिक्षकों का फोन आने पर मैंने तत्काल एंबुलेंस भेजवाई। हालांकि एंबुलेंस जब पहुंची तब तक छात्रा को वहां से ले जाया जा चुका था।

प्रो. अजय सिंह, अधिष्ठाता, छात्र कल्याण

 

 

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