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गठबंधन में मिली 17 में इन 11 सीटों पर पिछले 3 चुनावों में नहीं खुला कांग्रेस का खाता

यूपी में सपा और कांग्रेस में गठबंधन और सीट बंटवारा हो गया है। गठबंधन में मिली 17 में इन 11 सीटों पर पिछले 3 चुनावों में कांग्रेस का खाता नहीं खुला है।

गठबंधन में मिली 17 में इन 11 सीटों पर पिछले 3 चुनावों में नहीं खुला कांग्रेस का खाता
Deep Pandeyहिन्दुस्तान,लखनऊThu, 22 Feb 2024 08:49 AM
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लखनऊ, राजीव ओझा 

यूपी में सपा के साथ गठबंधन में मिली 17 में से 11 सीटों पर तो पिछले तीन लोकसभा चुनावों में कांग्रेस का खाता भी नहीं खुला है। अमेठी व रायबरेली को छोड़ दें तो केवल चार लोकसभा सीटों कानपुर, महाराजगंज, झांसी व बाराबंकी में 2009 में कांग्रेस को जीत नसीब हुई थी। 
रायबरेली लोकसभा सीट पिछले पांच चुनावों से लगातार कांग्रेस के पास है। कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी इस सीट से 1999, 2004, 2009, 2014 व 2019 के चुनाव में विजयी रहीं। इसी तरह अमेठी से पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी लगातार चार बार सांसद चुने गए। पिछला चुनाव वह भाजपा की स्मृति ईरानी से हार गए थे। इन दोनों सीटों के अलावा कांग्रेस के कोटे में आई केवल कानपुर की ही सीट ऐसी है, जहां उसका प्रदर्शन उल्लेखनीय माना जा सकता है। पूर्व केंद्रीय मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल 1999, 2004 व 2009 में इस सीट से सांसद चुने गए। अब पिछले दो चुनावों से यह सीट भाजपा के पास है। 
केवल बेहतर प्रदर्शन के लिहाज से देखें तो गाजियाबाद व सहारनपुर लोकसभा सीट पर पिछले तीनों चुनावों में कांग्रेस ने ध्यान आकृष्ट किया था। गाजियाबाद में 2009 व 2014 के चुनाव में कांग्रेस दूसरे नंबर पर थी तो 2019 के चुनाव में उसे तीसरा स्थान मिला था। वर्ष 2014 के चुनाव में मशहूर फिल्म अभिनेता राजबब्बर कांग्रेस के प्रत्याशी थे। सहारनपुर में 1984 के बाद कांग्रेस का खाता तो नहीं खुला है लेकिन 2019 के चुनाव में कांग्रेस तीसरे और 2014 के चुनाव में दूसरे स्थान पर थी। इस सीट से पूर्व विधायक इमरान मसूद उसके प्रत्याशी रहे। फतेहपुर सीकरी सीट भी राजबब्बर के कारण ही कांग्रेस के थोड़े प्रभाव में मानी जा रही है। पिछले दो चुनावों से तो इस सीट पर भाजपा का कब्जा है, लेकिन 2009 के चुनाव में राजबब्बर दूसरे स्थान पर रहे थे। तब बसपा ने इस सीट पर कब्जा जमाया था। 
कांग्रेस के कोटे में आई सीटों में शामिल महाराजगंज, झांसी व बाराबंकी सीट पर 2009 में कांग्रेस के सांसद चुने गए थे। गोरखपुर जिले की बांसगांव सुरक्षित सीट पर 2009 से लगातार भाजपा का कब्जा है। इससे पहले 1980, 1984, 1989 और 2004 के चुनाव में इस सीट पर कांग्रेस के महावीर प्रसाद सांसद चुने गए थे। वाराणसी व मथुरा में 2004 के चुनाव में कांग्रेस के सांसद चुने गए थे। बुलंदशहर, अमरोहा, प्रयागराज, देवरिया व सीतापुर में कांग्रेस पिछले कई चुनावों में उल्लेखनीय प्रदर्शन नहीं कर पाई है।

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