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Hindi News उत्तर प्रदेशबीजेपी का मिशन-2024, जिलों में बिछाई जातीय बिसात, जिलाध्‍यक्षों को नसीहत-सिर्फ बायोडॉटा न बटोरें 

बीजेपी का मिशन-2024, जिलों में बिछाई जातीय बिसात, जिलाध्‍यक्षों को नसीहत-सिर्फ बायोडॉटा न बटोरें 

कुछ महीनों बाद होने जा रहे लोकसभा चुनावों को लेकर बीजेपी ने पूरी तरह कमर कस ली है। सामाजिक मोर्चे पर पेशबंदी तेज कर दी है। सर्वाधिक फोकस अगड़े और पिछड़ों पर है। निगाह तो दलितों पर भी है।

बीजेपी का मिशन-2024, जिलों में बिछाई जातीय बिसात, जिलाध्‍यक्षों को नसीहत-सिर्फ बायोडॉटा न बटोरें 
Ajay Singhविशेष संवाददाता,लखनऊTue, 21 Nov 2023 09:42 AM
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BJP Mission 2024: चंद महीनों बाद होने जा रहे लोकसभा चुनावों को लेकर बीजेपी ने पूरी तरह कमर कस ली है। सामाजिक मोर्चे पर पेशबंदी तेज कर दी है। सर्वाधिक फोकस अगड़े और पिछड़ों पर है। निगाह तो दलितों पर भी है। सोमवार को पार्टी द्वारा घोषित प्रभारियों की फेहरिस्त कुछ इसी ओर इशारा करती है।

दरअसल, विपक्ष के जातीय जनगणना के दांव को विफल करने के लिए भाजपा सांगठनिक स्तर पर जातीय समीकरणों को दुरुस्त करने में पूरी शिद्दत से जुट गई है। उधर, सोमवार को जिलाध्यक्षों को पार्टी नेतृत्व ने दो टूक समझा दिया कि अब जिला और क्षेत्रों में कोई बड़े बदलाव नहीं होंगे।

जिन 68 जिलों में नये अध्यक्ष बने हैं, वहां बेहद जरूरी होने पर ही बदलाव किया जाएगा, वो भी आंशिक। यहां तक कह दिया कि अपनी नई टीम बनाने के लिए बायोडाटा बटोरने का चक्कर छोड़कर चुनावी तैयारी में जुटें।

जिलाध्‍यक्षों से बूथ की इकाई को ठीक करने के साथ ही पन्ना प्रमुखों की सूची को नये सिरे से दुरुस्त करने को कहा गया है। पांच राज्यों के चुनावी नतीजों के बाद केंद्रीय नेतृत्व द्वारा कई बदलाव किए जाने हैं। उससे पहले पार्टी के प्रदेश नेतृत्व ने लोकसभा चुनावों को लेकर जिला और बूथ स्तर पर सियासी व्यूह रचना का काम तेज कर दिया है।

कई निष्क्रिय जिला प्रभारियों की छुट्टी कर दी गई है तो कुछ की भूमिका बदली गई है। पार्टी का सबसे ज्यादा जोर सामाजिक समीकरण दुरुस्त करने पर है। जिलाध्यक्षों के बाद अब जिला प्रभारियों की तैनाती में भी पार्टी ने जातीय और क्षेत्रीय समीकरणों का खासा ख्याल रखा है।

ओबीसी और अगड़ी जातियों से आने वाले चेहरों को वरीयता दी गई है। जो इस बात का इशारा है कि पार्टी जहां परंपरागत अगड़े वोट बैंक को साथ रखना चाहती है, वहीं ओबीसी के एजेंडे पर भी कोई कोर-कसर नहीं छोड़ना चाहती। इसके अलावा पार्टी के कई दलित चेहरों को भी जिलों का प्रभार सौंपा गया है। नई टीम को तत्काल नवीन जिम्मेदारी के साथ जुटने को कहा गया है। वहीं और बदलाव न होने का ऐलान करके प्रदेश नेतृत्व ने निचले स्तर पर कार्यकर्ताओं की ऊहापोह भी खत्म करने का प्रयास किया है।

प्रदेश अध्‍यक्ष और महामंत्री संगठन ने की चुनावी तैयारियों के रोडमैप पर चर्चा 
भाजपा के प्रदेश मुख्यालय में सोमवार को सभी पदाधिकारियों की बैठक हुई। इस बैठक में उन लोगों को भी बुलाया गया, जिन्हें जिलों का प्रभारी बनाया जाना था। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी और महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह ने चुनावी तैयारियों के रोडमैप पर चर्चा की।

महामंत्री संगठन ने स्पष्ट कर दिया कि केवल निष्क्रिय, बीमार होने पर ही जिलों और क्षेत्रीय टीम में बदलाव किया जाएगा। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि एक जिले में सारे मंडल अध्यक्ष बदलने की सूची सांसद ने जिलाध्यक्ष को दे दी। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने इसे और स्पष्ट तौर पर समझा दिया कि किसी को हटाने और बनाने के काम में कोई जिलाध्यक्ष न लगे। ऐसी कोई शिकायत नहीं मिलनी चाहिए कि नये बायोडाटा बटोरने में लगे हैं।