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यूपी: कानपुर में एक साथ उठीं तीन अर्थियां, मचा कोहराम

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हाय दईया, ई का हुईगा। ए लक्ष्मी के बाबू हमऊ को साथ लिये चलौ। हम अकेले हिन का करिबै। हम ऐसे तुम्हें न जाने देब। पति और दो बच्चों के शव से लिपटी पत्नी नीतू बिलख रही थीं। उनकी चीत्कार सुन वहां खड़े हर व्यक्ति की आंखों से आंसू छलक रहे थे। बुधवार सुबह तीनों की अर्थियों एक साथ नौबस्ता स्थित घर से उठीं तो कोहराम मच गया। ड्योढ़ी घाट पर अंतिम संस्कार किया गया।

नौबस्ता-हमीरपुर रोड पर मंगलवार भोर में नाला धंसने से चावल की बोरियां लदा ट्रक स्लैब पर तख्त डालकर सो रहे नौबस्ता निवासी रिंकू तिवारी, उनके 15 वर्षीय बेटे अभिषेक और पांच वर्षीय लक्ष्मी नारायण पर पलट गया था। तीनों की दबकर मौत हो गई थी। तीनों शव पोस्टमार्टम के बाद दोपहर में ही घर पहुंच गए थे, लेकिन रिंकू के भाई राजेश और राजकुमार के राजस्थान में नौकरी करने के चलते अंतिम संस्कार नहीं किया गया।

बुधवार सुबह दोनों भाई घर पहुंचे तो वे भी भाई-भतीजों के शव देख फफक पड़े। पत्नी तो बार-बार बस यही कह रही थी कि हमें भी साथ ले चलो, हम अकेले यहां क्या करेंगे। उन्हें कोई चुप कराने का साहस भी नहीं जुटा पा रहा था। करीब 11 बजे तीनों अर्थियां एक साथ उठीं तो चीत्कार मच गया। पत्नी पति और दो बच्चों के शवों के पीछे-पीछे दौड़ती और सड़क पर दो-तीन बार गिरी। आसपड़ोस की महिलाओं ने छलकते आंसुओं के बीच उन्हें संभाला। पुलिसकर्मियों ने ट्रैफिक रुकवाकर अर्थियां निकलवाईं। इस दौरान वाहन सवारों ने भी पूरा सहयोग किया। ड्योढ़ी घाट पर बड़े भाई ने रिंकू के शव को मुखाग्नि दी और दोनों भतीजों के शव को दफनाया।

दुकानें रहीं बंद, मातम छाया
हादसे में पिता-पुत्रों की मौत के बाद से अर्थियां उठने तक नौबस्ता क्षेत्र में मातम छाया रहा। लोग उनके घर पहुंचकर परिजनों को ढांढस बंधा रहे थे। इस दौरान व्यापारियों ने भी अपनी-अपनी दुकानें बंद रखीं।

सीएम राहत कोष से मिलेंगे पांच-पांच लाख
एसीएम प्रथम आरपी वर्मा ने बताया कि हादसे में पिता-पुत्रों की मौत के मामले में सीएम राहत कोष से तीनों के नाम से पांच-पांच लाख रुपए की आर्थिक मदद परिजनों को मिलेगी। इसके लिए तहसील से रिपोर्ट तैयार की जाएगी, जो शासन को भेजी जाएगी।

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  • Web Title:cremation of three dead bodies altogether in Kanpur