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9 मार्च, 2021|4:22|IST

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CORONAVIRUS : पश्चिमी यूपी में COVID-19 के सबसे ज्यादा केस, प्रदेश के 603 पॉजिटिव में 404 मामले सिर्फ तीन मंडल में

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चीन के वुहान शहर से शुरू हुआ कोरोना का कहर पूरे देश में है। उत्तर प्रदेश में पश्चिमी यूपी इसका हॉटस्पॉट बन गया है। उत्तर प्रदेश में 70 फीसदी केस सिर्फ वेस्ट यूपी में हैं। इसमें भी छह जिलों नोएडा, मेरठ, आगरा, बुलंदशहर, सहारनपुर और गाजियाबाद के सात लोगों की चेन से सबसे ज्यादा संकमित मिले। प्रदेश की पांच मौत में से तीन सिर्फ यहीं हुईं। यहां चंद लोगों की नासमझी ने सैकड़ों लोगों की जिंदगी दांव पर लगा दी। कोई बाहर घूमकर आया और छिपकर घर में बैठ गया तो कोई संक्रमित होते हुए भी अपना व्यापार करता रहा। नतीजन, इनके लोग इनके संपर्क में आते गए और संक्रमित होते चले गए।

यूपी में सोमवार रात 11 बजे तक कोरोना संक्रमित के 603 मामले सामने आए हैं। इसमें 404 केस सिर्फ वेस्ट यूपी के तीन प्रमुख मंडल आगरा, मेरठ और सहारनपुर के हैं। सबसे ज्यादा केस आगरा जिले में 137 हैं। सहारनपुर में 46 केस सामने आ चुके हैं इसमें सभी लोग दिल्ली जमात में शामिल रहे हैं। नोएडा में 64 मामले हैं। नोएडा में वायरस फैलने की प्रमुख वजह सीजफायर कंपनी मानी गई है। स्वास्थ्य विभाग ने माना है कि संक्रमण को समय रहते कंट्रोल किया जा सकता था, लेकिन लोगों ने ट्रेवल हिस्ट्री छिपाकर इसको विस्तृत कर दिया।

मेरठ : सब्जी बेचता रहा संक्रमित
मवाना कस्बे के मोहल्ला कल्याण सिंह निवासी व्यक्ति की तीन दिन पहले कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इससे पहले वह करीब एक हफ्ते तक मवाना की मंडी में सब्जी बेचता रहा। पुलिस मान रही है कि झारखंड के जमातियों के संपर्क में आने से वह संक्रमित हुआ। पुलिस ने उसके संपर्क में आए करीब सौ आढ़तियों को होम क्वारंटाइन कर दिया है। सब्जी खरीदने वाले ग्राहकों को सामने लाने के लिए पुलिस ने कोरोना संक्रमित का फोटो वायरल करते हुए अपील की है कि इससे सब्जी खरीदने वाले खुद सामने आ जाएं, जिससे उनके स्वास्थ्य की जांच कराई जा सके।

संक्रमित एक, क्वारंटाइन हुए 50, एक की मौत
मेरठ में महाराष्ट्र के अमरावती से 50 वर्षीय कारोबारी 19 मार्च को अपनी ससुराल आए। उनसे अब तक 22 लोग संक्रमित हो चुके हैं। एक की मौत हो चुकी है। 50 से ज्यादा लोग क्वारंटाइन हैं। इसी तरह मुंडाली थाना क्षेत्र के गांव सफियाबाद लोटी निवासी डॉक्टर दिल्ली स्टेट कैंसर हॉस्पिटल में कार्यरत हैं। इस महीने छह दिन के लिए वह गांव आए थे। दिल्ली पहुंचने पर उन्हें कोरोना की पुष्टि हुई। स्वास्थ्य विभाग ने परिवार के 27 लोगों को क्वारंटाइन कर दिया है। अभी जांच रिपोर्ट आनी बाकी है।

बुलंदशहर : मर्ज ठीक करते खुद मरीज बना
शिकारपुर निवासी प्राइवेट डॉक्टर की दो दिन पहले दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में कोरोना संक्रमण से मौत हो गई। पता चला कि डॉक्टर दंपति जयपुर घूमकर आए थे। इसके बाद जांच नहीं कराई। अपने क्लीनिक पर मरीजों की जांच करते रहे। इस दौरान संक्रमण फैलता गया। अब डॉक्टर की पत्नी और बेटा भी पॉजिटिव आए हैं। पुलिस दो अस्पतालों को सील कर चुकी है। उन मरीजों की तलाश हो रही है, जो इन दोनों अस्पतालों में गए थे। दोनों अस्पतालों का समस्त स्टाफ क्वारंटाइन हो चुका है।

आगरा : एक मरीज से 20 हुए पॉजिटिव
नजला-जुकाम होने पर एक व्यक्ति आगरा के पारस हॉस्पिटल में भर्ती हुआ। जांच में उसे कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई। इस मरीज की देखरेख करने वाली नर्स की जांच हुई तो वह भी पॉजिटिव पाई गई। नर्स से उसके परिवार में आठ लोग संक्रमित हुए। जबकि अस्पताल के पहले संक्रमित व्यक्ति से कुल 20 लोग संक्रमित हो गए। अब आगरा के पुलिस-प्रशासन ने कहा है कि जिन लोगों ने 22 मार्च से 6 अप्रैल तक इस अस्पताल में इलाज कराया है, वह खुद सूचना दें। वरना मुकदमा दर्ज होगा।

