darvesh yadav murder Know why the fellow lawyer has killed UP Bar Council President - जानिए आखिर क्यों साथी वकील ने यूपी बार काउंसिल अध्यक्ष को गोलियों से भूना DA Image

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जानिए आखिर क्यों साथी वकील ने यूपी बार काउंसिल अध्यक्ष को गोलियों से भूना

darvesh yadav

अधिवक्ता डॉ. अरविंद मिश्रा के चैंबर में आखिर हुआ क्या था। अधिवक्ता मनीष बाबू शर्मा ने ताबड़तोड़ गोलियां क्यों चलाईं। दोनों के बीच किस बात पर तकरार शुरू हुई थी। यह तस्वीर गुरुवार को साफ हुई। पुलिस ने प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए। उन्होंने बताया कि आगरा में तैनात रहे चर्चित इंस्पेक्टर सतीश यादव को देख मनीष तमतमा गया था।

बुधवार को उत्तर प्रदेश बार काउंसिल अध्यक्ष दरवेश यादव की चार गोलियां मारकर हत्या हुई थी। हत्यारोपी मनीष बाबू शर्मा ने खुद को भी एक गोली मारी थी। प्रत्यक्षदर्शियों ने पुलिस को बताया कि दरवेश यादव अधिवक्ता डॉ. अरविंद मिश्रा के चैंबर में बैठी थीं। नाश्ता चल रहा था। मैनपुरी में तैनात इंस्पेक्टर सतीश यादव भी वहां मौजूद थे। दरवेश की भतीजी कंचन यादव, मौसेरा भाई मनोज यादव भी वहां थे। अधिवक्ता मनीष बाबू शर्मा आया। इंस्पेक्टर को देखा और कुछ ही पल में लौट गया।

करीब दस मिनट बाद वह दोबारा आया। उस समय इंस्पेक्टर मौजूद नहीं थे। मनीष और दरवेश के बीच में सिर्फ एक कुर्सी की दूरी थी। उसने दरवेश यादव से पूछा कि ये इंस्पेक्टर यहां क्यों आया। इसे किसने बुलाया है। इतना कहने के बाद उसने गालियां देना शुरू कर दिया। मनोज यादव ने उसे टोका। मनीष ने पिस्टल निकाल ली। मनोज यादव बैठ गया। मनीष ने चार गोलियां दरवेश यादव को मारीं।

डीएम ने एडीएम सिटी को सौंपी हत्याकांड की जांच
डीएम एनजी रवि कुमार ने एडीएम सिटी केपी सिंह को दरवेश हत्याकांड की जांच सौंपी है। उन्होंने इस मामले की 10 दिन में रिपोर्ट देने को कहा है। डीएम ने बताया कि हत्याकांड के हर पहलू से जांच की जा रही है। पुलिस अपने स्तर से जांच कर रही है और प्रशासन अपने स्तर से पड़ताल कर रहा है। एडीएम सिटी ने बताया कि गवाहों के बयान लिए जाएंगे।

सारे सवालों के जवाब खोजे पुलिस: एसएसपी
अधिवक्ता डॉ. अरविंद मिश्रा का चैंबर गुरुवार को फिर खोला गया। एसएसपी ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। अधीनस्थों से पूछा कि अब तक जांच में क्या किया। फिर कहा कि घटना के कई चश्मदीद हैं। पुलिस हर उस सवाल का जवाब खोजे, जो उठ रहा है। मनीष का पूरा रिकॉर्ड खंगाले।

एसएसपी जोगेंद्र कुमार सिंह ने एसपी सिटी प्रशांत वर्मा से जांच की प्रगति पूछी। एसपी सिटी ने बताया कि पांच खाली खोखे मिले हैं। पिस्टल बरामद है। मुकदमे में घरवालों ने इंस्पेक्टर सतीश यादव, मनोज कुमार को गवाह बनाया है। सभी के नाम पुलिस के पास हैं। एसएसपी ने निर्देश दिए कि सभी के बयान अंकित किए जाएं। मनीष की बुधवार की दिनचर्या पुलिस के पास होनी चाहिए। विवेचना में वैज्ञानिक साक्ष्य शामिल किए जाएं। फॉरेंसिक टीम से रिपोर्ट ली जाए। पर्दे के पीछे तो कोई नहीं, यह भी पता लगाया जाए। एसपी सिटी ने आधा दर्जन मोबाइल पुलिस के कब्जे में है। यह घटनास्थल से मिले थे।

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