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मासूम बेटे ने शहीद पंकज को दी मुखाग्नि तो फफक पड़े लोग

1 / 2शहीद पंकज के पार्थिव शरीर को मुखाग्नि देता उनका पांच वर्षीय बेटा।

2 / 2शहीद पंकज का पार्थिव शरीर मथुरा पहुंचा तो उनके अंतिम दर्शन को जनसैलाब उमड़ पड़ा।

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नौहवारी के लाडले पंकज का पार्थिव शरीर जब उनके पैतृक गांव जरेलिया पहुंचा तो उनके अंतिम दर्शनों के लिए जनसैलाब उमड़ पड़ा। वहां मौजूद हर किसी की आंखें नम हो गईं। जब शहीद के पार्थिव शरीर को पूरे सैनिक सम्मान के साथ डेढ़ वर्ष के बेटे रुद्र ने मुखाग्नि दी, तो वहां उपस्थित हजारों लोगों की आंखें नम हो गईं। भारत माता की जय और वंदे मातरम के उद्घोषों से वीर सपूत को विदाई दी गई।
 बता दें कि 27 फरवरी को वायुसेना में तैनात पंकज नौहवार की शहादत की खबर आई तो पूरा क्षेत्र गम में डूब गया। शहीद पंकज का पार्थिव शरीर शुक्रवार को पैतृक गांव पहुंचा। गांव के बाहर बीज गोदाम के निकट शहीद के पार्थिव शरीर को रखा गया, वहीं ग्रामीणों ने अंतिम दर्शन किए। गांव से अंत्येष्टि स्थल तक शहीद को वीरता भरे नारों के साथ हजारों की तादाद में युवा लेकर आए। अंत्येष्टि स्थल पर एयरफोर्स, आर्मी व पुलिस द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।

तिरंगे में लिपटे पंकज को देख गश खाकर गिर पड़ीं मां और पत्नी
रिफाइनरी ( मथुरा)। श्रीनगर में मंगलवार को चॉपर के दुर्घटनाग्रस्त होने पर शहीद हुए मथुरा के लाल पंकज कुमार को नमन करने शुक्रवार को बड़ी संख्या में लोग उनके सारंग बिहार स्थित निवास पर पहुंचे। जब तक शहीद का पार्थिव शरीर वहां रखा रहा, यह इलाका भारत माता की जय और पंकज अमर रहे के नारों से गूंजता रहा। गुरुवार को उनका पार्थिव शरीर वायुसेना के विमान से आगरा पहुंचा था। रात में यहां सेना के अस्पताल में शव रखा गया। 
सेना और पुलिस अधिकारियों के काफिले के साथ सुबह करीब 10.30 बजे सेना के खुले वाहन में जैसे ही शहीद का पार्थिव शरीर बालाजीपुरम की सारंग बिहार कॉलोनी में पहुंचा, तो वहां पहले से शहीद के दर्शन को खड़े लोगों ने गगनभेदी नारे लगाने शुरू कर दिए। युवाओं ने तिरंगा लहराकर जोशीले नारे लगाए और पुष्प वर्षा होने लगी। जब तक सूरज चांद रहेगा, पंकज तेरा नाम रहेगा। वंदे मातरम, भारत माता की जय के नारों से समूचा बालाजीपुरम गूंज उठा। शहीद पंकज के पार्थिव शरीर को सेना के वाहन से उतरते ही अश्रुपूरित नेत्रों से छोटे भाई अजय नोहवार ने कंधा दिया। घर के मुख्य द्वार पर रखे तख्त पर पार्थिव शरीर रखा गया। यहां शहीद की मां, पत्नी व सैकड़ों लोगों ने श्रद्धाजंलि दी। तमाम लोगों ने शहीद के अंतिम दर्शन किए। पुत्र के अंतिम दर्शन के लिए बदहवास और विलाप करती मां रूपा देवी काफी देर तक निहारती रहीं। चेहरे पर अपने हाथों से दुलार कर पुत्र के पार्थिव शरीर पर पुष्प गुच्छ चढ़ाया और गश खाकर जमीन पर गिर गईं। बमुश्किल उन्हें संभाला गया। 

हॉस्पिटल पर एसपी सिटी व सीओ सिटी विजय शंकर मिश्रा आदि अधिकारी मौजूद थे। एसडीएम मांट राजेश पैंसिया ने बताया कि शहीद पंकज सिंह का अंतिम संस्कार शुक्रवार को सुबह 11 बजे उनके पैतृक गांव जरैलिया में किया जायेगा।

पंकज की शहादत पर बाजार रहे बंद
पंकज की शहादत का समाचार जैसे ही क्षेत्र में आया तो पूरा क्षेत्र शोक में डूब गया। बुधवार को ही व्यापारियों ने गुरुवार को बाजार बंद रखने की घोषणा कर दी थी। गुरुवार को सुबह से ही दुकानों के शटरों के ताले नहीं खुले। ऐसा बंद पहली बार देखने को मिला। शोक सभा और श्रद्धांजलियों का दौर चला। दोपहर 2 बजे आक्रोशित युवाओं ने बाजना कट तक हाथों में तिरंगा लिए हुए शहीद की जय-जयकार करते हुए जुलूस निकाला। हाथ में तिरंगा लिए हुए लोग देश भक्ति के नारे लगा रहे थे। हर कोई उसकी शहादत पर फक्र महसूस कर रहा था। 

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  • Web Title:body of martyr Pankaj singh reached Mathura funeral today