ट्रेंडिंग न्यूज़

Hindi News उत्तर प्रदेशBSP मुश्किल में, क्यों अपने छोड़ रहे मायावती का साथ? सांसद रितेश के बाद इन नामों पर चर्चाएं

BSP मुश्किल में, क्यों अपने छोड़ रहे मायावती का साथ? सांसद रितेश के बाद इन नामों पर चर्चाएं

लोकसभा चुनाव 2024 के ठीक पहले बसपा मुश्किल में है। मायावती का साथ अपने ही छोड़ रहे हैं। सांसद रितेश पांडेय के बाद अब इन नामों पर चर्चाएं हैं।

BSP मुश्किल में, क्यों अपने छोड़ रहे मायावती का साथ? सांसद रितेश के बाद इन नामों पर चर्चाएं
Deep Pandeyहिन्दुस्तान,लखनऊSun, 25 Feb 2024 10:50 PM
ऐप पर पढ़ें

लोकसभा चुनाव 2024 को चंद महीने बचे हैं। यूपी में सियासी सरगर्मी तेज है। सभी दल अपनी ताकत झोंकने में लगे हैं। बसपा की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं। चुनाव से ठीक पहले मायावती का अपने साथ छोड़ रहे हैं। लोकसभा चुनाव एनडीए बनाम इंडिया के शोर में बसपा सुप्रीमो मायावती का अपने दम पर चुनाव लड़ना उसके अपने ही सांसदों को बर्दाश्त होता नहीं दिख रहा है। शायद यही वजह है कि इसी बेचैनी में उनके अपने ही सांसद उसका साथ छोड़ कर मजबूत ठौर की तलाश में नजर आते दिखाई दे रहे हैं। सांसद रितेश पांडेय के बाद अब इन नामों  को लेकर चर्चांएं तेज हैं।

बसपा ने वर्ष 2019 के चुनाव में सपा से गठबंधन पर 10 सीटें जीती थीं। लोकसभा चुनाव के लिए इस बार एनडीए से मुकाबले के लिए ‘इंडिया’ बनाया गया है। सूत्रों का कहना है कि बसपा के मौजूदा सांसदों और लोकसभा चुनाव की तैयारियों में लगे नेताओं को उम्मीद थी कि उनकी पार्टी भी किसी न किसी गठबंधन में शामिल होगी, लेकिन मायावती द्वारा बार-बार यह कहा जाना कि वह अपने दम पर ही चुनाव लड़ेंगी और गेंमचेंजर साबित होंगी, शायद इस पर उन्हें यकीन नहीं हो पा रहा है।

बसपा सांसद दानिश अली कांग्रेस के साथ नजर आए
यही वजह मानी जा रही है कि मौजूदा अधिकतर सांसदों के नए ठौर की तलाश में लगे होने की चर्चाएं तेज हैं। अमरोहा से सांसद दानिश अली बसपा से निलंबित होने के बाद खुलकर कांग्रेस के साथ दिखाई दे रहे हैं। मुरादाबाद में शनिवार को वह कांग्रेस की भारत जोड़े न्याय यात्रा में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के साथ नजर आए। गाजीपुर से सांसद अफजाल अंसारी को सपा अपना उम्मीदवार घोषित कर चुकी है।

इनको लेकर भी चर्चाएं
इनके अलावा कई और सांसद भी हैं जो दूसरे दलों में ठिकाना तलाश रहे हैं और उनके मंचों को साझा कर रहे हैं। जौनपुर के श्याम सिंह यादव और लालगंज की सांसद संगीता आजाद के बारे में भी चर्चाएं चल रही हैं। सहारनपुर से हाजी फजलुर्रहमान  सांसद  हैं,  लेकिन  बसपा ने वहां  से  माजिद  अली  को  लोकसभा  प्रभारी  घोषित कर रखा है। बिजनौर के सांसद  मलूक  नागर  भी  भाजपा  के  पिछले  बजट  की  तारीफ  करने  के  बाद  चर्चा  में  हैं। श्रवास्ती  के  सांसद  राम  शिरोमणि  वर्मा के बारे में भी चचार्एं हैं। देखना अब यह होगा कि बसपा अपने कितने सांसदों को रोक पाने में कामयाब होती है।

हिन्दुस्तान का वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें