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उत्तर प्रदेशसीने में संक्रमण वाले तो कोरोना की लिस्‍ट में शामिल ही नहीं, जानिए कैसे हो रहा इलाज 

हिन्‍दुस्‍तान टीम ,गोरखपुर Published By: Ajay Singh
Tue, 04 May 2021 03:37 PM
सीने में संक्रमण वाले तो कोरोना की लिस्‍ट में शामिल ही नहीं, जानिए कैसे हो रहा इलाज 

कोरोना वायरस के नए-नए लक्षण सामने आ रहे हैं। एंटीजन और आरटीपीसीआर से निगेटिव लोग भी संक्रमित माने जा रहे हैं। इन संक्रमितों की पहचान छाती के सीटी स्कैन और एक्स-रे से हो रही है। जिले में बड़ी संख्या में मरीज ऐसे हैं जिनमें सीटी स्कैन और एक्स-रे के जरिए कोरोना संक्रमण की पहचान हुई है। शासन भी इन मरीजों को संक्रमित मान रहा है।

इन्हें प्रिजम्प्टिव मामले मानकर इनका कोविड अस्पतालों में इलाज की मंजूरी दे चुका है। हालांकि ये मरीज शासन की कोविड संक्रमितों की सूची में शामिल नहीं हो रहे हैं। जिले में प्रिजम्प्टिव संक्रमितों की संख्या लगातार बढ़ रही है। सांस लेने में तकलीफ, खांसी और बुखार होने पर डॉक्टर छाती (चेस्ट) का एक्सरे या सीटी स्कैन कराने की सलाह दे रहे हैं। इस जांच में बड़ी संख्या में लोगों में संक्रमण मिल रहा है। जिले 40 रेडियोलॉजी और एक्स-रे सेंटर पर यह जांच हो रही है। हर सेंटर पर कम से कम 25 से 30 लोगों की रोजाना जांच हो रही है। इनमें आधे संक्रमित मिल रहे हैं।

सटीक जांच छाती का सीटी स्कैन
आईएमए के सचिव और सीनियर चेस्ट फिजीशियन डॉ. बीएन अग्रवाल ने बताया कि कई बार संक्रमण आरटीपीसीआर और एंटीजन की जांच पकड़ में नहीं आता। संक्रमण को पहचानने के लिए सबसे सटीक जांच छाती का सीटी स्कैन है। फेफड़े में संक्रमण की वजह कोरोना ही है। करीब 20 फीसदी मामले ऐसे हैं। जिनमें संक्रमण को इसी तरीके से पकड़ा जा रहा है।

वायरस फेफड़े में करता है असर
बीआरडी मेडिकल कालेज के टीबी एंड चेस्ट के विभागाध्यक्ष डॉ. अश्वनी मिश्रा ने बताया कि कोरोना वायरस फेफड़े पर असर करता है। इसका पहला अटैक फेफड़े पर ही होता है। इस वजह से मरीज को सांस लेने में दिक्कत होती है। उसे खांसी आती है। इस संक्रमण को पहचानने का सबसे सटीक उपाय सीटी स्कैन है।

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