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लखनऊ को चमकाने में बसपा का सबसे बड़ा योगदान, सतीश चंद्र मिश्र बोले-2022 में फिर बनेगी बसपा की सरकार

लखनऊ। प्रमुख संवाददाताPublished By: Dinesh Rathour
Sun, 26 Sep 2021 10:31 PM
लखनऊ को चमकाने में बसपा का सबसे बड़ा योगदान, सतीश चंद्र मिश्र बोले-2022 में फिर बनेगी बसपा की सरकार

बसपा के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्र ने रविवार को अपने कार्यालय पर यादव और पाल समाज के लोगों को सदस्यता दिलाते हुए कहा कि इन दोनों समाजों ने हमेशा बसपा का साथ देकर मजबूत किया है। बहुजन समाज पार्टी की सरकार 2022 में सत्ता में जरूर आएगी। उन्होंने कहा कि बसपा सरकार में हर वह काम किया जाएगा जिससे लोगों की मदद हो सके। सर्वजन समाज का विकास करना ही बसपा का उद्देश्य रहा है। बसपा कागजों पर नहीं जमीन पर विकास करती है। लखनऊ को चमकाने में बसपा का सबसे बड़ा योगदान है। दूसरे प्रदेश से लोग जब लखनऊ आते हैं तो वह सिर्फ अंबेडकर पार्क और गोमती नगर देखने आते हैं। पप्पू यादव, मनीष यादव, विनय कुमार, कपिल मिश्रा, नकुल दुबे, अरुण द्विवेदी आदि उपस्थित थे।

मायावती बोलीं, गुजर शब्द हटने के बाद भी मिहिर भोज की प्रतिमा से अनवारण

बसपा सुप्रीमो मायावती ने 22 सितंबर को गुर्जर सम्राट मिहिर भोज की दादरी में प्रदेश सरकार द्वारा लगाई गई प्रतिमा का मुख्यमंत्री ने गुर्जर शब्द के हटी हुई स्थिति में जो उसका अनावरण किया है उससे गुर्जर समाज की भावनाओं को जबरदस्त ठेस पहुंची है और वे काफी आहत हैं। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि इतना ही नहीं बल्कि गुर्जर समाज के इतिहास के साथ ऐसी छेड़छाड़ करना अति-निंदनीय है। राज्य सरकार इसके लिए माफी मांगे व साथ ही प्रतिमा में इस शब्द को तुरन्त जुड़वाए।

बसपा ने किसानों के भारत बंद का समर्थन किया

बसपा सुप्रीमो मायावती ने कृषि कानून के विरोध में सोमवार को भारत बंद का समर्थन किया है। बसपा शांतिपूर्ण आयोजन का समर्थन करेगी। मायावती ने रविवार को ट्वीट कर कहा कि केंद्र ने जल्दबाजी तीनों कृषि कानून बनाए हैं। देश के किसान इनकी वापसी की मांग को लेकर लगभग 10 महीने से पूरे देश व खासकर दिल्ली के आसपास के राज्यों में आंदोलित हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से भी पुनः अपील है कि किसान समाज के प्रति उचित सहानुभूति व संवेदनशीलता दिखाते हुए तीनों विवादित कृषि कानूनों को वापस ले और आगे उचित सलाह-मश्विरा व इनकी सहमति से नया कानून लाए ताकि इस समस्या का समाधान हो। किसान खुश व खुशहाल तो देश खुश व खुशहाल।
 

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