नोएडा : लंदन के ऑडिटर से 35 संक्रमित, डेनमार्क से लौटते ही छह संक्रमित
नोएडा में कोरोना वायरस के सबसे ज्यादा केस सीजफायर कंपनी से जुड़े कर्मचारियों और उनके परिवार के सामने आए। लंदन से आए ऑडिटर से इसकी शुरुआत हुई। फिर कर्मचारियों व उनके परिवारों तक वायरस पहुंच गया। इस कंपनी से प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष तौर पर जुड़े करीब 35 लोग संक्रमण की चपेट में हैं। पिछले दिनों आईटी कंपनी में जॉब करने वाला व्यक्ति काम के सिलसिले में डेनमार्क गया था। वहां से लौटते ही परिवार के पांच और लोग संक्रमित हो गए।

सहारनपुर : छात्रों को छोड़ने गया, कोरोना लाया
सहारनपुर में अब तक 46 लोग संक्रमित हो गए हैं। इसमें से 14 मरीज लखनऊ-रायबरेली में भर्ती हैं। पिछले दिनों प्राइवेट बस का कंडक्टर कुछ छात्रों को निजामुददीन दिल्ली छोड़ने गया था। लौटते वक्त उसने सवारियां बैठा लीं। लौटकर आया तो जांच में कोरोना पॉजिटिव निकला। सोमवार को कंडक्टर की मां और भाई भी पॉजिटिव आए हैं। अब उस बस में यात्रा करने वालों को ट्रेस किया जा रहा है। सभी को क्वारंटाइन किया जा रहा है।

मुरादाबाद : मोबाइल लोकेशन ट्रेस करके 40 लोग क्वारंटाइन
मुरादाबाद मंडल में अब तक कोरोना के चौदह पॉजिटिव केस आ चुके हैं। इनमें से कई पॉजिटिव मरीज ऐसे हैं जिन्होंने निजामुद्दीन मरकज से जुड़ी अपनी हिस्ट्री छिपाई। रविवार को सामने आया कोरोना पॉजिटिव मरीज इसका एक उदाहरण है। वह डीयू में एमए का छात्र है। खुद में संक्रमण की पुष्टि होने के बाद उसने वीडियो वायरल करके मरकज से संबंध नहीं होने की बात कही, लेकिन उसने कॉलेज के रास्ते में निजामुद्दीन मरकज पड़ने के चलते किसी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आ जाने की बात स्वीकारी। इस छात्र ने दिल्ली से मुरादाबाद लौटने की जानकारी खुद से नहीं दी बल्कि, मोबाइल लोकेशन से उसे ट्रेस किया गया। उसके जैसे करीब चालीस लोग इसी तरह मोबाइल फोन से ट्रेस करके क्वारंटाइन किए गए। रामपुर के टांडा में आए कोरोना के पांच पॉजिटिव मरीजों के बारे में पता चला कि ये लोग मुरादाबाद की कई मस्जिदों में रह कर गए हैं। इन मरीजों की वजह से उनके संपर्क में आने वाले कई लोग कोरोना के संक्रमण से पीड़ित होने के अंदेशे में आ गए हैं।

आगरा : सामान्य बीमारी बताते रहे, निकला कोरोना
ताजनगरी में जमातियों ने सबसे ज्यादा परेशानी पैदा की। कुछ लोगों की नासमझी के चलते जमातियों को अपने घरों पर भी ठहरा लिया। जिसके कारण स्थितिय‌ां बिगड़ती गईं। निजी अस्पतालों ने भी  कोरोना पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया। मरीजों के खांसी, जुकाम, बुखार को सामान्य बीमारी मानते हुए इलाज करते रहे। यही बाद में परेशानी का सबब बन गए। बड़ी संख्या में लोग कोराना संक्रमित हुए। प्रशासन ने स्क्रीनिंग तो कराई, लेकिन उन इलाकों तक ही सीमित रह गए जहां पर पॉजिटिव केस मिले थे। लिहाजा मर्ज बढ़ता गया। आगरा में अभी तक 138 केस मिल चुके हैं। आगरा में 2275 के सैंपल लिए जा चुके हैं। एक बुजुर्ग महिला की मौत हुई, लेकिन डाक्टरों की रिपोर्ट में उसे हार्टअटैक से मौत का कारण माना जा रहा है।

मरकज से ज्यादा जुड़े मामले
21 मार्च से 28 मार्च के बीच कोरोना के मामले बहुत कम थे। मेरठ मेडिकल कालेज जहां दस जिलों की जांच रिपोर्ट आ रही थीं, उसके आंकड़े कहते हैं कि मात्र पांच फीसदी सैंपल जांच को आए। लेकिन 29 मार्च से अब तक आठ सौ से अधिक मामले आए। मात्र तेरह दिनों में 765 सैंपल जांच के लिए आ गए। हालत यह है कि अब सैंपल सैफई, इटावा, लखनऊ तक भेजने पड़ रहे हैं।

केस तो बढ़ रहे हैं, प्रशासन है सतर्क
अनीता सी मेश्राम, मंडलायुक्त, मेरठ मंडल का कहना है कि  मेरठ मंडल में नोएडा, मेरठ, बुलंदशहर, गाजियाबाद आदि जिलों में बाहर से आए लोगों के कारण संख्या बढ़ी है। मेरी अपील है कि लोग सूचना दें, यह सबके हित में होगा। जो केस आ रहे हैं उस पर लगातार प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। मेरठ में नौ लोग ठीक होकर अब होम क्वारंटाइन हैं।

वेस्ट यूपी में कोरोना संक्रमित
जनपद-----संक्रमित
आगरा------137
गाजियाबाद-----32
नोएडा-------64
शामली-------22
बागपत--------14
मेरठ----------58
बुलंदशहर------11
हापुड़---------9
सहारनपुर-----46
मुजफफरनगर----7
बिजनौर--------3

 

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