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उत्तर प्रदेशशर्मनाक: तीन-तीन बेटों के रहते जेसीबी से गड्ढा खोद दफनाया गया पिता का शव, कोरोना से हुई थी मौत

हिन्‍दुस्‍तान टीम ,संतकबीरनगर Published By: Ajay Singh
Tue, 01 Jun 2021 11:48 AM
शर्मनाक: तीन-तीन बेटों के रहते जेसीबी से गड्ढा खोद दफनाया गया पिता का शव, कोरोना से हुई थी मौत

कोरोना काल की मुसीबतों में नात-रिश्तदारों, गांव मोहल्ले वालों ने ही नहीं, घर-परिवार ने भी खौफ में दूरी बना ली। ऐसी तमाम व्यथा कथाएं भरी पड़ी हैं। संतकबीरनगर के धर्मसिंहवा में तो अंतिम वक्त में अपनी औलादों ने भी हाथ नहीं लगाया। तीन-तीन बेटे और पिता की मौत हुई तो कंधा तक नसीब नहीं हुआ। कोरोना के खौफ में अंतिम संस्कार के नाम पर गड्ढा खोदकर जेसीबी से लाश दफन करा दी। 

धर्मसिंहवा के परसा शुक्ल गांव की यह व्यथा कथा वायरल वीडियो से सामने आई। गांव के रामललित सालभर से टीबी की बीमारी से ग्रस्त थे। सेहत खराब हुई तो परिजनों ने 22 मई को गोरखपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। बड़े बेटे बुधिराम के अनुसार डाक्टरों ने बताया कि पहले कोरोना जांच कराओ। रिपोर्ट आने के बाद इलाज शुरू होगा। अगले दिन सुबह रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इसके बाद अस्पताल के बाहर ही मौत हो गई। हालांकि दूसरे बेटे अनिल के अनुसार पॉजिटिव रिपोर्ट पर पिता ने घर ले चलने को कहा। यहां लाए और उनकी मौत हो गई। 

इसके आगे जो हुआ, वह देख और सुनकर किसी भी बाप की आत्मा दु:ख और क्षोभ से तड़प उठेगी। रामललित के बुधिराम और अनिल के अलावा एक और बालिग बेटा है। लेकिन जब पिता के अंतिम संस्कार का वक्त आया तो कोरोना का खौफ बाप-बेटे के रिश्ते पर भारी पड़ा। बेटों ने जेसीबी बुलाई और गांव के बाहर गड्ढा खोदकर दफन कर दिया। वीडियो में जो दिख रहा है, उससे ठीक से इसे दफन करना भी नहीं कहेंगे। पॉलीथिन में पैक लाश में दो तरफ बंधी डोरियां पकड़कर गड्ढे में डाल दिया। बेटों का कहना है कि कोरोना से मौत की खबर पर गांव वालों ने दरवाजे बंद कर लिए। दूसरे, माहौल ही ऐसा था, इसलिए जेसीबी की मदद लेनी पड़ी।

वहीं परसा शुक्ल गांव के प्रधान प्रतिनिधि त्रियुगानन्द गौतम का कहना है रामललित की मौत 23 मई को कोरोना से हुई थी। घर वालों से जब अंतिम संस्कार के लिए बात की गई तो पॉजिटिव होने की वजह से दाह-संस्कार करने के लिए मना कर दिया। इसलिए गांव के लोग भी पीछे हट गए।

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