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29 साल पुराने मामले में कोर्ट का आया फैसला, हत्या और डकैती के दोषी 41 लोगों को सुनाई 10-10 साल की सजा 

29 साल पुराने मामले में देवरिया की अदालत ने शुक्रवार को फैसला सुनाया। कोर्ट ने हत्या व डकैती के मामले में दोषी 41 लोगों को 10-10 साल की सजा सुनाई है। घटना 1995 में हुई थी। वारदात में आईपीएफ...

29 साल पुराने मामले में कोर्ट का आया फैसला, हत्या और डकैती के दोषी 41 लोगों को सुनाई 10-10 साल की सजा 
Dinesh Rathourनिज संवाददाता,देवरियाFri, 16 Feb 2024 07:18 PM
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29 साल पुराने मामले में देवरिया की अदालत ने शुक्रवार को फैसला सुनाया। कोर्ट ने हत्या व डकैती के मामले में दोषी 41 लोगों को 10-10 साल की सजा सुनाई है। घटना 1995 में हुई थी। वारदात में आईपीएफ से जुड़े दर्जनों लोगों ने एक व्यक्ति के घर पर हमला बोलते हुए लूट पाट किया था। इस दौरान दूसरे पक्ष की तरफ से की गई फायरिंग में दो लोगों की जान चली गई थी। मामले में अपर सत्र न्यायाधीश इंदिरा सिंह की अदालत ने शुक्रवार को अपना फैसला सुनाया। खामपार थाना क्षेत्र के बलुअन खास निवासी अजय कुमार श्रीवास्तव 17 जनवरी-1995 की शाम को अपनी बाइक से बाजार जा रहे थे। इस दौरान रास्ते में छोटेलाल की साइकिल से टक्कर हो गई। छोटेलाल इंडियन पीपुल्स फ्रंट यानि आईपीएफ का सदस्य था। बाइक व साइकिल टकराने को लेकर दोनों में कहा सुनी होने लगी। इस दौरान लोगों ने बीच बचाव कर झगड़ा छुड़ा दिया।

जाते समय छोटेलाल ने अगले दिन सबक सिखाने की धमकी दी। अगले दिन 18 जनवरी की सुबह करीब 7:20 बजे करीब सौ डेढ़ सौ की संख्या में आईपीएफ के सदस्य नारेबाजी करते हुए भाला, लाठी, डण्डा, ईट, पत्थर, बम आदि से लैस होकर अजय श्रीवास्तव के घर पर हमला कर दिया। घर के लोग डर कर छत पर भागे तथा गांव में दशहत के चलते भगदड़ मच गयी। हमलावरों ने अजय के अलावा उनके बगल के हरदेव भगत व रामनाथ के घर में भी लूटपाट किया।

आईपीएफ सदस्यों के तेवर को देख  अजय लाल ने अपनी बाबा की लाइसेंसी दोनाली बन्दूक से हमलावरों पर फायर किया। जिससे एक महिला व बच्चे की मौत हो गयी। मामले में 28 साल तक चली सुनवाई के बाद शुक्रवार को अपर सत्र न्यायाधीश इंदिरा सिंह की अदालत ने हमला कर लूटपाट करने वाले पक्ष के 40 लोगों को 10-10 साल की कैद और एक हजार रुपए जुर्माना की सजा सुनाई। जबकि हत्या के मामले में एक व्यक्ति को अदालत ने दोषी मानते हुए 10 वर्ष की कैद व 10 हजार रुपए जुर्माना लगाया है। सजा सुनाने के बाद कोर्ट ने सभी को जेल भेज दिया।

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