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डी-2 नाम से गैंग, सुरक्षा के लिए गनर, कुछ ऐसा था माफिया अनुपम दुबे का राजनीति में दबदबा

अनुपम दुबे सवायजपुर सीट से बसपा से चुनाव लड़ा, जीत तो न मिली लेकिन इसके बाद राजनीति में उसका दबदबा बन गया। न सिर्फ बसपा बल्कि दूसरे दलों में भी माफिया की गहरी पैठ रही।

डी-2 नाम से गैंग, सुरक्षा के लिए गनर, कुछ ऐसा था माफिया अनुपम दुबे का राजनीति में दबदबा
Pawan Kumar Sharmaसंवाददाता,फर्रुखाबादThu, 07 Dec 2023 11:06 PM
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अनुपम दुबे ने हरदोई की सवायजपुर सीट से बसपा से विधानसभा चुनाव लड़ा, जीत तो न मिली पर इसके बाद राजनीति में खासा दबदबा बन गया। न सिर्फ बसपा बल्कि दूसरे दलों में भी माफिया की गहरी पैठ रही। पिछले जिला पंचायत के चुनाव में तो बसपा नेता ने अपनी तुरुप चाल से बड़े बड़ों को हाशिए पर ला दिया। जिला पंचायत अध्यक्ष बनवाने में भी उसकी खासी भूमिका रही। पुलिस ने वैसे तो 14 जुलाई 2021 के बाद से उसकी घेराबंदी शुरू कर दी थी, लेकिन इधर जो कार्रवाई शुरू हुई अभी तक जारी है।

फतेहगढ़ के कसरट्टा मोहल्ला निवासी अनुपम दुबे सदर विधानसभा से चुनाव भी लड़ चुका था। जीत न मिलने के बाद वह अपराध की दुनिया के साथ राजनीति में अपने को स्थापित करने के लिए आगे बढ़ा। फर्रुखाबाद में अपने को राजनीति में स्थापित करने को बसपा नेता ने खूब जोर आजमाइश की और धीरे-धीरे स्थापित नेता बन गया। भाई अमित दुबे को ब्लाक प्रमुख बनवाया। बसपा नेता का दबदबा सिर्फ यहीं तक सीमित नहीं था बल्कि पुलिस भी उनके दरबार में हाजिरी लगाने जाती थी। कई दरोगा और पुलिस कर्मी अपनी पोस्टिंग कराने के लिए उनके घर पर सैल्यूट मारने पहुंचते थे। अभी भी बसपा नेता की पसंद वाले कुछ पुलिस कर्मी जिले में ही तैनात हैं। 

पिछले जिला पंचायत चुनाव में अनुपम दुबे ने दूसरे दलों के नेताओं से दोस्ती बढ़ायी और जिला पंचायत में उलटफेर करने को तिकड़म शुरू की। चुनाव में तिकड़म तो सफल हुई मगर लखनऊ से कोई राहत न मिलने पर बसपा नेता पर पुलिस ने नजरें टेढ़ी कर लीं और फिर शिकंजा कसता ही चला गया। 14 जुलाई 2021 मे अनुपम दुबे जीआरपी के दबाव में कोर्ट में सरेंडर हुआ था, तब से जेल में है। हालांकि उसके बाद भी कई राजनेता और पुलिस वाले उससे मिलने जेल भी जाते रहे।

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पुलिस सुरक्षा में घूमता था

अनुपम दुबे की पुलिस में इतनी अधिक गहरी पैठ थी कि वह जब चाहता था सुरक्षा गार्ड मुहैया करा लेता था। किसी कार्यक्रम में पहुंचता था तो उसके साथ सुरक्षा में पुलिसकर्मी रहते थे तो वहीं निजी स्तर पर भी माफिया ने दबदबा कायम करने के लिए कई गनर तैनात कर रखे थे। माफिया लग्जरी गाड़ी से पुलिस सुरक्षा घेरे में ही चलता था। 

डी-2 के नाम से है गैंग

अनुपम दुबे करीब ढाई साल से जेल में हैं। जिले के पुलिस रिकार्ड में वह डी-2 गैंग का लीडर है। अपराध पंजिका के अनुसार गैंग नंबर डी-7 का सदस्य भी है, इसकी हिस्ट्रीशीट का नंबर 134ए है। इसके गैंग में अलग-अलग तरह के सदस्य हैं। वैसे तो पुलिस ने इसके तीन भाइयों की भी मौजूदा समय में हिस्ट्रीशीट खोल रखी है। अनुपम के भाई अनुराग दुबे की पुलिस को तलाश है। उस पर पचास हजार का ईनाम है। माफिया का दूसरा भाई मोहम्मदाबाद से ब्लाक प्रमुख अमित दुबे हरदोई की जेल में बंद है। उस पर भी धोखाधड़ी समेत कई मुकदमे हैं।

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