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31 मई, 2020|1:26|IST

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कोरोना वायरस : भारत में बेकाबू नहीं होंगे हालात, हमारी प्रतिरोधक क्षमता बेहतर

coronavirus in indore

भारत में कोरोना वायरस से संक्रमण के हालात यूरोपीय देशों जैसे अनियंत्रित होने की संभावना बहुत कम है। प्रमुख चार कारण भारत का तापमान, अनुवांशिकी, जीवन शैली और प्रधानमंत्री द्वारा किया गया लॉकडाउन यहां के हालात बेकाबू नहीं होने देंगे। इसके अलावा भारतीयों की प्रतिरोधक क्षमता भी यूरोपीय लोगों से बेहतर होती है, इसलिए भी वायरस का भारत में कम असर होने की प्रबल संभावना है।

यह कहना है कि लखनऊ के राममनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के मेडिसिन विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. विक्रम सिंह का। वह यूपी में राज्य सरकार द्वारा बनाई गई टीम का हिस्सा हैं और कोरोना के राज्य नोडल अधिकारी भी। 'हिन्दुस्तान' से बातचीत में उन्होंने अमरीका की जॉन हॉप्किंस यूनिवर्सिटी के 'सेंटर फॉर डिजीज डायनमिक्स एंड इकोनॉमिक पॉलिसी' द्वारा प्रकाशित शोध के तथ्यों को खारिज किया है। इस शोध में कहा गया था कि भारत में 25 अप्रैल के बाद बड़े पैमाने पर लोग बीमार हो सकते हैं।

अपनी प्रतिरोधक क्षमता के साथ लड़ेंगे भारतीय
डॉ. सिंह के मुताबिक फ्रांस के पेरिस स्थित इंस्टीट्यूट के प्रोफेसरों द्वारा रोग प्रतिरोधक क्षमता पर किए शोध के अनुसार अफ्रीकन अनुवांशिकी के मनुष्यों में प्रतिरोधिक क्षमता अन्य देशों के लोगों से अधिक होती है। भारतीय भी अफ्रीकन अनुवांशिकी में आते हैं। शोध में पाया गया कि इनमें सांस रोधी रोगों की प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है, जिससे संक्रमण की कम संभावना होती है। शोध में यह भी कहा गया है कि आनुवांशिक कारणों से जींस में भी फर्क होता है, लिहाजा हमारी प्रतिरोधक क्षमता यूरोपीय देशों से अधिक है। यह शोध प्रसिद्ध जनरल 'सेल' में प्रकाशित हुआ है।

तापमान भी सहायक
डॉ. सिंह का कहना है कि वुहान में 15 जनवरी के बाद संक्रमण बढ़ा था, तब वहां का तापमान 3 से 14 डिग्री सेल्सियस था। इटली में सबसे ज्यादा मामले 15 फरवरी के बाद आए जब वहां का तापमान 13 से 19 डिग्री था। भारत में अप्रैल में तापमान 20 से 38 डिग्री सेल्सियस तक रहने की उम्मीद है। उच्च तापमान कोरोना वायरस के किसी सतह पर जिंदा रहने की अवधि को कम करता है।

यहां होता है प्राकृतिक वैक्सिनेशन
भारतीय रोजमर्रा की जिंदगी में बैक्टीरिया से जूझते रहते हैं। जैसे शुद्ध पेयजल न पीना, ढाबे आदि पर कम साफ-सफाई में बना भोजन करना, कॉलेज कैंटीन आदि में भोजन से शरीर ऐसे संक्रमण के विरुद्ध प्रतिरोधक क्षमता पैदा कर लेता है। इसे प्राकृतिक वैक्सिनेशन भी कहते हैं।

जीवनशैली भी बचाती है संक्रमण से
भारत में नमस्ते द्वारा अभिवादन, गर्म भोजन करने की परम्परा भी हमें संक्रमण से बचाती है। खाने से पहले हाथ धोना भी इसमें सहायक है। 

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  • Web Title:Coronavirus : things will not be uncontrollable in India our immunity is better than people of European countries