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डीडीयू छात्रा की मौत का मामला: पांच डॉक्टरों की टीम सुलझाएगी हत्‍या और आत्‍महत्‍या की गुत्‍थी

वरिष्‍ठ संवाददाता ,गोरखपुर Published By: Ajay Singh
Mon, 02 Aug 2021 09:09 PM
डीडीयू छात्रा की मौत का मामला: पांच डॉक्टरों की टीम सुलझाएगी हत्‍या और आत्‍महत्‍या की गुत्‍थी

डीडीयू में बीएससी तृतीय वर्ष की छात्रा प्रियंका भारती की मौत की गुत्थी सुलझने की जगह अभी हत्या और आत्महत्या के बीच ही उलझी हुई है। परिवारीजनों की मांग पर पुलिस ने गृह विज्ञान विभाग की विभागाध्यक्ष और उनके सहयोगियों पर हत्या का केस दर्ज कर लिया है। वहीं पीएम रिपोर्ट पर सवाल उठने पर पांच सदस्यी डॉक्टरों की एक टीम भी गठित कर दी गई है। यह टीम पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी देखकर अपनी रिपोर्ट देगी और उसी अधार पर हत्या और आत्महत्या का आन्तिम निर्णय लिया जाएगा। वहीं दूसरी तरफ कैंट थाने में दर्ज हत्या की विवेचना को एसएसपी ने कैंट थाने से हटाकर सीओ चौरीचौरा को सौंप दिया है। इसके अलावा अफहवा फैलाने वालों पर भी उन्होंने कार्रवाई का निर्देश दिया है।

गुलरिहा थाना क्षेत्र के शिवपुर सहबाजगंज टोला पोखरा निवासी विनोद कुमार की बेटी प्रियंका बीएससी गृह विज्ञान ततीय वर्ष की छात्रा थी। शनिवार की दोपहर में गृह विज्ञान विभाग में स्टोररूम के पास छत में लगे ट्यूबलाइट के फेम में फंदे से उसकी लटकी लाश मिली थी। शनिवार की रात में दो डाक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम कराया गया और पूरे प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई गई थी। एसएसपी दिनेश कुमार प्रभु ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृत्यु का कारण ‘Asphyxia as a result of Antemortum hanging’ अंकित है। उन्होंने कहा कि छात्रा के शरीर पर कहीं और किसी तरह के चोट नहीं है। छात्रा के पिता ने हत्या का आरोप लगाते हुए केस दर्ज करने की मांग की थी। बिना केस दर्ज किए वह अन्तिम संस्कार को तैयार नहीं थे इसलिए उनकी तहरीर पर हत्या का केस दर्ज कर लिया गया। केस दर्ज होने के बाद परिवार ने दोबारा पीएम कराने की मांग शुरू कर दी थी। परिवार के अनुरोध पर पांच डॉक्टरों के एक पैनल से पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी का परीक्षण कराने के अनुरोध मान लिया गया है और सीएमओ ने पांच डॉक्टरों का एक पैनल भी गठित कर दिया है। यह पैनल जो रिपोर्ट देगा उस हिसाब से विवेचना को आगे बढ़ाया जाएगा। एसएसपी ने बताया कि कैंट थाने से इस विवेचना को सीओ चौरीचौरा जगतराम कन्नौजिया को सौंपा गया है।

परिवार की मांगों पर राजमंदी के बाद हुआ अं​तिम संस्कार

उधर, सोमवार की सुबह कड़ी सुरक्षा के बीच राजघाट स्थित राप्ती तट पर छात्रा का अंतिम संस्कार कराया गया। इस दौरान डीएम और एसएसपी खुद भारी फोर्स के साथ मौजूद रहे। पुलिस का कहना था कि छात्रा के परिवारीजनों की मांगे मानने के बाद सोमवार की सुबह वह अन्तिम संस्कार के लिए राजी हुए और शव का अन्तिम संस्कार कर दिया गया। वहीं, दूसरी ओर गोरखपुर विश्वविद्यालय पर छात्र नेताओं ने छात्रा की मौत पर प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस दौरान पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर प्रदर्शन कर रहे छात्रों को वहां से खदेड़ा। इसके साथ ही यूनिवर्सिटी कैंपस पूरी तहर पुलिस छावनी में तब्दील हो गया। एसएसपी ने बताया कि कुछ लोगों ने विश्वविद्यालय में प्रदर्शन कर परीक्षा को रोकने की कोशिश की है। ऐसे किसी भी हरकत को कामयाब नहीं होने दिया जाएगा ऐसे लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

 

छात्रा की मौत पर गरमाई सियासत

छात्रा की मौत पर शनिवार से ही सियासत भी शुरू हो गई है। सियासत की ही देन थी कि रविवार को शव का अंतिम संस्कार नहीं हो पाया। सभी पार्टी के लोगों ने छात्रा के घर पहुचंकर अपने-अपने हिसाब से राजनीति की। छात्रा के घर से लेकर यूनिवर्सिटी तक यह राजनीति जारी रही। ऐसे में सुरक्षा के लिहाज से विश्वविद्यालय में भारी संख्या में फोर्स तैनात कर दी गई है। ताकि किसी तहर की कोई अप्रिय घटना न होने पाए। सुबह से ही यूनिवर्सिटी गेट पर कई थानों की पुलिस फोर्स के साथ ही महिला पुलिस व पीएसी भी तैनात कर दी गई है। जबकि एलआईयू टीम को भी यहां निगरानी के लिए अलर्ट कर दिया गया है।

परिवार ने उठाए हैं पांच सवाल

मौत के मामले में छात्रा के परिजनों ने पांच सवाल खड़े किए थे। जबकि उनकी पांच मांगे भी थी। परिजनों का कहना था कि जब तक उनके पांच सवालों का जवाब और पांचों मांगे पूरी नहीं होती, तब तक अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। परिजनों के सवाल थे कि जिस दुपट्टे से शव लटका हुआ था, वह प्रियंका का नहीं है। इससे तय है कि मौत से पहले प्रियंका के आसपास कोई मौजूद था। वहीं, अगर प्रियंका ने आत्महत्या की है तो उसके कपड़ों पर मिट्टी कैसे लगी। इसके अलावा मौत के बाद उसकी घड़ी गायब हो गई। ट्यूबलाइट की जिस राड में फंदा लगाने की बात कही जा रही है, वह ऐसा नहीं है जिसे फांसी लगाने के लिए चुना जा सके। फांसी से पहले प्रियंका को दूर जाकर चप्पल उतारने की क्या जरूरत पड़ी? उसके सिर में चोट कैसे लगी?

 

यह थीं पांच मांगें

वहीं, दूसरी ओर परिवार वाले अपनी पांच मांगों पर भी अड़े रहें। उनकी मांग थी कि छात्रा के शव का पांच सदस्यी डॉक्टरों की टीम से दोबारा पोस्टमार्टम कराया जाए। साथ ही उनका कहना था कि वह पढ़ने में काफी होनहार थी। ऐसे में उसकी मौत से परिवार को काफी छति हुई है। उन्होंने मुआवजे के तौर पर एक करोड़ रुपए की मांग की थी। इसके अलावा परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी, मजिस्ट्रियल जांच और परिवार की सुरक्षा की मांग की थी।

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