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बीहड़ में आतंक का पर्याय बन चुका था मुठभेड़ में मारा गया महेंद्र पासी

Encounter

इलाहाबाद के फूलपुर क्षेत्र में बुधवार रात पुलिस मुठभेड़ में मारा गया चित्रकूट के नामी डकैत गोप्पा गैंग का लीडर महेंद्र पासी उर्फ धोनी बीहड़ में आतंक का पर्याय बन चुका था। यूपी और एमपी से एक लाख का इनामी उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में कई ताबड़तोड़ वारदातों को अंजाम देकर पुलिस के लिए चुनौती बन गया था

रैपुरा थाना क्षेत्र की ग्राम पंचायत गौरिया के मजरा देसाह निवासी महेन्द्र पासी 2012 में बंदूक लेकर बीहड़ में कूदा था। गोप्पा यादव गैंग में शामिल होने के बाद उसने कई वारदातों को अंजाम दिया। उसके खिलाफ चित्रकूट जिले में हत्या, डकैती, रेप, अपहरण आदि के डेढ़ दर्जन मुकदमे दर्ज हैं। करीब डेढ़ वर्ष पहले गैंग सरगना रहे गोप्पा यादव को एसटीएफ ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। उसके बाद गैंग की कमान महेंद्र ने संभाली। उसने मध्य प्रदेश के रीवां जनपद में अपहरण की कई वारदातों को अंजाम देकर फिरौती वसूली। यूपी और मध्य प्रदेश पुलिस ने उस पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। बाद में रीवां पुलिस ने इनाम की धनराशि बढ़ाकर 80 हजार किए जाने का प्रस्ताव भोपाल भेजा था। 

गैंगवार में गोप्पा के भांजे की कर दी थी हत्या
गोप्पा यादव के जेल जाने के बाद डकैत महेंद्र खूंखार हो गया। उस समय गोप्पा गैंग के सभी सदस्य उसी के साथ चल रहे थे। इनमें गोप्पा का सगा भांजा राजा भी शामिल था। पांच माह पहले किसी बात को लेकर देसाह के जंगल में गैंगवार हो गया। इसमें महेंद्र ने राजा की हत्या कर दी थी। अभी दो माह पहले ही पुलिस ने उसका कंकाल जमीन से निकाला था। 

चित्रकूट के एसपी मनोज कुमार झा ने बताया कि बबुली कोल, गौरी यादव व महेंद्र पासी गैंग पुलिस के निशाने पर थे। इनके सफाए के लिए पुलिस ने बीहड़ में मुखबिरों का जाल बिछा रखा था। दबाव के चलते गैंग भागते हुए घूम रहे थे। तीनों गैंगों का फायर पावर कमजोर हो गया है। एक-दो सदस्य इन गैंगों में बचे हैं। महेंद्र के मारे जाने के बाद अब बबुली, लवलेश और गौरी यादव पुलिस के टारगेट पर हैं।

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  • Web Title:dacoit Mahendra Pasi killed in encounter