ट्रेंडिंग न्यूज़

Hindi News उत्तर प्रदेशकांग्रेस को गठबंधन मिलीं 17 सीटों पर टिकटों के दावेदार बढ़े, यहां से इन नामों पर चर्चा तेज

कांग्रेस को गठबंधन मिलीं 17 सीटों पर टिकटों के दावेदार बढ़े, यहां से इन नामों पर चर्चा तेज

कांग्रेस को गठबंधन मिली 17 सीटों पर टिकटों के दावेदार बढ़ गए हैं। वहीं चुनाव लड़ने का मन बनाए बैठे ऐसे कई दिग्गजों को निराशा हाथ लगी है, जिनकी सीट सपा के कोटे में चली गई है।

कांग्रेस को गठबंधन मिलीं 17 सीटों पर टिकटों के दावेदार बढ़े, यहां से  इन नामों पर चर्चा तेज
Deep Pandeyहिन्दुस्तान,लखनऊFri, 23 Feb 2024 10:18 AM
ऐप पर पढ़ें

यूपी में सपा के साथ गठबंधन के बाद कांग्रेस के कोटे में आई 17 लोकसभा सीटों पर दावेदार बढ़ गए हैं। वाराणसी से अजय राय फिर मैदान में आ सकते हैं। पार्टी सूत्रों के अनुसार देवरिया लोकसभा सीट से पूर्व विधायक एवं राष्ट्रीय प्रवक्ता अखिलेश प्रताप सिंह को प्रत्याशी बनाया जा सकता है। हालांकि पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू भी टिकट के दावेदार माने जा रहे हैं। इसी तरह बाराबंकी से पूर्व सांसद पीएल पुनिया या उनके बेटे तनुज पुनिया और झांसी से पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य को सबसे प्रमुख दावेदार माना जा रहा है। सहारनपुर से पूर्व विधायक इमरान मसूद, महराजगंज से राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत व सीतापुर से पूर्व मंत्री नकुल दुबे की दावेदारी काफी पुख्ता मानी जा रही है। कानपुर से पूर्व विधायक अजय कपूर के अलावा आलोक मिश्रा व शरद मिश्रा को भी टिकट के दावेदार के तौर पर देखा जा रहा है।

कई दिग्गजों को निराशा हाथ लगी

इसके साथ ही चुनाव लड़ने का मन बनाए बैठे ऐसे कई दिग्गजों को निराशा हाथ लगी है, जिनकी सीट सपा के कोटे में चली गई है। वैसे दोनों दलों के सामने अपने कार्यकर्ताओं को एक दूसरे के प्रत्याशियों के समर्थन में लाने की चुनौती बरकरार है। गठबंधन में कांग्रेस को मिली सीटों में फर्रुखाबाद, खीरी, बहराइच, फैजाबाद व प्रतापगढ़ जैसी सीटें शामिल नहीं हैं। इसमें फर्रुखाबाद से पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद, खीरी से जफर अली नकवी, बहराइच से कमांडो कमल किशोर, फैजाबाद से डॉ. निर्मल खत्री और प्रतापगढ़ से राजकुमारी रत्ना सिंह 2009 में कांग्रेस के टिकट पर सांसद चुनी गई थीं।

इस बार ये सीटें सपा के कोटे में चली गई

इस बार ये सीटें सपा के कोटे में चली गई हैं। कमांडो कमल किशोर को इस बार गोरखपुर की बांसगांव सुरक्षित लोकसभा सीट से टिकट का प्रबल दावेदार माना जा रहा है। इस तरह वह अपनी सीट बदलकर चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं, जबकि अन्य नेताओं के समर्थक निराश हैं। हालांकि राजकुमारी रत्ना अब कांग्रेस में नहीं हैं, लेकिन कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी के समर्थक उन्हें प्रतापगढ़ से लोकसभा चुनाव लड़ाए जाने के पक्ष में थे।

 

हिन्दुस्तान का वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें