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हिंदी न्यूज़ उत्तर प्रदेशफर्जी कंपनी बनाकर करोड़ों की गाड़ियां फाइनेंस कराई, विधायक, पूर्व मंत्री तक को बेची

फर्जी कंपनी बनाकर करोड़ों की गाड़ियां फाइनेंस कराई, विधायक, पूर्व मंत्री तक को बेची

हिन्दुस्तान टीम,लखनऊDeep Pandey
Sat, 12 Jun 2021 08:48 AM
फर्जी कंपनी बनाकर करोड़ों की गाड़ियां फाइनेंस कराई, विधायक, पूर्व मंत्री तक को बेची

फर्जी दस्तावेजों से कम्पनी बनाई, परिचितों को डायरेक्टर बनाया और निजी फाइनेंस कम्पनियों से करोड़ों रुपए की लग्जरी गाड़ियां फाइनेंस करा ली। कुछ समय बाद बैंको को किश्त देना बंद कर दिया और इन गाड़ियों को फर्जी दस्तावेजों से रसूखदारों को बेच डाली। टाटा मोटर्स फाइनेंस लि. के अधिकारी केके सिंह ने इस फर्जीवाड़े को पकड़ कर विभूतिखंड कोतवाली में एफआईआर दर्ज करायी। इसके बाद ही पुलिस ने इस कम्पनी के डायरेक्टर बने उर्फी और रेहान अहमद को शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया। कम्पनी के मालिक व इस गिरोह के सरगना प्रकाश फूलचंद छाबड़ा को सीबीआई की असम यूनिट ने पहले ही धोखाधड़ी के एक मामले में जेल भेज रखा है। 

एडीसीपी पूर्वी कासिम आब्दी ने बताया कि इन दोनों के पास डेढ़ करोड़ रुपये की जगुआर कार व 90 लाख रुपये की बीएमडब्ल्यू कार बरामद हुई है। ये गिरोह दो दर्जन से अधिक ऐसी गाड़ियों को फाइनेंस कराकर बैंकों को चपत लगा चुका है।  करोड़ों रुपये की बीएमडब्ल्यू और जगुआर कार बरामद की। टाटा मोटर्स कम्पनी से इस कम्पनी ने दो करोड़ 75 लाख 86 हजार 743 रुपये की धोखाधड़ी की है। 

मास्टर माइन्ड फूलचंद ने कई कम्पनियां बनाई

इंस्पेक्टर विभूतिखंड चन्द्रशेखर सिंह ने बताया कि ओमेक्स हाईट विभूतिखंड के फ्लैट 103 में रहने वाले प्रकाश फूलचंद छाबड़ा ने बायोकेमिकल्स इंडस्ट्रीज व कई अन्य नामों से कम्पनियां खोलकर उनका रजिस्ट्रेशन कराया था। इनमें अधिकतर दस्तावेज फर्जी लगाये गये। सभी कम्पनियों में छाबड़ा ने खुद को डायरेक्टर बनाया। साथ ही अपने कुछ परिचितों को भी डायरेक्टर व डिप्टी डायरेक्टर दिखाया। फूलचन्द्र कान्ट्रैक्टर भी ही है। इन कम्पनियों के नाम पर ही फूलचन्द्र ने टाटा मोटर्स फाइनेंस लिमिटेड, आईडीएफडी फर्स्ट बैंक, बीएमडब्ल्यू फाइनेंस लि. से करोड़ों रुपये का ऋण लेकर गाड़ियां खरीदी थी।

दिल्ली व हरियाणा से भी कराई फाइनेंस

एडीसीपी कासिम ने बताया कि फूलचन्द्र ने बीएमडब्ल्यू फाइनेंस प्राइवेट लि. की गुरुग्राम, हरियाणा शाखा से बीएमडब्ल्यू की फाइव सीरीज कार के लिये 39 लाख रुपये का ऋण लिया। यही से इस कम्पनी की 730 सीरीज कार के लिये एक करोड़ 65 लाख रुपये और एक्स-1 सीरीज गाड़ी के लिये 35 लाख 30 हजार रुपये फाइनेंस कराये। लखनऊ में टाटा मोटर्स फाइनेंस से जगुआर गाड़ी खरीदने के लिये 95 लाख रुपये का ऋण लिया। यहीं से कई और गाड़ियां फाइनेंस करायी। 

किश्त मांगने पर धमकाया

कम्पनी के अफसरों ने पुलिस को बताया कि जब किश्त आनी बंद हो गई तो उनके कर्मचारी सम्पर्क करने पहुंचते तो ये लोग धमका कर भगा देते हैं। फूलचन्द्र ने अपने किसी भी ऋण को पूरा अदा नहीं किया। उसके खिलाफ कई प्रदेशों में एफआईआर दर्ज हैं। 

दो-तीन साल में बेच देते थे गाड़ियां

इंस्पेक्टर चन्द्रशेखर सिंह ने बताया कि जब कम्पनी के लोग ज्यादा दबाव बनाते थे तो ये लोग कुछ समय तक टरकाने के बाद गाड़ियों को फर्जी दस्तावेजों से बेच देते थे। इस काम में उनकी कम्पनी के एमिटी प्लाजा निवासी रेहान अहमद व उर्फी मदद करते थे। छाबड़ा के जेल जाने के बाद इन दोनों ने कई गाड़ियों को कम दामों में दूसरों को बेच दिया। यह गाड़ियां दूसरे से तीसरे, तीसरे से चौथे व्यक्ति को बेची जाती लेकिन आरटीओ से ट्रांसर्फर न कराकर फर्जी कागजात दे दिये जाते थे।  

विधायक, पूर्व मंत्री तक को बेची गाड़ियां

पुलिस का दावा है कि इस गिरोह ने विधायक, पूर्व मंत्री व माफिया गिरोहों को भी गाड़ियां बेची है। रेहान ने ऐसे कई नाम लिये हैं लेकिन बड़ों से जुड़ा मामला होने के कारण पुलिस अधिकारी इस बारे में कुछ नहीं बोल रहे हैं। पर, इस बयान के आधार पर कई जानकारियां जुटायी जा रही हैं। 

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