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दुर्गा मंदिर में एक साल से कर रहा था व्रत, पूर्णमासी के दिन दे दी खुद की बलि!

दरियाबाद थाना क्षेत्र के उटवा गांव में हुई घटना को लेकर दहशत में दिखे ग्रामीण, छानबीन जारी

उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले से रूह कंपा देने वाली एक घटना सामने आई है. यहां हमेशा पूजा-पाठ में मगन रहने वाले छात्र का शव संदिग्ध अवस्था में गांव में ही स्थित दुर्गा मंदिर के अंदर पाया गया। युवक का गला पीछे से कई स्थानों से कटा हुआ था और मंदिर परिसर में चारों और खून ही खून बिखरा हुआ था। परिजन व ग्रामीणों ने युवक द्वारा स्वयं बलि दिए जाने की बात बताई गई। इकलौते पुत्र की मौत के बाद माता-पिता का रो रो कर बुरा हाल है। घटना दरियाबाद थाना क्षेत्र के उटवा गांव की है। 

बच्चों की सूचना पर गांव मे मचा कोहराम : 
उटवा गांव मे जन्माष्टमी का कार्यक्रम चल रहा था। सोमवार की देर रात को जन्माष्टमी का कार्यक्रम देखकर बच्चे करीब डेढ़-दो बजे वापस लौट रहे थे तो गांव में बने छोटे से दुर्गा मंदिर में कराहने के साथ आवाजें सुन सभी ठिठक गए। अंधेरे में मंदिर के अंदर बच्चों ने देखा कि कोई जमीन पर पड़ा तड़फ रहा है। इसे देखकर बच्चे जोर-जोर से चिल्लाने लगे। आवाज सुनकर काफी संख्या में ग्रामीण एकत्र हुए। ग्रामीणों ने मन्दिर का गेट खोलकर युवक को निकाला। कुछ देर तक युवक तड़फा और फिर प्राण निकल गए। ग्रामीणों ने टार्च की रोशनी मे युवक को देखा तो सभी के मुह से निकला कि अरे यह तो अनिरुद्ध है। घटना की सूचना पाकर मौके पर पहुँचे अनिरुद्ध के पिता स्वामी नाथ यादव व उसकी मा बदहवाश हो गई। 

खुद की बलि चढ़ाने की बात पर जुटे हजारों लोग :
भोर में उटवा गांव में युवक द्वारा खुद को बलि करने की बात जंगल में आग की तरह चारों ओर फैल गई। फिर क्या था देखते ही देखते हजारों की संख्या में ग्रामीण मंदिर पर पहुंचने लगे। ग्रामीणों व परिजनों ने बताया कि जेबीएस कालेज दुल्हदेपुर में बीए की पढ़ाई करने वाला अनिरुद्ध हमेशा पूजा-पाठ करता रहता था। उक्त दुर्गा मंदिर की देखभाल भी वही करता था। रोजना वहां पर भोर में चार-पांच बजे साफ-सफाई व पूजा के लिए आता था। हाल ही मे उसने बिना अन्न खाए एक वर्ष से कर रहे व्रत का परायण कर भण्डारे का आयोजन किया था। जिस मन्दिर मे उसने खुद की बलि दी उसमे घन्टो बैठकर पूजा करता रहता था। ग्रामीणों ने बताया कि रविवार को पूर्णमासी थी, इसलिए उसने खुद की बलि चढ़ा दी। 

गड़ासे के साथ मिला मोबाइल फोन :
आसपास के कई गांवों में फैली सूचना कुछ देर में दरियाबाद थाने भी पहुंची तो कोतवाल समेत कई पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। मौके पर मंदिर के अंदर भारी मात्रा में खून फैला हुआ था। मंदिर के अंदर ही खून से सना बांका व एक मोबाइल फोन भी मिला। पुलिस की सूचना पर फोरेंसिंक टीम भी मौके पर पहुंची। इस दौरान मंदिर के अंदर एक लम्बा बाल, चम्मच, गड़ासा को फोरेंसिक टीम ने अपने कब्जे में जांच के लिए लिया। 


और दबाव में पुलिस नहीं करा पाई पोस्टमार्टम 
परिजन सुबह से ही अनिरुद्ध के अंतिम संस्कार की तैयारी में जुट गए। वहीं मौके पर आई पुलिस पोस्टमार्टम की बात कहने लगी। परिजनों के साथ कुछ ग्रामीण व एक स्थानीय नेता द्वारा पोस्टमार्टम कराने का विरोध शुरू कर दिया गया। तनाव को बढ़ता देख मौजूद कोतवाल ने इसकी सूचना उच्चाधिकारियों को दी। फिर क्या था देखते ही देखते एएसपी अशोक कुमार, एसडीएम सिरौलीगौसपुर संतोष कुमार, सीओ रामसनेहीघाट, टिकैतनगर आदि थाने की पुलिस भी गांव में बुला ली गई। काफी देर तक अधिकारी परिजनों को पोस्टमार्टम कराने के लिए समझाते रहे मगर परिजनों ने एक नहीं सुनी। इसी बीच सत्ताधारी दल के किसी माननीय का फोन आने पर अधिकारियों का रुख नरम पड़ा और उन लोगों ने पंचनामा कर शव को परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। दोपहर बाद अनिरुद्ध का अंतिम संस्कार भी कर दिया गया।

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  • Web Title:Body found in temple feared to be sacrificed