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Hindi News उत्तर प्रदेशट्रेन से कटकर प्रेमी-प्रेमिका ने दी जान, एक फीट की दूरी पर गिरा सिर, तीन पन्ने का सुसाइड नोट बरामद

ट्रेन से कटकर प्रेमी-प्रेमिका ने दी जान, एक फीट की दूरी पर गिरा सिर, तीन पन्ने का सुसाइड नोट बरामद

बांदा से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। बुधवार तड़के एक प्रेमी युगल ने रेलवे ट्रैक पर सिर रखकर अपनी जान दे दी। ट्रेन से कटने के बाद दोनों के सिर धड़ से एक फीट की दूरी पर जा गिरे।

ट्रेन से कटकर प्रेमी-प्रेमिका ने दी जान, एक फीट की दूरी पर गिरा सिर, तीन पन्ने का सुसाइड नोट बरामद
Pawan Kumar Sharmaहिन्दुस्तान,बांदाWed, 01 May 2024 07:26 PM
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यूपी के बांदा से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। जहां प्रेमी युगल ने रेलवे ट्रैक पर सिर रखकर अपनी जान दे दी। ट्रेन से कटकर दोनों के सिर धड़ से अलग हो गए। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। युवक के आधार कार्ड और सुसाइड पर युवती के पते से शवों की शिनाख्त हुई। पुलिस ने दोनों के परिजनों को सूचना देते हुए शवों को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया।

ये घटना महुटा चौकी के एंचवारा गांव का है। भगवानदास ने अपनी बेटी अर्चना कुशवाहा की शादी इसी साल 21 जनवरी को बिसंडा के जेसीबी ड्राइवर दीपक कुशवाहा से की थी। लेकिन अर्चना अतर्रा के गोखिया स्थित अमृतपुर खेरवा के रामरूप उर्फ बबलू से प्यार करती थी और उसी से शादी करना चाहती थी। वह सूरत में काम करता था। अर्चना शादी के बाद पहली बार मायके आई लेकिन वह 21 मार्च को यहां से भाग निकली और फोन कर परिजनों से कहा कि वह मरने जा रही है।

युवती की बात सुनकर परिजन दंग रह गए उन्होंने उसे मनाने के लिए कहा कि जैसा वह कहेगी, वैसा ही होगा इस पर अर्चना ने कहा कि वह अपने प्रेमी रामरूप के साथ रहना चाहती। इस परिजनों ने कहा पहले उससे पूछ लो कि वह साथ रखने के लिए राजी है? परिजनों ने रामरूप को फोन कर कहा कि अर्चना जैसा कह रही है, उस पर हामी भर दो। रामरूप के हामी भरने के बाद भी अर्चना मायके नहीं लौटी और 22 मार्च को वह रामस्वरूप के पास सूरत पहुंच गई। इसके बाद रामरूप के बताने पर भाई दीपक और पिता सूरत पहुंच गए लेकिन अर्चना लौटने को राजी नहीं हुई। इस पर पिता ने सूरत के पांडेशरा पुलिस की मदद ली तब जाकर वह वापस घर लौटी।

26 मार्च को परिजनों ने अर्चना को ससुराल भेज दिया। लेकिन 15 दिन पहले वह भागकर फिर सूरत पहुंच गई। इधर, ससुर ने 23 अप्रैल को गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करा दी। अर्चना और रामरूप के साथ बांदा लौटी। बुधवार को तड़के में अवंतीनगर के पास रेल ट्रैक पर दोनों सिर रखकर लेट गए और संपर्क क्रांति से कटकर जान दे दी। दोनों के सिर और धड़ एक-दूसरे से एक फीट दूर पड़े मिले। जब इस बात की भनक सहायक स्टेशन मास्टर को लगी तो उन्होंने शहर कोतवाली को जानकारी दी। जिसके बाद आला अधिकारी मौके पर पहुंचे और मामले की तहकीकात में जुट गए। घटनास्थल पर तीन पन्ने के सुसाइड नोट और आधार कार्ड से दोनों शवों की शिनाख्त हुई। पुलिस ने दोनों के परिजनों को सूचित करने के बाद शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।