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अब मालामाल होंगे नाई, इतने रुपये किलो में खरीदे जाएंगे कटे बाल

cut hair will be purchase in up

आमतौर पर लोग सैलून में जाते हैं और बाल छोटे कराकर चले आते हैं। सैलून वाले भी ये बाल फेंक देते हैं। कानपुर समेत यूपी के कई शहरों में अब ऐसा नहीं होगा। यहां सैलून वाला बाल काटने के पैसे तो लेगा ही, इनकी बिक्री से भी मालामाल होगा। जी हां, शहर में बाल संकलन सेंटर खोलने की तैयारी है। इन्हें इकट्ठा कर अमीनो एसिड और ब्रश बनाने की तैयारी है।

खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड ने कुटीर उद्योगों को बढ़ावा देने की योजना तैयार की है। इसके तहत हरित खादी संस्था संकलन सेंटरों के जरिए चालीस रुपये प्रति किलोग्राम के हिसाब से बाल खरीदेगी। मानव बाल, गोबर और गौमूत्र के मिश्रण से अमीनो एसिड तैयार किया जाएगा। अमीनो एसिड का जैविक खाद से लेकर अन्य वस्तुओं में इस्तेमाल होगा। इसके लिए प्लांट भी लगाया जाएगा।

खादी, ग्रामोद्योग मंत्री सत्यदेव पचौरी ने बताया कि बाल खरीदने के सेंटर फरवरी या मार्च तक कानपुर सहित कई शहरों में खुल जाएंगे। इसके लिए समझौता भी हो चुका है। प्लांट लगाने वाली कंपनी को भी फायदा होगा। प्लांट में तैयार अमीनो एसिड 150 रुपये लीटर बिकेगी। यह राशि लागत मूल्य से कम है। इसके लिए जिलेवार बाल काटने वालों का ब्योरा एकत्र कराया जा रहा है।

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अमीनो एसिड का कई जगह होता है इस्तेमाल

हरित खादी के अफसरों का कहना है कि तीन मिश्रण (मानव बाल, गोबर, गौमूत्र) से तैयार होने वाला अमीनो एसिड मल्टीपरपज होगा। वैसे इस रयायन का सबसे अधिक उपयोग जैविक खाद बनाने में होगा। इसके अलावा कीटनाशक दवाइयां भी तैयार हो सकती हैं। इसका बहुआयामी उपयोग भविष्य में होगा। फिलहाल अमीनो एसिड बनाने का प्लांट लगाने का काम जल्द शुरू होगा।

मानव बाल से साफ-सफाई के लिए ब्रश बनेंगे

हरित खादी संस्था के अधिकारी ने  बताया कि खादी, ग्रामोद्योग विभाग से समझौता हो चुका है। अब कानपुर, लखनऊ सहित दस शहरों में बाल खरीद सेंटर खोले जाएंगे। इसके बाद अन्य जिलों, तहसील, ब्लाक फिर गांव स्तर पर बाल खरीद संकलन केंद्र खुलेंगे। इन बालों का उपयोग बहुआयामी होगा। इससे साफ-सफाई वाले ब्रश के अलावा अन्य चीजें बनाने में होगा।

कानपुर में रोजाना निकलता है 800 किलो बाल

बाल कलेक्शन सेंटर खोलने से पहले संस्था ने उपलब्धता के लिए सर्वे कराया है। शहर में सैलून के अलावा कर्मकांड और धार्मिक स्थलों से करीब आठ कुंतल बाल निकलते हैं। ये बाल कूड़े में फेंक दिए जाते हैं। कानपुर जिले में लगभग 1900 लोग बाल काटने के धंधे में है। इसके अलावा धार्मिक, कर्मकांड और मुंडन संस्कारों में भी बाल निकलते हैं। अब ये बाल भी आमदनी का जरिया होंगे।

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सैलून संचालकों के लिए कमाई का जरिया

सैलून संचालक हों या फिर गांव के फुटपाथ या बाजार में बाल काटने वाले, बाल किसी काम के नहीं होते थे। इसकी वजह से वे लोग बालों को फेंक देते थे। अब ये लोग बालों को अपने ही जिले या तहसील में बेच सकेंगे। इससे उन्हें रोजाना पचास-सौ रुपए की आमदनी होने लगेगी। बेकार बालों से सैलून संचालक अतिरिक्त कमाई कर सकेंगे।

सत्यदेव पचौरी, खादी, ग्रामोद्योग मंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार

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  • Web Title:cut hair will be purchased at the rate of 40 rs per kg in uttar pradesh