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Hindi News उत्तर प्रदेशयूपी में बाढ़ से निपटने की अभी से तैयारी, तीन भागों में बंटा प्रदेश, 29 अति संवेदनशील जिलों पर पैनी नजर

यूपी में बाढ़ से निपटने की अभी से तैयारी, तीन भागों में बंटा प्रदेश, 29 अति संवेदनशील जिलों पर पैनी नजर

सीएम योगी आदित्यनाथ आगामी मानसून को लेकर अलर्ट हो गए हैं। उन्होंने उच्च स्तरीय बैठक कर मानसून की सक्रियता के बाद बाढ़ से निपटने के लिए अधिकारियों के साथ खाका तैयार करने का आदेश दिया था।

यूपी में बाढ़ से निपटने की अभी से तैयारी, तीन भागों में बंटा प्रदेश, 29 अति संवेदनशील जिलों पर पैनी नजर
Pawan Kumar Sharmaहिन्दुस्तान,लखनऊSun, 16 Jun 2024 09:46 PM
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प्रदेश की योगी सरकार आगामी मानसून को लेकर अलर्ट हो गयी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उच्च स्तरीय बैठक कर मानूसन की सक्रियता के बाद बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए अधिकारियों को खाका तैयार करने का आदेश दिया था ताकि प्रदेशवासियों और उनके मवेशियों को समय रहते सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जा सके। 

NDRF, SDRF और PAC की कराई जा चुकी है प्रीपोजीशनिंग

राहत आयुक्त जीएस नवीन ने बताया कि मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरुप बाढ़ की स्थिति से निपटने की तैयारियां शुरू कर दी गयी हैं। इन्होंने बताया कि बाढ़ से निपटने के लिए प्रदेश को तीन भागों में बांटा गया है। इसमें अतिसंवेदनशील श्रेणी में 29, संवेदनशील श्रेणी में 11 और सामान्य श्रेणी में 35 जनपद शामिल हैं। इन जिलों में विशेष निगरानी के लिए टीमों का गठन कर अलर्ट कर दिया गया है, जिसमें सिंचाई विभाग, कृषि विभाग और पशुपालन विभाग के अधिकारी के साथ कर्मचारी शामिल हैं।

इसके अलावा एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, पीएसी और मौसम विभाग भी अलर्ट मोड पर है। राहत आयुक्त ने बताया कि बाढ़ से निपटने के लिए एनडीआरएफ की सात टीमें, एसडीआरएफ की 18 टीमें और पीएसी की 17 टीमों की प्रीपोजीशनिंग की जा चुकी है। इसके साथ ही राहत आयुक्त कार्यालय द्वारा बाढ़ की अवधि में मौसम विभाग, सिंचाई विभाग, कृषि विभाग और केंद्रीय जल आयोग से रिपोट्स प्राप्त कर दैनिक समीक्षा का रोस्टर तैयार कर लिया गया है ताकि बाढ़ प्रबंधन के संबंध में आवश्यक कार्यवाही की जा सके।  

बाढ़ से निपटने को आपदा मित्रों और वालंटियर्स को दी गयी ट्रेनिंग

बाढ़ से निपटने के लिए राज्य स्तरीय इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर को भी सक्रिय कर दिया गया है, जहां चौबीसों घंटे राहत हेल्पलाइन 1070 के लिए 20 सीटर कॉल सेंटर संचालित कर दिया गया है। इमरजेंसी सेंटर के माध्यम से प्रदेश के बाढ़ प्रभावित जिलों में फील्ड में तैनात अधिकारियों को एसएमएस और वॉयस कॉल के माध्यम से वास्तविक स्थिति से अपडेट किया जाएगा ताकि समय रहते स्थिति से निपटा जा सके। 

इतना ही नहीं सभी जिलों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की सुविधा समेत 24 घंटे डिस्ट्रिक्ट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर स्थापित कर दिये गये हैं। साथ ही इन्हे राज्य स्तरीय राहत कंट्रोल रूम से जोड़ दिया गया है। वहीं बाढ़ की तैयारी के लिए सभी जनपदों को बाढ़ पूर्व तैयारी चेक लिस्ट भेजी जा चुकी है। योगी सरकार ने प्रदेश में बाढ़ समेत अन्य आपदा से निपटने के लिए 400 आपदा मित्रों की तैनाती की है। इन्हे 15 दिन की ट्रेनिंग के साथ यूनीफार्म, आईडी कार्ड, सर्टिफिकेट तथा इमरजेंसी रिस्पांडर किट उपलब्ध करायी गयी है। इसके अलावा 10500 वालंटियर्स को प्रशिक्षण दिया गया है।