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हिंदी न्यूज़ उत्तर प्रदेशयूपी : मदरसों में भी शुरू होंगी कक्षा छह से आठ तक की कक्षाएं, आदेश जारी

यूपी : मदरसों में भी शुरू होंगी कक्षा छह से आठ तक की कक्षाएं, आदेश जारी

प्रदेश के अनुदानित एवं मान्यता प्राप्त मदरसों में कक्षा 6 से 8 तक की कक्षाओं में पढ़ाई शुरू किये जाने के आदेश जारी कर दिये गये हैं। उ.प्र.मदरसा शिक्षा परिषद के रजिस्ट्रार आर.पी.सिंह ने इस बारे में...

यूपी : मदरसों में भी शुरू होंगी कक्षा छह से आठ तक की कक्षाएं, आदेश जारी
Dinesh Rathourलखनऊ। विशेष संवाददाता।Wed, 17 Feb 2021 08:58 PM
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प्रदेश के अनुदानित एवं मान्यता प्राप्त मदरसों में कक्षा 6 से 8 तक की कक्षाओं में पढ़ाई शुरू किये जाने के आदेश जारी कर दिये गये हैं। उ.प्र.मदरसा शिक्षा परिषद के रजिस्ट्रार आर.पी.सिंह ने इस बारे में सभी जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारियों को एक आदेश बुधवार को जारी किया हे। इस आदेश में कहा गया है कि मदरसों की कक्षा 6 से 8 तक की पढ़ाई शुरू करवा दी जाए और कक्षा एक से पांच तक की कक्षाओं की पढ़ाई पहली मार्च से शुरू करवाने की तैयारी की जाए। बताते चलें कि इन मदरसों में कोरोना संक्रमण की वजह से आफलाइन नियमित पढ़ाई बंद चल रही थी।

यूपी में एक मार्च से सुबह नौ बजे से खुलेंगे प्राइमरी स्कूल
एक मार्च से खुलने जा रहे प्राइमरी स्कूलों के लिए राज्यस्तर से समयसारिणी जारी कर दी गई है। एक मार्च को स्कूल सुबह नौ बजे से खुलेंगे। महानिदेशक स्कूल शिक्षा विजय किरन आनंद के मुताबिक कक्षा एक से पांच तक के लिए सुबह के 15 मिनट प्रार्थना व उपस्थिति दर्ज करने के लिए और आधे घण्टे मिड डे मील के लिए दिए जाएंगे। शिक्षकों का विभाजन विषय विशेषज्ञता के आधार पर न करके कक्षानुसार किया जाएगा।  विद्यार्थियों के लर्निंग आउटकम प्राप्त कराने की जिम्मेदारी संबंधित शिक्षक की होगी। सभी कक्षाओं की समय सारिणी में पुस्तकालय को विशेष तरजीह दी गई है।

अंग्रेजी, गणित, हिन्दी, पर्यावरण विज्ञान, खेल, चित्रकला, नाटक, संगीत, संस्कृत आदि के पीरियड का निर्धारण कर दिया गया है। गर्मियों में आठ से दो और सर्दियों में नौ से तीन बजे तक स्कूल का समय होगा। छोटी कक्षाओं में एक विषय के लिए दो घंटे का एक पीरियड होगा तो कक्षा पांच में आधे घंटे का। कक्षा एक व दो में ऐसे शिक्षकों को पढ़ाने के लिए भेजा जाए जो सबसे कर्मठ, लगनशील व उत्साही हों। आवश्यकतानुसार टीएलएम का इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित किया जाए। गतिविधि आधारित शिक्षा को प्रोत्साहन दिया जाए।
 

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