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हिंदी न्यूज़ उत्तर प्रदेशसीएम योगी का आदेश: हर अस्पताल में 36 घंटे का ऑक्सीजन बैकअप जरूरी

सीएम योगी का आदेश: हर अस्पताल में 36 घंटे का ऑक्सीजन बैकअप जरूरी

सीएम योगी ने कहा कि यूपी में ऑक्सीजन की आपूर्ति को और बेहतर करने के लिए अलग-अलग स्थानों पर 10 नए ऑक्सीजन प्लांट स्थापित किए जाने हैं। इस कार्य में डीआरडीओ का सहयोग मिल रहा है। इसके अलावा, भारत सरकार...

सीएम योगी का आदेश: हर अस्पताल में 36 घंटे का ऑक्सीजन बैकअप जरूरी
Deep Pandeyलाइव हिन्दुस्तान टीम ,लखनऊSun, 18 Apr 2021 03:40 PM
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सीएम योगी ने कहा कि यूपी में ऑक्सीजन की आपूर्ति को और बेहतर करने के लिए अलग-अलग स्थानों पर 10 नए ऑक्सीजन प्लांट स्थापित किए जाने हैं। इस कार्य में डीआरडीओ का सहयोग मिल रहा है। इसके अलावा, भारत सरकार के स्तर से भी ऑक्सीजन आपूर्ति की मॉनिटरिंग की जा रही है। समन्वय बनाते हुए डिमांड भेजें। ऑक्सीजन के संबंध में अगले 15 दिनों की अनुमानित मांग के अनुरूप उपलब्धता बनाई रखी जाए। इसके साथ-साथ प्रदेश में ऑक्सीजन वितरण की प्रक्रिया में भी संतुलन बनाए रखा जाए। प्रत्येक अस्पताल में न्यूनतम 36 घंटे का ऑक्सीजन बैकअप होना चाहिए।

सीएम योगी ने कहा कि कुछ स्थानों पर ऑक्सीजन सिलेंडर की कमी की सूचना प्राप्त हुई है। इस संबंध में तत्काल कार्यवाही की जाए। सिलेंडर क्रय करने की प्रक्रिया में कतई देरी न हो। भारत सरकार से भी इस संबंध में सहयोग प्राप्त किया जा सकता है। चिकित्सा शिक्षा मंत्री ऑक्सीजन की आपूर्ति और वितरण के कार्यों की सतत मॉनिटरिंग करेंगे।

योगी ने कहा कि किसी भी जीवन रक्षक औषधि तथा होम आइसोलेशन में रह रहे मरीजों के मेडिकल किट की दवाओं में कोई कमी न होने पाए।खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग का कंट्रोल रूम निरन्तर कार्यशील रहते हुए रेमडेसिविर सहित विभिन्न औषधियों की उपलब्धता पर लगातार नजर रखे। रेमिडीसीवीर की अनुमानित आवश्यकता अनुरूप उत्पादनकर्ता कम्पनियों से संवाद स्थापित करते हुए मांग भेजी जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी दशा में यह सप्लाई चेन बाधित न होने पाए। स्वास्थ्य मंत्री औषधियों की उपलब्धता और आपूर्ति की पूरी चेन पर नजर रखें। इसकी लगातार समीक्षा की जाए।

योगी ने कहा कि रायपुर (छत्तीसगढ़) में अस्पताल में आग लगने की हृदयविदारक घटना घटित हुई है। इस घटना में कोविड मरीजों की दुःखद मृत्यु हुई है। हमें इस घटना से सीख लेना चाहिए। प्रदेश के सभी जिलों के सभी सरकारी व निजी चिकित्सा संस्थानों में फायर सेफ्टी के उपकरणों का परीक्षण कर लिया जाए। यह कार्य आज ही सम्पन्न करा लिया जाए। इसमें किसी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं है।