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ट्रेन के एसी कोच में आधा घंटा पहले ही अटेंडेंट ले लेगा बेडरोल, जानें क्यों

बेडरोल

रेलवे को हर साल सामानों की चोरी से बड़ा नुकसान होता है। एसी कोच में सफर करने वाले यात्री बेडरोल, कंबल, चादर चोरी कर ले जाते हैं। यात्री टॉयलेट में जंजीर से बंधे मग तक ले जाते हैं। इन चोरियों को रोकने के लिए रेलवे ने अब नियम बदल दिया है। 

रेलवे एसी कोच में यात्रियों को बेडरोल, कंबल, चादर देता है लेकिन ये लगातार चोरी हो रहे हैं। यह सामान्य ट्रेनों समेत शताब्दी, राजधानी, दूरंतों जैसी ट्रेनों में हो रहा है। इस नुकसान से बचने के लिए भारतीय रेलवे ने नियम में बदलाव किया है। नए नियम के मुताबिक अब यात्री सफर खत्म करने तक बेडरोल और कंबल का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे। कोच अटेंडेंट को निर्देश दिया गया है कि वे यात्रियों के उतरने से 30 मिनट पहले ही बेडरोल एकत्रित कर ले। नए निर्देश में यह भी सुझाव है कि अगर बेडरोल की कोई भी चीज गायब होती है तो उसकी भुगतान राशि अटेंडेंट से वसूली जाएगी। आगरा कैन्ट, आगरा फोर्ट, राजा की मंडी स्टेशनों से प्रतिदिन करीब 2 हजार लोग विभिन्न ट्रेनों के एसी कोच में यात्रा के लिए सवार होते हैं। 

पश्चिमी रेलवे जोन में ही 62 लाख का नुकसान
पश्चिम रेलवे जोन की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक साल 2017-18 में 1.95 लाख तौलिया, 81,776 चादरें, 5,038 तकिये और 7,543 कंबल चोरी हुए। साल 2018 में अप्रैल से लेकर सितंबर के बाच 79,350 तौलिया, 27,545 बेडशीट, 21,050 तकिये कवर और 2065 कंबल चोरी की शिकायत आई। रेलवे को इससे 62 लाख रुपये का नुकसान हुआ।

एसी कोच वालों का नहीं छूटेगा स्टेशन
रेलवे के नए नियम के मुताबिक आधा घंटा पहले बेडरोल लेने से एसी कोच में सफर कर रहे लोगों का सुविधा भी होगी। जिन यात्रियों को देर रात या तड़के स्टेशनों पर उतरना पड़ता है, उन्हें आधा घंटा पहले ही अटेंडेंट बेडरोल लेने के चलते जगा देगा। इस वजह से रात में सोते रहने की वजह से यात्रियों का स्टेशन छूटने का झंझट खत्म हो जाएगा। 

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