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Hindi News उत्तर प्रदेशशादी के बाद करती थीं धोखेबाजी, मौका पाकर हो जाती थीं फरार, पुलिस ने लुटेरी दुल्हनों का गिरोह दबोचा, सात गिरफ्तार

शादी के बाद करती थीं धोखेबाजी, मौका पाकर हो जाती थीं फरार, पुलिस ने लुटेरी दुल्हनों का गिरोह दबोचा, सात गिरफ्तार

अग्नि को साक्षी मानकर सात फेरे लेकर शादी रचाने वाली लुटेरी दुल्हनों सहित अंतरराज्यीय गिरोह का पुलिस ने गुरुवार को खुलासा किया। पुलिस ने तीन दुल्हनों सहित सात को गिरफ्तार किया है।

शादी के बाद करती थीं धोखेबाजी, मौका पाकर हो जाती थीं फरार, पुलिस ने लुटेरी दुल्हनों का गिरोह दबोचा, सात गिरफ्तार
Dinesh Rathourहिन्दुस्तान,अलीगढ़Thu, 23 May 2024 10:30 PM
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अग्नि को साक्षी मानकर सात फेरे लेकर शादी रचाने वाली लुटेरी दुल्हनों सहित अंतरराज्यीय गिरोह का पुलिस ने गुरुवार को खुलासा किया। पुलिस ने तीन दुल्हनों सहित सात को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह अब तक दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, यूपी में 12 शादियां रचा चुका था। सभी शादियों में यह दुल्हनें शादी के 24 घंटे में सुसरालियों को धोखा देकर जेवर, नकदी लेकर फरार हो जाती थीं। 
अलीगढ़ में बीते दिनों दो दुल्हनों द्वारा शादी के 24 घंटे बाद ही घर से नकदी-जेवर लेकर भागने की घटना को लेकर पुलिस अलर्ट हो गई थी। बुधवार को पुलिस को जानकारी मिली कि इस गिरोह ने पलवल में एक स्थान पर शादी की है। इस पर इंस्पेक्टर विजयकांत शर्मा की टीम ने पलवल में दबिश देकर जाकिर नगर गली नंबर-14 निवासी अनम उर्फ महविश उर्फ नेहा उर्फ सिमरन को गिरफ्तार कर लिया। वहां इस महिला ने सिमरन बनकर शादी की थी। इसके बाद गुरुवार को महरावल स्टेशन के पास से प्रदीप शर्मा निवासी जरगवां थाना रामघाट (बुलंदशहर), इसकी पत्नी अंजली उर्फ कमलेश, दानिश निवासी जाकिर नगर गली नंबर-14, राजकुमार उर्फ राजू निवासी सौदा हबीबपुर थाना कोतवाली नगर खुर्जा बुलंहशहर, इसकी पत्नी पूजा व संजू को गिरफ्तार किया गया। 

सीओ तृतीय अमृत जैन ने घटना का खुलासा करते हुए बताया कि गिरोह के लोग नाम बदलकर संपर्क करते थे। इनके निशाने पर ऐसे लोग होते थे, जिनकी शादी न हो रही हो, वहां तक यह अपने बिचौलियों तक पहुंचते थे। फर्जी आधार कार्ड का इस्तेमाल करते थे। धोखाधड़ी के बाद रुपयों को आपस में बांट लेते थे। किसी भी मोबाइल नंबर या आधार कार्ड का प्रयोग एक से अधिक बार नहीं करते थे। इन लोगों ने राजस्थान, हरियाणा व अलीगढ़ के आसपास जिलों में 12 से अधिक घटनाएं कबूली हैं। इसके बारे में जानकारी की जा रही है। सीओ ने बताया कि अगर गिरोह में कोई और भी शामिल होगा, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। गिरोह का सरगना प्रदीप है, जिसने अन्य लोगों को शामिल किया था। उस पर जवां थाने में भी इसी तरह का मुकदमा दर्ज है।

शादी के लिए अनम से सिमरन तक का सफर

गिरोह में शामिल लुटेरी दुल्हन अनम नाम बदल-बदलकर चार शादियां कीं। पहली शादी में अनम नाम से शादी रचाई गई। दूसरा निकाह महविश फिर नेहा और सिमरन के नाम से शादी की। वहीं दूसरी दुल्हन हर शादी के लिए नाम बदलती रही।

उम्रदराज अविवाहित खोजते थे बिचौलिए

पुलिस के अनुसार इस गिरोह के निशाने पर उम्रदराज अविवाहित रहते थे। इसके लिए गली-मोहल्लों तक यह अपनी पकड़ बनाने के लिए कपड़ों पर प्रेस करने वाले व अन्य सामान बेचने वालों से भी संपर्क करते थे। ताकि उन्हें संबंधित इलाके में रहने वाले अविविवाहित पुरुषों के बारे में पता चल सके।

बिना किसी खर्चे में शादी कराने के लालच में फंसते लड़के वाले 

गिरोह के सदस्य बिनी किसी खर्चे के शादी करने का लालच देते थे। जिसमें लड़का पक्ष फंस जाता था। अ‌लीगढ़ के क्वार्सी क्षेत्र के चंपा विहार साकेत कॉलोनी निवासी मानव बंसल की 14 मई को बुलंदशहर के खुर्जा में चामुंडा मंदिर दशहरा में नेहा नाम की लड़की से शादी हुई थी। यह शादी बिचौलियों ने 80 हजार रुपये लेकर कराई थी। यहां पहले लड़की दिखाने का कार्यक्रम था। लड़की जैसे ही लड़का पक्ष को पसंद आई तो बिचौलियों ने तत्काल शादी कराने का दवाब बना डाला। उस समय मानव नेहा को विदा कराकर अपने घर ले आया था। 

गजब, पति कभी भाई तो कभी बन जाता था पिता

गिरोह में कुल तीन दंपति पुलिस के हत्थे चढ़े। यानि छह सदस्यों के अलावा तीन अन्य सदस्यों में दो बिचौलिए व एक शादी करवाने का काम करता था। हैरत की बात है कि शादी कराने के लिए दुल्हनों के असली पति कभी भाई तो कभी पिता बन जाते थे। 

ये हुई बरामदगी 

गले के मोती वाले दो हार, गले का हार, मंगलसूत्र मय पेंडल, चेन, झुमकी, अंगूठी, कुंडल, एक जोड़ी कान की बाली, 10 जोड़ी बिछिया, 6 जोड़ी पायल, एक जनानी घड़ी, एक जोड़ी पीली धातु कानों के टॉप्स, 27200 रुपये व नींद की दवाइयां 12 गोली, 7 मोबाइल फोन कीपैड व एंड्राइड बरामद किए गए हैं।