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Hindi News उत्तर प्रदेशप्रचंड गर्मी से त्राहिमाम,  बढ़ रहा तनाव; बिगड़ जा रहा दिल का रिदम; क्‍या बोले डॉक्‍टर 

प्रचंड गर्मी से त्राहिमाम,  बढ़ रहा तनाव; बिगड़ जा रहा दिल का रिदम; क्‍या बोले डॉक्‍टर 

पूर्वी यूपी में प्रचंड गर्मी पड़ रही है। सूरज आग उगल रहा है। रात में भी उमस और गर्म हवाएं बेहाल कर रही हैं। दिन में तापमान 42 डिग्री सेल्सियस और रात में 28 डिग्री सेल्सियस के करीब रह रहा है।

प्रचंड गर्मी से त्राहिमाम,  बढ़ रहा तनाव; बिगड़ जा रहा दिल का रिदम; क्‍या बोले डॉक्‍टर 
Ajay Singhवरिष्ठ संवाददाता। ,गोरखपुरMon, 29 Apr 2024 08:04 AM
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Effect of weather on health: पूर्वी यूपी में प्रचंड गर्मी पड़ रही है। दिन में सूरज आग उगल रहा है। रात में भी उमस और गर्म हवाएं बेहाल कर रही हैं। दिन में तापमान 42 डिग्री सेल्सियस और रात में 28 डिग्री सेल्सियस के करीब रह रहा है। तापमान में यह उछाल लोगों की सेहत पर असर डाल रहा है। हीट वेव, लू और उमस भरी रातों ने लोगों का सुख-चैन छीन लिया है। गर्मी के कारण तनाव बढ़ गया है।

तेज धूप, उमस व पसीने से शरीर में इलेक्ट्रोलाइट का संतुलन बिगड़ गया है। डिहाइड्रेशन के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। इससे दिल का रिदम भी बिगड़ा हुआ है। रविवार को भी गर्मी ने कहर बरपाया। दिन का अधिकतम तापमान 41.2 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27.9 डिग्री सेल्सियस रहा। दिन का तापमान सामान्य से 3.2 डिग्री सेल्सियस और रात का तापमान सामान्य से 5.2 डिग्री सेल्सियस अधिक है।

आगामी बुधवार तक मौसम ऐसे ही बना रहेगा। मौसम के मिजाज में यह बदलाव सेहत को भी नासाज कर रहा है। फिजिशियन डॉ. पीके श्रीवास्तव ने बताया कि दिन और रात के बीच बढ़े हुए तापमान के चलते दिल की गति और ब्लड प्रेशर पर असर पड़ सकता है। इससे दिल के साथ ही सांस की बीमारियां बढ़ने का खतरा है।

बिगड़ रहा है दिल का रिदम 
भीषण गर्मी के कारण शरीर के अंदर सोडियम व पोटैशियम का संतुलन सबसे ज्यादा बिगड़ा है। डिहाईड्रेशन का सीधा असर दिल पर पड़ रहा है। इससे हार्ट अटैक के मामले बढ़ रहे हैं। कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. कुणाल सिंह ने बताया कि अधिक गर्मी बढ़ने से हार्ट रेट वेरिबिएलिटी घट जाती है। वेरिबिएलिटी कम होने से हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है।

तापमान में 10 डिग्री से अधिक का अंतर बना रहा बीमार

न्यूरो सर्जन डॉ. सतीश नायक ने बताया कि तापमान में अंतर की वजह से सबसे ज्यादा बीमारियों का खतरा अस्थमा, डायबीटीज, हाई बीपी और हार्ट के मरीजों को रहता है। तापमान में 10 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा का उतार-चढ़ाव शरीर पर असर डालता है। इससे दिमागी तनाव बढ़ जाता है। जिन लोगों का इम्यून सिस्टम कमजोर है। उन पर ऐसे मौसम का बुरा प्रभाव पड़ता है। खासकर बुजुर्ग, बच्चे और बीमार लोगों पर ज्यादा खतरा रहता है। बीपी की बीमारी से जूझ रहे बुजुर्गों में ब्रेन स्ट्रोक भी हो सकता है।