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लखनऊ में खूब गरजे बुलडोजर, 256 अवैध निर्माण जमींदोज

राजधानी लखनऊ में बुलडोजर एक्शन जारी है। 256 अवैध निर्माण ध्वस्त किए गए। इस बीच रह रह कर बुलडोजर की गरज सुनाई दे रही थी।

लखनऊ में खूब गरजे बुलडोजर, 256 अवैध निर्माण जमींदोज
Deep Pandeyहिन्दुस्तान,लखनऊSun, 16 Jun 2024 10:15 AM
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लखनऊ में अकबरनगर में 256 अवैध निर्माण ध्वस्त किए गए। इस बीच रह रह कर बुलडोजर की गरज सुनाई दे रही थी। कभी किसी मकान या दुकान का बड़ा हिस्सा जमींदोज होता तो धरती हिल जाती। निर्माण ध्वस्त होने के बाद कुकरैल नदी का किनारा दशकों बाद नजर आया। सुबह से ही एलडीए की कार्रवाई शुरू हो गई। बुलडोजर और पोकलैंड मशीनों के ऑपरेटर अपने मिशन में जुट गए। शनिवार को तेजी से कार्य हुआ। 

इसकी एक बड़ी वजह यह रही कि लगभग सभी अवैध मकान-दुकान खाली हो चुके हैं। कुछ लोग जिनको आवास आवंटन हुआ है वे सड़क किनारे बैठे हुए लोडर का इंतजार कर रहे थे। कुछ लोग एलडीए के शिविर के बाहर आवेदन पत्र भर रहे थे। कार्रवाई के दौरान सुबह से शाम तक कोई विरोध होते नहीं दिखा। बावजूद इसके एहतिहात के तौर पर बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर तैनात था। जगह-जगह बैरिकेडिंग लगाकर फोर्स तैनात की गई थी। सिर्फ सरकारी वाहनों और जिनको आवास आवंटित हुए हैं उनका सामान ले जाने वाले लोडरों को इस सड़क पर आगे जाने दिया जा रहा था। एलडीए के अनुसार अकबरनगर प्रथम में शनिवार की शाम तक 256 अवैध निर्माण ध्वस्त किए गए। वहीं, अकबरनगर द्वितीय में अब तक 870 अवैध निर्माण ध्वस्त किए गए हैं। एलडीए ने यहां 15 बड़ी पोकलैंड मशीन, 12 जेसीबी लगाई हैं। साथ ही 15 पानी के टैंकर भी रखे गए हैं।

अब तक 1036 लोगों को मिली नई छत
अकबरनगर में अवैध रूप से रहने वाले 65 और लोगों को शनिवार प्रधानमंत्री आवास का कब्जा दिया गया। अब तक कुल 1036 आवंटियों को आवास का कब्जा दिया जा चुका है। एलडीए के अनुसार 1800 लोगों को प्रधानमंत्री आवास आवंटित किए गए हैं। इन सभी लोगों को आवास आवंटन पत्र भी दिया जा चुका है। नए आवास में ले जाने के लिए 40 लोडर वाहन अकबरनगर प्रथम और द्वितीय में तैनात किए गए हैं।

साहब, कोई सुन नहीं रहा....फफक पड़ी वृद्धा
चहुंओर उठता धूल और कंक्रीट के मलबे का गुबार। तीखी धूप और एक बुजुर्ग महिला पूरी ताकत से कुछ कह रही थी जो एलडीए के अधिकारियों तक नहीं पहुंच पा रही थी। यह देखकर पुलिस के एक सिपाही ने एलडीए सचिव ज्ञानेन्द्र वर्मा को वृद्धा की ओर देखने का इशारा किया। वृद्धा ने बताया कि कार्रवाई की जद में आए एक मंदिर की वह पुजारिन हैं। पास में फूटी कौड़ी भी नहीं। पुजारिन चन्द्रावती मिश्रा ने बताया कि पीएम आवास आवंटन का आवेदन करने की लाइन में बार-बार पीछे धकिया दी जा रही हैं। ऊपर से एक कर्मचारी से किसी तरह बात हुई तो उसने बताया कि इसके लिए पैसा जमा करना होगा। इस भीषण गर्मी में सिर की छत छिन गई। अब कहां जाएं। इस पर ज्ञानेन्द्र वर्मा ने अधीनस्थ अधिकारी को उनको डूडा का आवास दिलाने का निर्देश दिया।

साहब, 13 लोगों का परिवार, मिले तीन आवास
कार्रवाई के बीच सड़क किनारे दो फोल्डिंग चारपाई डालकर महिलाएं और बच्चे बैठे मिले। अपील अहमद, मो. इकबाल ने बताया वे पांच भाई हैं। कुल 13 लोग परिवार में हैं। तीन पीएम आवास मिले हैं लेकिन पांच लोग रह गए हैं। अब ऐसे में कहां जाएं यह सूझ नहीं रहा है।

शिपिंग कंटेनर में ऑफिस, फाइलें भी निपटाते रहे अफसर
अकबरनगर की एक गली में धूल के गुबार के बीच कुर्सियां लगाकर एलडीए उपाध्यक्ष इन्द्रमणि त्रिपाठी, डीसीपी सेंट्रल रवीना त्यागी, एसडीएम बीकेटी सतीश त्रिपाठी बैठकर दिशा निर्देश दे रहे थे। वहीं, कुछ देर पहले ही यहां से उठकर गए नगर आयुक्त इन्द्रजीत सिंह एक बड़े शिपिंग कंटेनर के भीतर चले गए। यहां इन अधिकारियों का अस्थायी कार्यालय बना है जहां कम्प्यूटर से लेकर अन्य जरूरी उपकरण मौजूद हैं। कंटेनर में बैठकर नगर आयुक्त ने जरूरी फाइलें निपटाईं।