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छात्रवृत्ति घोटाले में कॉलेज चेयरमैन एयरपोर्ट से गिरफ्तार, दुबई भागने की फिराक में था

छात्रवृत्ति घोटाले में हरदोई के डॉ. ओम प्रकाश गुप्ता इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी समेत तीन अन्य शैक्षिक संस्थानों के अध्यक्ष शिवम गुप्ता को एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया है।

छात्रवृत्ति घोटाले में कॉलेज चेयरमैन एयरपोर्ट से गिरफ्तार, दुबई भागने की फिराक में था
Yogesh Yadavहिन्दुस्तान,लखनऊFri, 01 Mar 2024 10:57 PM
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प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने हरदोई के डॉ. ओम प्रकाश गुप्ता इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी समेत तीन अन्य शैक्षिक संस्थानों के अध्यक्ष शिवम गुप्ता को शुक्रवार को लखनऊ में एयरपोर्ट से गिरफ्तार कर लिया। ईडी के प्रयागराज सब जोनल कार्यालय ने छात्रवृत्ति घोटाले में संलिप्तता के आरोप में पीएमएलए 2002 के प्रावधानों के तहत यह कार्रवाई की। शिवम के विरुद्ध ईडी ने लुक आउट सर्कुलर जारी किया था। बताया जाता है कि वह दुबई भागने की फिराक में था। अयोग्य छात्रों के नाम पर फर्जी तरीके से छात्रवृत्ति की रकम डकारने में सक्रिय रूप से शामिल शिवम गुप्ता ईडी की तरफ से कई समन जारी करने के बाद भी जांच में सहयोग नहीं कर रहा था। 

इसके बाद ईडी ने उसके खिलाफ लुक आउट सर्कुलर जारी किया था। शिवम को ईडी ने चौधरी चरण सिंह एयरपोर्ट लखनऊ पर उस समय रोका, जब वह दुबई जाने की कोशिश कर रहा था। गिरफ्तार करने के बाद उसे पीएमएलए लखनऊ की विशेष अदालत के समक्ष पेश किया गया, जहां न्यायालय ने उसे सात दिनों के लिए ईडी की हिरासत में दे दिया। 

ईडी ने छात्रवृत्ति घोटाले में खुफिया जानकारी और यूपी पुलिस द्वारा दर्ज की गई एफआईआर के आधार पर जांच शुरू की थी। ईडी की जांच से पता चला कि विभिन्न संस्थानों के प्रबंधकों और ट्रस्टियों ने फर्जी छात्रों को अपने संस्थानों में प्रवेश दिलाया और सरकारी धन हड़पने की मंशा से सरकारी पोर्टल पर उनके नाम पर छात्रवृत्ति के लिए आवेदन किया, जबकि यह छात्रवृत्ति योजना जरूरतमंद विद्यार्थियों के लिए थीं। इस संबंध में सभी औपचारिकताएं संस्थानों द्वारा विभिन्न एजेंटों के माध्यम से स्वयं पूरी की गईं। 

इस प्रकार प्राप्त छात्रवृत्ति को कॉलेजों के खातों में स्थानांतरित कर दिया गया और उसके बाद नकद में निकाल लिया गया या मालिकों, प्रबंधकों, ट्रस्टियों या परिवार के सदस्यों के व्यक्तिगत खातों में स्थानांतरित कर दिया गया। इस प्रकार लगभग 100 करोड़ से अधिक सरकारी धन का गबन हुआ। इस मामले में पांच लोगों अली अब्बास जाफरी, इज़हार हुसैन जाफरी, रवि प्रकाश गुप्ता, विक्रम नाग और राम गोपाल को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है और सभी गिरफ्तार आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं।

इस मामले में लगभग 10.35 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति अस्थाई तौर पर जब्त की जा चुकी है। साथ ही एक अभियोजन शिकायत और पांच आरोपियों के खिलाफ दो पूरक अभियोजन शिकायतें विशेष पीएमएलए अदालत के समक्ष दायर की जा चुकी हैं। मामले में आगे की जांच अभी जारी है।

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