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हिंदी न्यूज़ उत्तर प्रदेशअखिलेश यादव के 'आ रहा हूं' विज्ञापन का क्या है मतलब, जानिए सीएम योगी के नजरिए से

अखिलेश यादव के 'आ रहा हूं' विज्ञापन का क्या है मतलब, जानिए सीएम योगी के नजरिए से

लाइव हिन्दुस्तान टीम ,लखनऊAmit Gupta
Tue, 26 Oct 2021 02:39 PM
अखिलेश यादव के 'आ रहा हूं' विज्ञापन का क्या है मतलब, जानिए सीएम योगी के नजरिए से

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को समाजवादी पार्टी पर जमकर हमला बोला। लखनऊ में आयोजित पिछड़ा वर्ग सम्मेलन में सीएम योगी ने सपा के 'आ रहा हूं' वाले विज्ञापन पर भी कमेंट किया। उन्होंने कहा कि सपा के विज्ञापन में जो  "आ रहा हूँ" लिखा है इसका का मतलब अपहरण, गुंडागर्दी अराजकता है। 

 

मुख्यमंत्री ने उदाहरण देते हुए कहा कि जिस दिन यह विज्ञापन लगाया गया उसी दिन औरेया में सपा नेता ने आठ लोगों का अपहरण करके वसूली करना शुरू कर दिया। लोगों ने पूछा क्या विज्ञापन का मतलब यही है तो उन्होंने कहा हां। मैं आ रहा हूं का मतलब, अपहरण, गुंडागर्दी, अराजकता, प्रदेश के अंदर अव्यवस्था।मुख्यमंत्री ने कहा कि अब यह नहीं हो पाएगा, प्रदेश अब बदल चुका हैै। सीएम ने कहा कि जब 2017 में जब हमारी सरकारी आई तो हमने सबसे पहला काम क्या किया, किसानों का कर्ज माफ किया। मां बेटी और बहन की सुरक्षा के लिए एंटी रोमियो दस्ते का गठन किया गया। प्रदेश के लिए नई-नई स्कीम लांच की और जब 2012 में  सपा की सरकार बनी थी तो उनका पहला काम रामजन्मभूमि पर आतंकी हमला करने वालाे आतंकियों पर मुकदमे वापस लेने कर कार्रवाई शुरू करना था। दूसरा काम कोसीकलां का दंगा हुआ। इसके बाद तो अंतहीन सिलसिला शुरू हो गया।  हर तीसरे दिन एक दंगा होने लगा था।

कल्याण सिंह को किया याद:  

पिछड़ा वर्ग सम्मेलन में सीएम याेगी ने कल्याण सिंह को याद करते हुए कहा कि मुझे उनके अंतिम संस्कार ब्रह्मभोज में जाने का अवसर मिला, लोकनेता कैसा होता है तो ये बाबूजी के लिए उमड़े जनसैलाब से पता चलता है। उन्होंने अपना पूरा सार्वजनिक जीवन देश और धर्म के समर्पित कर दिया। वीरांगना अवंतीबाई जी की भी चर्चा होती है, कल 9 मेडिकल कॉलेज में से एक उनके नाम पर भी हुआ, ये राजू भइया के कहने पर ही हुआ। एटा में कोई मेडिकल कॉलेज कोई सोच नही सकता था, ये बाबूजी का सपना था। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने प्रदेश में 3 पीएसी महिला बटालियन में से एक बदायूं की महिला पीएसी बटालियन का नाम अवंतीबाई के ही नाम पर हुआ है। कल्याण सिंह ने अपने परिवार के लिए नही देश और धर्म के लिए जिये थे। उनके नाम पर कैंसर अस्प्ताल का नामकरण हुआ है। बुलंदशहर के मेडिकल कॉलेज का नाम भी कल्याण सिंह जी के नाम पर किया जाएगा।  देश धर्म के लिए जीने वालों के लिए यही कृतज्ञता ज्ञापित करने का अवसर होता है। दलीय मानसिकता से ऊपर हम काम करते है,लेकिन जब कोई आपराधिक प्रवित्ति के लोग काम करते हैं तो वो सामाजिक तानेबाने को छिन्न भिन्न करते हैं। 

आरएसएस और भाजपा कार्यकर्ता के अलावा सब आइसोलेशन में

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 में जब हमें प्रदेश की व्यवस्था मिली तो हमें एक जर्जर प्रदेश मिला था ,उत्तर प्रदेश मोदी जी के नेतृत्व में आगे बढ़ता गया। ये सुविधाओं को पहले भी दिया जा सकता है,जब किसी पार्टी की छवि का आंकलन करना हो तो संकट के समय किया जाता है। कोरोना महामारी में या तो स्वयंसेवक संघ काम कर रहा था या फिर प्रदेश सरकार या भाजपा का कार्यकर्ता कर रहा था, बाकी सब आइसोलेशन में चले गए थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस ,सपा,बसपा को भी काम करने का अवसर मिला थीक दिल्ली वाले हैं उन्होंने यूपी बिहार वालों को भगा दिया था। आज सब फ्री दे रहे हैं, आज जब उन्हें लगा कि राम के बना नैया नही पार होगी तो आज वो राम के लिए दर्शन करने अयोध्या आ रहे हैं। समाजवादी पार्टी और बसपा से पूछा जाना चाहिए कि उन्होंने अपने कालखंड में क्या किया, आज अलीगढ़ में डिफेंस कॉरिडोर बन रहा है,बाबूजी ने अलीगढ़ के तालों के लिए उद्योग के लिए काम किये। आज हर जिले के लिए काम हो रहा है,मेरठ के स्पोर्ट्स आइटम,हाथरस की हींग सबके लिए काम हो रहे हैं। कानून व्यवस्था की स्थिति बेहतर हुई,निवेश आया,नौजवान की नौकरी लग रही है,पहले नौकरी सिर्फ एक परिवार के लिए था। पहले जाति मजहब धर्म देखकर आवास मिलता था, आज 2 करोड़ 61 लाख एक शौचालय दिया जा चुका है। गांव में सामुदायिक शौचालय मिल रहा है,निशुल्क बिजली कोरोना में फ्री राशन सब कुछ मिल रहा है। आज पूरे देश को परिवार मानकर प्रधानमंत्री काम कर रहे हैं।  पहले होड़ लगता था कि कौन कितने इफ्तार पार्टी दे सकता है। आस्था को कैद कर लिया जाता था, आज आस्था के आगे कोरोना भी पस्त हो गया। हमें देखना होगा पहले के लोग किस मानसिकता के साथ काम करते थे। 

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